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चार साल बाद भी नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन, बीएमएस
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:11 AM IST
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दीवार से कूदकर गेट पार करती छात्राएं
- फोटो : bureau
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गांव खानपुर कलां स्थित भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में बुधवार को बीएमएस की छात्राओं में विश्वविद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। आरोप है कि चार साल पहले विवि प्रशासन ने बिना अनुमति के दाखिला दे दिया। जिसके कारण उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिससे नाराज होकर छात्राओं ने विवि के गेट पर ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं छात्राओं का कहना है कि जब तक उनका समाधान नहीं होता वह गेट के बाहर से नहीं उठेंगी।
छात्रा सुनेहा, उषा, सोनम, सुचिता, कीर्ति, नेहा, दिव्या, सुमन व मोनू आदि ने बताया कि विवि के आयुर्वेदा कॉलेज में 37 छात्राओं का दाखिला बीएमएस कोर्स के लिए हुआ था। यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है। साढ़े चार साल तक कक्षाओं में जाना होता है और एक साल की इंर्टनशिप होती है। छात्राओं का आरोप है कि फाइल सेमेस्टर का रिजल्ट जनवरी महीने में आना था, लेकिन प्रशासन ने इसे मार्च महीने में घोषित किया। जब उन्होंने विवि प्रशासन से रिजल्ट में देरी का कारण पूछा तो पता चला कि किसी भी छात्रा के दाखिले का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। जिस कारण वें न तो नौकरी कर सकती और न ही इंर्टनशिप कर सकती। रजिस्ट्रेशन की मांग को लेकर वह पिछले लगभग पांच महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनका यह केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। लेकिन छात्राओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में यह केस यह कहकर खारिज कर दिया कि इन छात्राओं का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। छात्राओं का आरोप है 2011 में विवि प्रशासन को छात्राओं का दाखिला कराने की अनुमति नहीं थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने उनका दाखिला किया। हालात यह हैं कि छात्राओं को आज रजिस्ट्रेशन के लिए मारा-मारा फिरना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वें जब अधिकारियों के पास जाते हैं तो केवल गुमराह करने के अलावा कुछ नहीं होता। अधिकारियों के इस रवैये से छात्राओं में काफी रोष है जिससे परेशान होकर छात्राओं ने विवि प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विवि के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। छात्राओं का कहना है कि जब तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक वे ताला नहीं खोलेंगी।
क्या बोली कुलपति
कुलपति प्रो. आशा कादियान ने कहा कि इनका केस सुप्रीम कोर्ट में चला हुआ है। जिसके लिए विवि प्रशासन की एक टीम वीरवार को वकील से मिलने जाएगी। प्रशासन द्वारा छात्राओं के भविष्य के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं।
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छात्रा सुनेहा, उषा, सोनम, सुचिता, कीर्ति, नेहा, दिव्या, सुमन व मोनू आदि ने बताया कि विवि के आयुर्वेदा कॉलेज में 37 छात्राओं का दाखिला बीएमएस कोर्स के लिए हुआ था। यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है। साढ़े चार साल तक कक्षाओं में जाना होता है और एक साल की इंर्टनशिप होती है। छात्राओं का आरोप है कि फाइल सेमेस्टर का रिजल्ट जनवरी महीने में आना था, लेकिन प्रशासन ने इसे मार्च महीने में घोषित किया। जब उन्होंने विवि प्रशासन से रिजल्ट में देरी का कारण पूछा तो पता चला कि किसी भी छात्रा के दाखिले का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। जिस कारण वें न तो नौकरी कर सकती और न ही इंर्टनशिप कर सकती। रजिस्ट्रेशन की मांग को लेकर वह पिछले लगभग पांच महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनका यह केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। लेकिन छात्राओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में यह केस यह कहकर खारिज कर दिया कि इन छात्राओं का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। छात्राओं का आरोप है 2011 में विवि प्रशासन को छात्राओं का दाखिला कराने की अनुमति नहीं थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने उनका दाखिला किया। हालात यह हैं कि छात्राओं को आज रजिस्ट्रेशन के लिए मारा-मारा फिरना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वें जब अधिकारियों के पास जाते हैं तो केवल गुमराह करने के अलावा कुछ नहीं होता। अधिकारियों के इस रवैये से छात्राओं में काफी रोष है जिससे परेशान होकर छात्राओं ने विवि प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विवि के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। छात्राओं का कहना है कि जब तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक वे ताला नहीं खोलेंगी।
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क्या बोली कुलपति
कुलपति प्रो. आशा कादियान ने कहा कि इनका केस सुप्रीम कोर्ट में चला हुआ है। जिसके लिए विवि प्रशासन की एक टीम वीरवार को वकील से मिलने जाएगी। प्रशासन द्वारा छात्राओं के भविष्य के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं।
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