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अब तक धरने पर नहीं पहुंचा कोई इनेलो और कांग्रेस जनप्रतिनिधि
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:16 AM IST
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धरने को संबोधित करते अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दहिया।
- फोटो : bureau
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जाट आरक्षण आंदोलन के तहत लघु सचिवालय के बाहर चल रहा जाट न्याय धरना बुधवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गया। रोहतक के जसिया की तरह अभी तक धरने पर कांग्रेस और इनेलो के विधायक या सांसद कोई नहीं पहुंचा है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दहिया का कहना है कि वे किसी नेता को बुलाएंगे नहीं। कोई आकर समर्थन देना चाहता है तो उसका स्वागत है।
धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि सरकार प्रदेश में जातिवाद का जहर घोलकर 35 बिरादरी एक तरफ तथा एक बिरादरी को एक तरफ करना चाहती थी। हालांकि सरकार ने अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो जल्द ही पूरी 36 बिरादरी मिलकर जाट के हक की आवाज सरकार के खिलाफ उठाएंगी। जाट नेताओं ने कहा कि हम किसी जाति का हक नहीं मार रहे हैं। जाट समुदाय सिर्फ अपने साथ हुए अन्याय को दूर करने का प्रयास कर रहा है। धरने को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि अहीर, गुर्जर, सैनी जैसी किसान जातियों को जब आरक्षण मिला है तो हमें भी मिलना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अगर सरकार अहीर, गुर्जर, सैनी जाति का आरक्षण समाप्त करती है तो वे भी आरक्षण की मांग नहीं करेंगे। वहीं क्रमिक अनशन शुरू होने के बाद बुधवार को हरि प्रकाश मंडल व चन्द्र सागवान भूख हड़ताल पर बैठे।
जाटों को पार्टी से ऊपर उठकर दें समर्थन
बुधवार को धरने स्थल पर कई इनेलो तथा कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे और अपनी पार्टियों की तरफ से समर्थन देने की बात कही, लेकिन समिति के लोगों ने बीच में टोकते हुए साफ किया कि कोई भी नेता सिर्फ पार्टी के नाम पर समर्थन देकर राजनीतिक बयान न दे, बल्कि जाटों के संघर्ष में साथ दे। बुधवार को दूसरे समुदायों से भी कई व्यक्ति धरना स्थल पर पहुंचे।
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फोर्स हटा ले प्रशासन, शांति भंग नहीं होगी
जाट नेता राजेश दहिया ने कहा कि जाट शांतिपूर्वक तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार बेवजह प्रदेश में पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां का बोझ आम आदमी पर डाल रही है। धरना शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा। अगर आंदोलन की रूपरेखा को बदला जाएगा तो सरकार और प्रशासन को सचेत कर दिया जाएगा। जाट चुपचाप कोई अलग कदम नहीं उठाएंगे।
फाइल पूरी करने में लग रहा है समय
फरवरी में जाट युवाओं पर दर्ज हुए मुकदमों की पुलिस के सामने पैरवी करने के लिए जाट नेताओं ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। बुधवार को कुराड़, हसनपुर, कुमासपुर, गोहाना, नांगल आदि गांवों के युवाओं का रिकार्ड तैयार किया गया, ताकि 17 जून को पुलिस के आला अधिकारियों के साथ होने वाली संभावित बैठक में जेल में बंद युवकों की पैरवी की जा सके।
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धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि सरकार प्रदेश में जातिवाद का जहर घोलकर 35 बिरादरी एक तरफ तथा एक बिरादरी को एक तरफ करना चाहती थी। हालांकि सरकार ने अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो जल्द ही पूरी 36 बिरादरी मिलकर जाट के हक की आवाज सरकार के खिलाफ उठाएंगी। जाट नेताओं ने कहा कि हम किसी जाति का हक नहीं मार रहे हैं। जाट समुदाय सिर्फ अपने साथ हुए अन्याय को दूर करने का प्रयास कर रहा है। धरने को संबोधित करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि अहीर, गुर्जर, सैनी जैसी किसान जातियों को जब आरक्षण मिला है तो हमें भी मिलना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अगर सरकार अहीर, गुर्जर, सैनी जाति का आरक्षण समाप्त करती है तो वे भी आरक्षण की मांग नहीं करेंगे। वहीं क्रमिक अनशन शुरू होने के बाद बुधवार को हरि प्रकाश मंडल व चन्द्र सागवान भूख हड़ताल पर बैठे।
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जाटों को पार्टी से ऊपर उठकर दें समर्थन
बुधवार को धरने स्थल पर कई इनेलो तथा कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे और अपनी पार्टियों की तरफ से समर्थन देने की बात कही, लेकिन समिति के लोगों ने बीच में टोकते हुए साफ किया कि कोई भी नेता सिर्फ पार्टी के नाम पर समर्थन देकर राजनीतिक बयान न दे, बल्कि जाटों के संघर्ष में साथ दे। बुधवार को दूसरे समुदायों से भी कई व्यक्ति धरना स्थल पर पहुंचे।
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फोर्स हटा ले प्रशासन, शांति भंग नहीं होगी
जाट नेता राजेश दहिया ने कहा कि जाट शांतिपूर्वक तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार बेवजह प्रदेश में पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां का बोझ आम आदमी पर डाल रही है। धरना शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा। अगर आंदोलन की रूपरेखा को बदला जाएगा तो सरकार और प्रशासन को सचेत कर दिया जाएगा। जाट चुपचाप कोई अलग कदम नहीं उठाएंगे।
फाइल पूरी करने में लग रहा है समय
फरवरी में जाट युवाओं पर दर्ज हुए मुकदमों की पुलिस के सामने पैरवी करने के लिए जाट नेताओं ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। बुधवार को कुराड़, हसनपुर, कुमासपुर, गोहाना, नांगल आदि गांवों के युवाओं का रिकार्ड तैयार किया गया, ताकि 17 जून को पुलिस के आला अधिकारियों के साथ होने वाली संभावित बैठक में जेल में बंद युवकों की पैरवी की जा सके।