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25वें दिन तय हो जाएगी गोहाना और गन्नौर की चौधर
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:19 AM IST
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स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं। तय किए गए चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक जिले के अंदर गोहाना नगर परिषद और गन्नौर नगर पालिका का 22 मई को चुनाव होगा। जबकि सोनीपत नगर निगम के चुनाव वार्डबंदी पूरी न होने से अभी नहीं होंगे, जबकि नगर पालिका खरखौदा का अभी दो साल का कार्यकाल बचा है।
महिला पार्षद के हाथ में होगी गोहाना की चौधर, पंजाबी समुदाय का रहा है दबदबा
प्रदेश की राजनीति में गोहाना का अहम मुकाम है, जहां की धरती पर समय-समय पर राजनीतिक दल बड़ी-बड़ी रैलियां करते रहे हैं। उपमंडल के ग्रामीण एरिया को जहां जाटलैंड माना जाता है, वहीं शहर की चौधर ज्यादातर समय पंजाबी समुदाय के हाथ में रही है। हालांकि गैर पंजाबी समुदाय की संख्या समय के साथ बढ़ती जा रही है। प्रदेश सरकार ने दो साल पहले नगर पालिका को नगर परिषद का दर्जा दिया। साथ ही जनवरी महीने में गोहाना नगर परिषद के चेयरमैन की कुर्सी महिला पार्षद के लिए आरक्षित की गई।
संख्या के साथ ही बदल गई गोहाना नप की राजनीति
नगर परिषद में पहले 21 वार्ड होते थे, लेकिन फेरबदल करके प्रशासन ने दो वार्ड और बढ़ा दिए हैं। 23 वार्ड होने से सभी वार्डों के आकार पर असर पड़ा है। कई मोहल्ले पुराने वार्डों से निकलकर नए वार्डों में आ गए हैं। इस कारण गोहाना शहर की चौधर करने वाले नेताओं को नए सिरे से गणित लगानी पड़ रही है।
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दंगों के बाद पहला चुनाव, सुरक्षा रहेगा मुद्दा
फरवरी महीने में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक और झज्जर के बाद प्रदेश के अंदर सबसे ज्यादा आगजनी व हिंसा गोहाना सिटी में ही हुई। हिंसा के बाद प्रदेश के अंदर स्थानीय निकाय के चुनाव ही पहली राजनीतिक सरगर्मी हैं। इसके चलते गोहाना नगर परिषद के चुनाव में सुरक्षा अहम मुद्दा बन सकती है। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि पंजाबी, सैनी समाज के लोगों ने अपनी कॉलोनियों के बाहर गेट तक लगवा लिए हैं। साथ ही बाहरी वार्डों के अंदर भी मतदाता खामोश हैं। इसके चलते मतदाता के मूड का प्रत्याशी तक अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं।
वार्ड 17 में सबसे कम मतदाता
नगर परिषद बनने के बाद वार्ड बंदी कराने पर वार्ड की संख्या 21 से बढ़कर 23 हो गई है। मतदाता सूची के अनुसार सबसे कम मतदाताओं की संख्या वाला वार्ड 17 नंबर है। इस वार्ड में 1009 मतदाता हैं। जबकि सबसे अधिक मतदाता वार्ड नंबर सात में है। यहां मतदाताओं की संख्या 2605 है। सात ऐसे वार्ड हैं, जिनमें मतदाताओं की संख्या दो हजार से अधिक है। इनमें वार्ड तीन में 2042, सात में 2605, आठ में 2010, नौ में 2491, 12 में 2323, 13 में 2137 और 19 में 2329 मतदाता है।
गन्नौर में होगी खुली जंग, 17 वार्डों में होगा चुनाव
राज्य चुनाव आयुक्त द्वारा 22 मई को निकाय चुनाव की घोषण के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। गन्नौर में 17 वार्डों के लिए पार्षदों का चुनाव होगा। संशोधन के बाद वार्डों की संख्या 2 बढ़ी है। गौरतलब है कि 2010 में हुए चुनाव के दौरान नगर पालिका गन्नौर में जनगणना सर्वे के दौरान आबादी 35499 थी। इस आधार पर कुल 15 वार्ड बनाए गए थे। इनमें से तीन वार्ड अनुसूचित जाति और दो वार्ड पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे। उस समय मतदाताओं की संख्या 20 हजार 657 थी। वहीं इस बार सर्वे के दौरान आबादी 40,688 मिली। मतदाताओं की संख्या 27,556 है। इस तरह वार्डों की संख्या को 2 बढ़ाकर 15 से 17 कर दी गई।
छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
शहर के 17 वार्डों में से छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से वार्ड संख्या 2 एससी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि वार्ड संख्या 4, 7, 11, 14 और 16 सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा वार्ड 1 और 17 में बैकवर्ड, वार्ड संख्या 6 और 10 में अनुसूचित वर्ग की पुरुष या महिला प्रत्याशी चुनाव में अपनी ताल ठोक सकते हैं। जबकि वार्ड संख्या 3, 5, 8, 9, 12, 13 और 15 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
वार्ड 5 सबसे छोटा और वार्ड 14 सबसे बड़ा वार्ड
निकाय चुनाव बात की जाए तो गन्नौर नपा क्षेत्र में कुल 27,556 मतदाता शामिल हैं। इनमें 14,530 पुरुष और 13,026 महिला मतदाता शामिल हैं। वहीं वार्डवाइज मतदाताओं की बात की जाए तो वार्ड संख्या 5 सबसे छोटा है। यहां मतदाताओं की संख्या मात्र 832 है। वार्ड-14 सबसे बड़ा वार्ड है। यहां मतदाताओं की संख्या 2474 है। इसके अलावा वार्ड-1 में 847 पुरुष और 745 महिलाओं के साथ कुल 1592 मतदाता, वार्ड-2 में 679 पुरुष और 543 महिलाओं के साथ कुल 1222 मतदाता, वार्ड-3 में 659 पुरुष और 554 महिलाओं के साथ कुल 1213 मतदाता, वार्ड-4 में 607 पुरुष और 503 महिलाओं के साथ कुल 1110 मतदाता, वार्ड-5 में 475 पुरुष और 357 महिलाओं के साथ कुल 832 मतदाता, वार्ड 6 में 830 पुरुष और 731 महिलाओं के साथ कुल 1561 मतदाता, वार्ड 7 में 1001 पुरुष और 818 महिलाओं के साथ कुल 1819 मतदाता, वार्ड-8 में 621 पुरुष और 541 महिलाओं के साथ कुल 1162 मतदाता, वार्ड-9 में 966 पुरुष और 933 महिलाओं के साथ कुल 1899 मतदाता, वार्ड 10 में पुरुष 996 और 890 महिलाओं के साथ कुल 1886 मतदाता, वार्ड 11 में 682 पुरुष और 620 महिलाओं के साथ कुल 1302 मतदाता, वार्ड 12 में 1060 पुरुष और 988 महिलाओं के साथ कुल 2048 मतदाता, वार्ड 13 में 885 पुरुष और 810 महिलाओं के साथ कुल 1695 मतदाता, वार्ड-14 में 1251 पुरुष और 1223 महिलाओं के साथ कुल 2474 मतदाता, वार्ड-15 में 1144 पुरुष और 1109 महिलाओं के साथ कुल 2253 मतदाता, वार्ड-16 में 1142 पुरुष और 1061 महिलाओं के साथ कुल 2203 मतदाता, वार्ड-17 में 685 पुरुष और 600 महिलाओं के साथ कुल 1285 मतदाता अपने पार्षदों का चुनाव करेंगे।
आचार संहिता से रुके विकास कार्य, मीटिंग रद्द
खनन एवं भूगर्भ राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को होने वाली मासिक जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक को चुनाव आचार संहिता के चलते रद्द कर दिया गया है। साथ ही गोहाना और गन्नौर में नए विकास कार्यों की शुरूआत पर रोक लगा दी गई है।
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महिला पार्षद के हाथ में होगी गोहाना की चौधर, पंजाबी समुदाय का रहा है दबदबा
प्रदेश की राजनीति में गोहाना का अहम मुकाम है, जहां की धरती पर समय-समय पर राजनीतिक दल बड़ी-बड़ी रैलियां करते रहे हैं। उपमंडल के ग्रामीण एरिया को जहां जाटलैंड माना जाता है, वहीं शहर की चौधर ज्यादातर समय पंजाबी समुदाय के हाथ में रही है। हालांकि गैर पंजाबी समुदाय की संख्या समय के साथ बढ़ती जा रही है। प्रदेश सरकार ने दो साल पहले नगर पालिका को नगर परिषद का दर्जा दिया। साथ ही जनवरी महीने में गोहाना नगर परिषद के चेयरमैन की कुर्सी महिला पार्षद के लिए आरक्षित की गई।
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संख्या के साथ ही बदल गई गोहाना नप की राजनीति
नगर परिषद में पहले 21 वार्ड होते थे, लेकिन फेरबदल करके प्रशासन ने दो वार्ड और बढ़ा दिए हैं। 23 वार्ड होने से सभी वार्डों के आकार पर असर पड़ा है। कई मोहल्ले पुराने वार्डों से निकलकर नए वार्डों में आ गए हैं। इस कारण गोहाना शहर की चौधर करने वाले नेताओं को नए सिरे से गणित लगानी पड़ रही है।
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दंगों के बाद पहला चुनाव, सुरक्षा रहेगा मुद्दा
फरवरी महीने में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक और झज्जर के बाद प्रदेश के अंदर सबसे ज्यादा आगजनी व हिंसा गोहाना सिटी में ही हुई। हिंसा के बाद प्रदेश के अंदर स्थानीय निकाय के चुनाव ही पहली राजनीतिक सरगर्मी हैं। इसके चलते गोहाना नगर परिषद के चुनाव में सुरक्षा अहम मुद्दा बन सकती है। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि पंजाबी, सैनी समाज के लोगों ने अपनी कॉलोनियों के बाहर गेट तक लगवा लिए हैं। साथ ही बाहरी वार्डों के अंदर भी मतदाता खामोश हैं। इसके चलते मतदाता के मूड का प्रत्याशी तक अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं।
वार्ड 17 में सबसे कम मतदाता
नगर परिषद बनने के बाद वार्ड बंदी कराने पर वार्ड की संख्या 21 से बढ़कर 23 हो गई है। मतदाता सूची के अनुसार सबसे कम मतदाताओं की संख्या वाला वार्ड 17 नंबर है। इस वार्ड में 1009 मतदाता हैं। जबकि सबसे अधिक मतदाता वार्ड नंबर सात में है। यहां मतदाताओं की संख्या 2605 है। सात ऐसे वार्ड हैं, जिनमें मतदाताओं की संख्या दो हजार से अधिक है। इनमें वार्ड तीन में 2042, सात में 2605, आठ में 2010, नौ में 2491, 12 में 2323, 13 में 2137 और 19 में 2329 मतदाता है।
गन्नौर में होगी खुली जंग, 17 वार्डों में होगा चुनाव
राज्य चुनाव आयुक्त द्वारा 22 मई को निकाय चुनाव की घोषण के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। गन्नौर में 17 वार्डों के लिए पार्षदों का चुनाव होगा। संशोधन के बाद वार्डों की संख्या 2 बढ़ी है। गौरतलब है कि 2010 में हुए चुनाव के दौरान नगर पालिका गन्नौर में जनगणना सर्वे के दौरान आबादी 35499 थी। इस आधार पर कुल 15 वार्ड बनाए गए थे। इनमें से तीन वार्ड अनुसूचित जाति और दो वार्ड पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे। उस समय मतदाताओं की संख्या 20 हजार 657 थी। वहीं इस बार सर्वे के दौरान आबादी 40,688 मिली। मतदाताओं की संख्या 27,556 है। इस तरह वार्डों की संख्या को 2 बढ़ाकर 15 से 17 कर दी गई।
छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
शहर के 17 वार्डों में से छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से वार्ड संख्या 2 एससी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि वार्ड संख्या 4, 7, 11, 14 और 16 सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा वार्ड 1 और 17 में बैकवर्ड, वार्ड संख्या 6 और 10 में अनुसूचित वर्ग की पुरुष या महिला प्रत्याशी चुनाव में अपनी ताल ठोक सकते हैं। जबकि वार्ड संख्या 3, 5, 8, 9, 12, 13 और 15 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
वार्ड 5 सबसे छोटा और वार्ड 14 सबसे बड़ा वार्ड
निकाय चुनाव बात की जाए तो गन्नौर नपा क्षेत्र में कुल 27,556 मतदाता शामिल हैं। इनमें 14,530 पुरुष और 13,026 महिला मतदाता शामिल हैं। वहीं वार्डवाइज मतदाताओं की बात की जाए तो वार्ड संख्या 5 सबसे छोटा है। यहां मतदाताओं की संख्या मात्र 832 है। वार्ड-14 सबसे बड़ा वार्ड है। यहां मतदाताओं की संख्या 2474 है। इसके अलावा वार्ड-1 में 847 पुरुष और 745 महिलाओं के साथ कुल 1592 मतदाता, वार्ड-2 में 679 पुरुष और 543 महिलाओं के साथ कुल 1222 मतदाता, वार्ड-3 में 659 पुरुष और 554 महिलाओं के साथ कुल 1213 मतदाता, वार्ड-4 में 607 पुरुष और 503 महिलाओं के साथ कुल 1110 मतदाता, वार्ड-5 में 475 पुरुष और 357 महिलाओं के साथ कुल 832 मतदाता, वार्ड 6 में 830 पुरुष और 731 महिलाओं के साथ कुल 1561 मतदाता, वार्ड 7 में 1001 पुरुष और 818 महिलाओं के साथ कुल 1819 मतदाता, वार्ड-8 में 621 पुरुष और 541 महिलाओं के साथ कुल 1162 मतदाता, वार्ड-9 में 966 पुरुष और 933 महिलाओं के साथ कुल 1899 मतदाता, वार्ड 10 में पुरुष 996 और 890 महिलाओं के साथ कुल 1886 मतदाता, वार्ड 11 में 682 पुरुष और 620 महिलाओं के साथ कुल 1302 मतदाता, वार्ड 12 में 1060 पुरुष और 988 महिलाओं के साथ कुल 2048 मतदाता, वार्ड 13 में 885 पुरुष और 810 महिलाओं के साथ कुल 1695 मतदाता, वार्ड-14 में 1251 पुरुष और 1223 महिलाओं के साथ कुल 2474 मतदाता, वार्ड-15 में 1144 पुरुष और 1109 महिलाओं के साथ कुल 2253 मतदाता, वार्ड-16 में 1142 पुरुष और 1061 महिलाओं के साथ कुल 2203 मतदाता, वार्ड-17 में 685 पुरुष और 600 महिलाओं के साथ कुल 1285 मतदाता अपने पार्षदों का चुनाव करेंगे।
आचार संहिता से रुके विकास कार्य, मीटिंग रद्द
खनन एवं भूगर्भ राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को होने वाली मासिक जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक को चुनाव आचार संहिता के चलते रद्द कर दिया गया है। साथ ही गोहाना और गन्नौर में नए विकास कार्यों की शुरूआत पर रोक लगा दी गई है।