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एंबुलेंस में विकलांग महिला ने दिया बच्चे को जन्म
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:18 AM IST
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एंबुलेंस
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स्वास्थ्य विभाग की जच्चा-बच्चा योजना सवालों के घेरे में है। एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गर्भवती महिला ने एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया है। हालांकि महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से अस्पताल के दावों की पोल जरूर खुल गई है। हुआ यूं कि गांव मुरथल के रहने वाले श्रवण की पत्नी सुशीला को मंगलवार को प्रसव पीड़ा के चलते मुरथल पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां पर डॉक्टरों ने एक दिन रखने के बाद बिना किसी जांच के ही उसे नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उधर, नागरिक अस्पताल में भी डॉक्टरों ने बिना किसी जांच के ही हालत गंभीर बताकर डिलीवरी के लिए खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया। एंबुलेंस आने के बाद सुशीला को पीजीआई खानपुर ले जाया जा रहा था। उसी दौरान कांकाणा गांव के पास बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस चालक ने बड़ी सावधानी से जच्चा और बच्चा को पीजीआई पहुंचाया। जहां पर दोनों का इलाज चल रहा है।
नहीं आया रहम, एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी
सुशीला अपाहिज है और उसे सोमवार से ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी, लेकिन डॉक्टरों ने टाइम का बहाना बनाकर वापस भेज दिया। मंगलवार को तेजी से प्रसव पीड़ा बढ़ने से उसे दोबारा से मुरथल पीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए करीब 24 घंटे के बाद उसे नागरिक अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां पर भी डॉक्टरों को रहम नहीं आया और उसे पीजीआई भेज दिया गया। यहां पर अल्ट्रासाउंड नहीं होने का बहाना बनाकर बचते नजर आते रहे।
पहले भी हो चुके है कई बार एंबुलेंस में डिलवरी
एंबुलेंस में डिलीवरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कई बार एंबुलेंस में गर्भवती महिलाओ ने बच्चों को जन्म दिया है लेकिन उसके बाद भी इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जिसके चलते एंबुलेंस चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। पूरे मामले के बारे में डाक्टरों से पूछा जाएगा की किसह वजह से ऐसा किया गया है अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
-जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
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नहीं आया रहम, एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी
सुशीला अपाहिज है और उसे सोमवार से ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी, लेकिन डॉक्टरों ने टाइम का बहाना बनाकर वापस भेज दिया। मंगलवार को तेजी से प्रसव पीड़ा बढ़ने से उसे दोबारा से मुरथल पीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए करीब 24 घंटे के बाद उसे नागरिक अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां पर भी डॉक्टरों को रहम नहीं आया और उसे पीजीआई भेज दिया गया। यहां पर अल्ट्रासाउंड नहीं होने का बहाना बनाकर बचते नजर आते रहे।
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पहले भी हो चुके है कई बार एंबुलेंस में डिलवरी
एंबुलेंस में डिलीवरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कई बार एंबुलेंस में गर्भवती महिलाओ ने बच्चों को जन्म दिया है लेकिन उसके बाद भी इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जिसके चलते एंबुलेंस चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। पूरे मामले के बारे में डाक्टरों से पूछा जाएगा की किसह वजह से ऐसा किया गया है अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
-जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत