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मुंडलाना में ग्रामीणों को नहीं मिले पैसे, बैंक का गिराया शटर, रोड किया जाम
अमर उजाला, गोहाना
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:16 AM IST
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सड़क के बीचोंबीच बैठककर जाम लगाते हुए गांव मुंडलाना के महकिला व पुरुष।
- फोटो : sonipat
पानीपत-गोहाना रोड पर स्थित उपमंडल के गांव मुंडलाना के लोगों ने बैंक में नकदी न मिलने से क्षुब्ध होकर पहले पंजाब नेशनल बैंक की शाखा को जाम लगा दिया और बाद में नेशनल हाईवे जाम कर दिया। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। इस दौरान डीएसपी राजीव देशवाल व नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाकर करीब पौने दो घंटे बाद जाम खुलवाया। जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नोटबंदी के बाद बैंकों में नकदी की कमी दूर नहीं हो पा रही है। आए दिन लोग परेशान होकर बैंक अधिकारियों को बंधक बना रहे हैं या फिर रोड जाम कर रहे हैं। सोमवार को भी गांव मुंडलाना में ग्रामीणों ने बैंक शटर गिरा दिया और नेशनल हाईवे 71ए पर बैठकर रोड जाम कर दिया। इससे गांव के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस व बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को बार-बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रास्ता खोलने को तैयार नहीं हुए।
कई दिनों से काट रहे हैं बैंक के चक्कर
ग्रामीण रामचंद्र, सुरेश, आजाद लठवाल, सुरेंद्र, संदीप व बीरमती, संतरा, संतोष, बिमला, राजवंती व रामकौर आदि ने कहा कि इतने दिनों से वे बैंक के चक्कर काट रहे हैं। जब भी बैंक में आते हैं कर्मचारी नकदी न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक के कर्मचारी उन्हें नकदी नहीं दे रहे हैं, जिससे उनकी जिंदगी ठहर सी गई है। रोजमर्रा की चीजें भी उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि बच्चों की फीस, घर के अन्य खर्च व लेबर को देने के लिए किसानों के पास पैसा नहीं है। जो नकदी थी वह बैंकों में जमा करा चुके हैं। अब बैंक पैसा नहीं दे रहा है।
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बार-बार आश्वासन दे रहे कर्मचारी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक के कर्मचारी बार-बार आश्वासन देकर उन्हें लौटा देते हैं। पिछले एक सप्ताह से बैंक में कैश नहीं आया है। जो नकदी आती है, मैनेजर व अन्य अपने चहेते लोगों को बांट देते हैं। इससे आम आदमी काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मजबूर होकर रोड जाम करना पड़ रहा है। जब कोई उनकी सुनवाई नहीं करेगा तो वे कहां जाएं।
उधार में नहीं मिल रहा सामान
ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों में शादी होने के बावजूद पैसा नहीं दिया जा रहा है। बैंकों में कैश न होने के कारण उन्हें नकदी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में शादी करना भी कठिन हो रहा है और दुकानदार उधार में सामान देने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने जब से 1000 व 500 रुपये के नोट बंद किए हैं, तब से गांव के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। किसानों का कहना है गांव के अधिकतर लोग खेती का काम करते हैं। किसी तरह उन्होंने बिजाई तो कर दी है। अब फसलों में खाद आदि डालने में दिक्कत आ रही है।
जितना कैश आ रहा है उतना बांट रहे हैं
पंजाब नेशनल बैंक मुंडलाना शाखा के मैनेजर हरदीप सिंह ने बताया कि बैंक में जितनी भी नकदी आ रही है, उतनी ही लोगों को बांटी जा रही है। दो दिन छुट्टी होने के कारण नकदी नहीं आ सकी। इस कारण थोड़ी सी दिक्कत हो गई। ग्रामीण शाखा होने के कारण बैंक में जमा होने वाली राशि काफी कम आ रही है। शहरों में रोजाना डिपॉजिट आ जाता है। इससे वहां दिक्कत कम है। निकट भविष्य में समस्या का समाधान हो जाएगा।
डीएसपी ने खुलवाया जाम
गोहाना-पानीपत पर गांव मुंडलाना में जाम कराने वाले ग्रामीणों ने डीएसपी राजीव देशवाल व नायब तहसीलदार मोहन लाल द्वारा आश्वासन देने के बाद ही जाम खोला। जब ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने मामले दर्ज करने की चेतावनी दी। उसके बाद गांव के ही कुछ लोगों ने आपस में बात कर डीएसपी के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया।
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नोटबंदी के बाद बैंकों में नकदी की कमी दूर नहीं हो पा रही है। आए दिन लोग परेशान होकर बैंक अधिकारियों को बंधक बना रहे हैं या फिर रोड जाम कर रहे हैं। सोमवार को भी गांव मुंडलाना में ग्रामीणों ने बैंक शटर गिरा दिया और नेशनल हाईवे 71ए पर बैठकर रोड जाम कर दिया। इससे गांव के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस व बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को बार-बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रास्ता खोलने को तैयार नहीं हुए।
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कई दिनों से काट रहे हैं बैंक के चक्कर
ग्रामीण रामचंद्र, सुरेश, आजाद लठवाल, सुरेंद्र, संदीप व बीरमती, संतरा, संतोष, बिमला, राजवंती व रामकौर आदि ने कहा कि इतने दिनों से वे बैंक के चक्कर काट रहे हैं। जब भी बैंक में आते हैं कर्मचारी नकदी न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक के कर्मचारी उन्हें नकदी नहीं दे रहे हैं, जिससे उनकी जिंदगी ठहर सी गई है। रोजमर्रा की चीजें भी उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि बच्चों की फीस, घर के अन्य खर्च व लेबर को देने के लिए किसानों के पास पैसा नहीं है। जो नकदी थी वह बैंकों में जमा करा चुके हैं। अब बैंक पैसा नहीं दे रहा है।
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बार-बार आश्वासन दे रहे कर्मचारी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक के कर्मचारी बार-बार आश्वासन देकर उन्हें लौटा देते हैं। पिछले एक सप्ताह से बैंक में कैश नहीं आया है। जो नकदी आती है, मैनेजर व अन्य अपने चहेते लोगों को बांट देते हैं। इससे आम आदमी काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मजबूर होकर रोड जाम करना पड़ रहा है। जब कोई उनकी सुनवाई नहीं करेगा तो वे कहां जाएं।
उधार में नहीं मिल रहा सामान
ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों में शादी होने के बावजूद पैसा नहीं दिया जा रहा है। बैंकों में कैश न होने के कारण उन्हें नकदी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में शादी करना भी कठिन हो रहा है और दुकानदार उधार में सामान देने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने जब से 1000 व 500 रुपये के नोट बंद किए हैं, तब से गांव के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। किसानों का कहना है गांव के अधिकतर लोग खेती का काम करते हैं। किसी तरह उन्होंने बिजाई तो कर दी है। अब फसलों में खाद आदि डालने में दिक्कत आ रही है।
जितना कैश आ रहा है उतना बांट रहे हैं
पंजाब नेशनल बैंक मुंडलाना शाखा के मैनेजर हरदीप सिंह ने बताया कि बैंक में जितनी भी नकदी आ रही है, उतनी ही लोगों को बांटी जा रही है। दो दिन छुट्टी होने के कारण नकदी नहीं आ सकी। इस कारण थोड़ी सी दिक्कत हो गई। ग्रामीण शाखा होने के कारण बैंक में जमा होने वाली राशि काफी कम आ रही है। शहरों में रोजाना डिपॉजिट आ जाता है। इससे वहां दिक्कत कम है। निकट भविष्य में समस्या का समाधान हो जाएगा।
डीएसपी ने खुलवाया जाम
गोहाना-पानीपत पर गांव मुंडलाना में जाम कराने वाले ग्रामीणों ने डीएसपी राजीव देशवाल व नायब तहसीलदार मोहन लाल द्वारा आश्वासन देने के बाद ही जाम खोला। जब ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने मामले दर्ज करने की चेतावनी दी। उसके बाद गांव के ही कुछ लोगों ने आपस में बात कर डीएसपी के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया।