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भूमि विवाद में चचेरे भाई की हत्या करने वाले को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:26 AM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने चचेरे भाई की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोप सिद्ध होने पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी युवक ने भूमि विवाद में अपने चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जून 2014 का है मामला
गांव सोहटी निवासी जतिन (20) पुत्र मुकेश 27 जून, 2014 के अपने घर पर था। इसी दौरान उसके पास चचेरे भाई अंकित ने फोन कर उसे खेत में आने को कहा था। जतिन अपनी सेंट्रो कार लेकर खेत में चला गया था। वहां पहले से ही कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल लेकर खड़े अंकित ने खेत में पहुंचते ही जतिन की गोली मारकर हत्या कर दी थी और मोटरसाइकिल पर फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में अंकित के खिलाफ हत्या व छह अन्य के खिलाफ हत्या का षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि जतिन की हत्या भूमि विवाद को लेकर की गई थी। सामने आया था कि अंकित के पिता सतबीर के पांच भाई हैं। इसमें जगबीर बहादुरगढ़ में रहता है। बताया गया था सतबीर ने बहादुरगढ़ रोड स्थित भूमि पर दुकान बना रखी है। इसे लेकर सतबीर व जगबीर में मनमुटाव था। इसमें जतिन जगबीर की मदद करता था, जिसे लेकर सतबीर के परिवार की उससे कहासुनी भी हुई थी। इसी कहासुनी के निपटारे की बात कहकर अंकित ने उसे खेत में बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद अरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार की अदालत ने अंकित को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में षड्यंत्र में नामजद अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
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जून 2014 का है मामला
गांव सोहटी निवासी जतिन (20) पुत्र मुकेश 27 जून, 2014 के अपने घर पर था। इसी दौरान उसके पास चचेरे भाई अंकित ने फोन कर उसे खेत में आने को कहा था। जतिन अपनी सेंट्रो कार लेकर खेत में चला गया था। वहां पहले से ही कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल लेकर खड़े अंकित ने खेत में पहुंचते ही जतिन की गोली मारकर हत्या कर दी थी और मोटरसाइकिल पर फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में अंकित के खिलाफ हत्या व छह अन्य के खिलाफ हत्या का षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि जतिन की हत्या भूमि विवाद को लेकर की गई थी। सामने आया था कि अंकित के पिता सतबीर के पांच भाई हैं। इसमें जगबीर बहादुरगढ़ में रहता है। बताया गया था सतबीर ने बहादुरगढ़ रोड स्थित भूमि पर दुकान बना रखी है। इसे लेकर सतबीर व जगबीर में मनमुटाव था। इसमें जतिन जगबीर की मदद करता था, जिसे लेकर सतबीर के परिवार की उससे कहासुनी भी हुई थी। इसी कहासुनी के निपटारे की बात कहकर अंकित ने उसे खेत में बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित को गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले की सुनवाई के बाद अरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार की अदालत ने अंकित को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में षड्यंत्र में नामजद अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
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