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पहले बाहर निकाले मीटर, फिर तार काटकर चहेतों के लगा दिए अंदर
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:34 AM IST
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बॉक्स में लगे तीन मीटर, चौथे मीटर की कटी तार पर लगी टेप।
- फोटो : bureau
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बिजली चोरी रोकने के लिए निगम की ओर से मीटर घरों से बाहर लगाने के लिए अभियान चलाया गया और इसके लिए अधिकारी दिन-रात लगे रहे, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने इसकी काट शुरू कर दी। निगम कर्मियों ने ऐसा खेल करना शुरू कर दिया है, जिससे वे चहेतों को लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बाहर लगे मीटर को फिर से घरों के अंदर लगाना शुरू कर दिया है। ऐसे कई मामले मुरथल रोड पर जीवन नगर में सामने आए हैं, जहां बिजली कर्मियों ने मिलीभगत करके मीटर को बाहर से उतार कर फिर घरों के अंदर लगा दिया है। इसका आसपास के लोगों ने विरोध भी शुरू कर दिया है।
बिजली चोरी से नुकसान झेल रहा निगम
जिले में बिजली निगम के करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं। जहां शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 12 घंटे का शेड्यूल है। निगम को दोनों ही जगह पर बिजली चोरी के कारण लाखों रुपये का नुकसान होता था। इस कारण ही पहले शहर में बिजली मीटर घरों से बाहर लगाने का अभियान शुरू किया गया और यह अभियान काफी सफल भी रहा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में निगम अधिकारियों को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। वहीं शहरी क्षेत्र में अभियान भले ही सफल हो गया है, लेकिन उसे बिजली निगम के कर्मियों ने पलीता लगाना शुरू कर दिया है। बिजली निगम के कर्मी ऐसा खेल खेलने लगे है, जिसमें बाहर लगे मीटर को फिर से घर के अंदर कर दिया जा रहा है। इससे बिजली चोरी फिर शुरू हो गई है। यहां ऐसे ही मामले सामने आए हैं और बिजली कर्मचारियों ने पहले जीवन नगर की गली नंबर एक व दो में घरों के बाहर खंभे पर एक बॉक्स में मीटर लगा दिए, लेकिन अब लगभग आधा दर्जन मीटरों के तार काटकर उन्हें दोबारा अंदर लगा दिया।
इस तरह से खेला गया खेल
अभियान के तहत खंभे पर एक बॉक्स लगाकर उसमें चार मीटर लगाए जाने हैं। बॉक्स में लगाए जाने वाले मीटर भी नए होते हैं और उनकी तार भी नई होती है, जिन्हें निगम अपने पास से लगाता है। यह तार बिजली मीटर से लेकर घर के अंदर लगे बिजली बॉक्स तक जाती है। इस तार में कोई कट नहीं किया जाता। जीवन नगर में पहले कर्मचारियों ने मीटर बॉक्स में लगा दिए। वहीं, अब मीटरों को अंदर लगा दिया। इतना ही नहीं तार को काटकर उस पर टेप भी लगा दी, जिससे साफ जाहिर होता है कि अभियान में कर्मचारियों द्वारा गोलमाल किया जा रहा है।
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जांच के बाद करेंगे कार्रवाई
जीवन नगर में बिजली मीटरों को पहले बाहर और फिर अंदर लगाने का मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो मौके पर जाकर इसकी जांच की जाएगी। अगर कर्मचारियों द्वारा अभियान में कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रवि चौधरी, एसडीओ बिजली निगम।
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बिजली चोरी से नुकसान झेल रहा निगम
जिले में बिजली निगम के करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं। जहां शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 12 घंटे का शेड्यूल है। निगम को दोनों ही जगह पर बिजली चोरी के कारण लाखों रुपये का नुकसान होता था। इस कारण ही पहले शहर में बिजली मीटर घरों से बाहर लगाने का अभियान शुरू किया गया और यह अभियान काफी सफल भी रहा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में निगम अधिकारियों को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। वहीं शहरी क्षेत्र में अभियान भले ही सफल हो गया है, लेकिन उसे बिजली निगम के कर्मियों ने पलीता लगाना शुरू कर दिया है। बिजली निगम के कर्मी ऐसा खेल खेलने लगे है, जिसमें बाहर लगे मीटर को फिर से घर के अंदर कर दिया जा रहा है। इससे बिजली चोरी फिर शुरू हो गई है। यहां ऐसे ही मामले सामने आए हैं और बिजली कर्मचारियों ने पहले जीवन नगर की गली नंबर एक व दो में घरों के बाहर खंभे पर एक बॉक्स में मीटर लगा दिए, लेकिन अब लगभग आधा दर्जन मीटरों के तार काटकर उन्हें दोबारा अंदर लगा दिया।
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इस तरह से खेला गया खेल
अभियान के तहत खंभे पर एक बॉक्स लगाकर उसमें चार मीटर लगाए जाने हैं। बॉक्स में लगाए जाने वाले मीटर भी नए होते हैं और उनकी तार भी नई होती है, जिन्हें निगम अपने पास से लगाता है। यह तार बिजली मीटर से लेकर घर के अंदर लगे बिजली बॉक्स तक जाती है। इस तार में कोई कट नहीं किया जाता। जीवन नगर में पहले कर्मचारियों ने मीटर बॉक्स में लगा दिए। वहीं, अब मीटरों को अंदर लगा दिया। इतना ही नहीं तार को काटकर उस पर टेप भी लगा दी, जिससे साफ जाहिर होता है कि अभियान में कर्मचारियों द्वारा गोलमाल किया जा रहा है।
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जांच के बाद करेंगे कार्रवाई
जीवन नगर में बिजली मीटरों को पहले बाहर और फिर अंदर लगाने का मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो मौके पर जाकर इसकी जांच की जाएगी। अगर कर्मचारियों द्वारा अभियान में कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रवि चौधरी, एसडीओ बिजली निगम।