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31 मई तक जमा कराया बिल तो 41.48 करोड़ होगा माफ
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Tue, 09 May 2017 12:12 AM IST
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जिले में 42,422 ग्रामीण व शहरी उपभोक्ता बिजली निगम के 118 करोड़ 36 लाख 52 हजार रुपये के कर्जदार हैं। अगर ये उपभोक्ता 31 मई तक अपनी बकाया राशि जमा कराते हैं तो उनका 41 करोड़ 48 लाख 72 हजार रुपये माफ हो जाएगा। वहीं, शेष 76 करोड़ 87 लाख 79 हजार छह किश्तों में भी जमा करा सकते हैं। बिजली निगम ने इसके लिए दोबारा से ब्याज माफी योजना को लागू किया है।
जिले में साढ़े तीन लाख उपभोक्ता
जिले में बिजली निगम के लगभग 3.50 लाख उपभोक्ता हैं। निगम की ओर से उपभोक्ताओं को ग्रामीण एरिया में 12 व शहरी एरिया में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती है। इसके बावजूद उपभोक्ता बिजली चोरी करने के साथ अपना बिल तक नहीं भर रहे। इससे बिजली निगम को करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं के बिल न भरने पर बिजली निगम का 118 करोड़ रुपया अटका हुआ है। निगम को यह राशि 42,422 उपभोक्ताओं से वसूलनी है। इसके लिए सरकार ने अब दोबारा से ब्याज माफी योजना को लागू किया है। योजना के अनुसार उपभोक्ता 31 मई तक अपनी राशि जमा कराते हैं तो जितना उन पर ब्याज लगा है वह माफ होगा। इसके अलावा उपभोक्ता अगर यह राशि एक साथ जमा नहीं करा सकता तो वइ इसे छह किश्तों में भी अदा कर सकते हैं। प्रत्येक किश्त दो माह की बनेगी, जिसे वह अपने बिल के साथ भी चुका सकते हैं।
मीटर में की है छेड़छाड़ तो बताएं
वहीं निगम ने दोबारा से वीडीएस योजना को भी लागू किया है। इसके तहत उपभोक्ता ने अपने बिजली मीटर में छेड़छाड़ की हुई है तो वह खुद बताकर उसे बिना जुर्माने के बदलवा सकता है। पहले इस योजना में 3 किलोवाट तक के सिंगल फेस के मीटर आते थे, लेकिन अब 20 किलोवाट तक के कनेक्शन पर यह स्कीम शुरू की गई है।
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पिछली ब्याज माफी योजना में 8.56 करोड़ मिले
सरकार की ओर से बिजली निगम के उपभोक्ताओं से बकाया पैसा वसूलने के लिए दिसंबर माह में ब्याज माफी योजना को लागू किया था। यह योजना 31 जनवरी तक चली थी। इस दौरान बिजली निगम को उपभोक्ताओं से 131 करोड़ रुपये वसूलना था। उस समय बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से 8 करोड़ 56 लाख 36 हजार रुपये वसूले थे। लगभग चार करोड़ रुपये ब्याज माफ हुआ था, जबकि स्वैच्छिक योजना के तहत 1425 उपभोक्ताओं ने अपने मीटरों को बदलवाया था। इनसे निगम ने 35 लाख रुपये वसूले थे।
बिजली निगम उपभोक्ताओं को फायदा देने के लिए बार-बार योजनाओं को लागू कर रहा है। उपभोक्ताओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इससे जहां उनकी बकाया राशि जमा होने से बिजली निगम की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। वहीं, उपभोक्ताओं को भी ब्याज माफ होने से लाभ मिलेगा। निगम को 42,422 उपभोक्ताओं से 118 करोड़ वसूलने हैं। 31 मई तक जमा कराने पर उनका 41 करोड़ से ज्यादा ब्याज माफ होगा। इसके अलावा वह छह किश्तों में बकाया राशि चुका सकते हैं।
-एसएन शर्मा, एसई, बिजली निगम।
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जिले में साढ़े तीन लाख उपभोक्ता
जिले में बिजली निगम के लगभग 3.50 लाख उपभोक्ता हैं। निगम की ओर से उपभोक्ताओं को ग्रामीण एरिया में 12 व शहरी एरिया में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती है। इसके बावजूद उपभोक्ता बिजली चोरी करने के साथ अपना बिल तक नहीं भर रहे। इससे बिजली निगम को करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं के बिल न भरने पर बिजली निगम का 118 करोड़ रुपया अटका हुआ है। निगम को यह राशि 42,422 उपभोक्ताओं से वसूलनी है। इसके लिए सरकार ने अब दोबारा से ब्याज माफी योजना को लागू किया है। योजना के अनुसार उपभोक्ता 31 मई तक अपनी राशि जमा कराते हैं तो जितना उन पर ब्याज लगा है वह माफ होगा। इसके अलावा उपभोक्ता अगर यह राशि एक साथ जमा नहीं करा सकता तो वइ इसे छह किश्तों में भी अदा कर सकते हैं। प्रत्येक किश्त दो माह की बनेगी, जिसे वह अपने बिल के साथ भी चुका सकते हैं।
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मीटर में की है छेड़छाड़ तो बताएं
वहीं निगम ने दोबारा से वीडीएस योजना को भी लागू किया है। इसके तहत उपभोक्ता ने अपने बिजली मीटर में छेड़छाड़ की हुई है तो वह खुद बताकर उसे बिना जुर्माने के बदलवा सकता है। पहले इस योजना में 3 किलोवाट तक के सिंगल फेस के मीटर आते थे, लेकिन अब 20 किलोवाट तक के कनेक्शन पर यह स्कीम शुरू की गई है।
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पिछली ब्याज माफी योजना में 8.56 करोड़ मिले
सरकार की ओर से बिजली निगम के उपभोक्ताओं से बकाया पैसा वसूलने के लिए दिसंबर माह में ब्याज माफी योजना को लागू किया था। यह योजना 31 जनवरी तक चली थी। इस दौरान बिजली निगम को उपभोक्ताओं से 131 करोड़ रुपये वसूलना था। उस समय बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से 8 करोड़ 56 लाख 36 हजार रुपये वसूले थे। लगभग चार करोड़ रुपये ब्याज माफ हुआ था, जबकि स्वैच्छिक योजना के तहत 1425 उपभोक्ताओं ने अपने मीटरों को बदलवाया था। इनसे निगम ने 35 लाख रुपये वसूले थे।
बिजली निगम उपभोक्ताओं को फायदा देने के लिए बार-बार योजनाओं को लागू कर रहा है। उपभोक्ताओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इससे जहां उनकी बकाया राशि जमा होने से बिजली निगम की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। वहीं, उपभोक्ताओं को भी ब्याज माफ होने से लाभ मिलेगा। निगम को 42,422 उपभोक्ताओं से 118 करोड़ वसूलने हैं। 31 मई तक जमा कराने पर उनका 41 करोड़ से ज्यादा ब्याज माफ होगा। इसके अलावा वह छह किश्तों में बकाया राशि चुका सकते हैं।
-एसएन शर्मा, एसई, बिजली निगम।