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कॉमर्शियल वाहनों पर ऑटो डिपर लगाना आवश्यक, तभी होगी पासिंग
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:30 AM IST
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अब कॉमर्शियल वाहन की पासिंग आसान नहीं होगी। नया या पुराना कोई भी वाहन हो, उसकी पासिंग के लिए फिर से ऑटो डिपर लगाना आवश्यक हो गया है। परिवहन आयुक्त की ओर से जारी आदेश को आरटीए सचिव द्वारा पूरी तरह लागू कर दिया गया है। पहले भी इस नियम को सरकार की ओर से लागू किया गया था, लेकिन कुछ खामियां मिलने पर इस नियम पर रोक लगा दी थी।
परिवहन विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जो भी नया या पुराना कॉमर्शियल वाहन पासिंग के लिए विभाग के कार्यालय में आएगा, उसमें ऑटो डिपर लगा होना अनिवार्य है। इस वाहन में ऑटो डिपर नहीं होगा, उसे किसी भी सूरत में पास नहीं किया जाएगा। इससे पूर्व जुलाई में केवल नए वाहनों पर यह ऑटो डिपर अनिवार्य था, लेकिन बाद में एक अगस्त से यह पुराने निजी या कॉमर्शियल वाहन पासिंग के लिए अनिवार्य हो गया था। उस समय ऑटो डिपर को लेकर कॉमर्शियल वाहन चालक यूनियन विरोध किया गया और वाहन चालकों की ओर से ऑटो डिपर नियम में खामियां बताकर सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। इसके बाद आटो डिपर नियम पर रोक लग गई थी।
यह है ऑटो डिपर
पुराने और नए वाहनों में ऑटो डिपर लगा होना सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। बता दें कि अक्सर रात के समय सड़क हादसे होने की मुख्य वजह डिपर को माना जाता है, क्योंकि वाहन चालक डिपर का इस्तेमाल नहीं करते। दरअसल डिपर वह तकनीक है, जिसमें वाहन की हेडलाइट नीचे हो जाती है। ऑटो डिपर लगने से सामने आ रहे वाहन की हेडलाइट अपने आप नीचे हो जाएगी। ऑटो डिपर लगने के बाद होने वाले सड़क हादसों से बचा जा सकता है।
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ये है नियम
राज्य की रजिस्ट्रिंग अथॉरिटियों या प्राधिकृत मोटर वाहन डीलर, जो पंजीकरण के लिए प्राधिकृत हैं द्वारा कोई वाहन तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा, जब तक केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियमों के तहत ऑटो डिपर नहीं लगवाए जाते। इसी के तहत सभी चौपहिया कॉमर्शियल वाहन जो पहले से पंजीकृत है को केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत ऑटो डिपर लगवाना अनिवार्य होगा।
अगस्त में आया था नियम
अधिकारियों के मुताबिक परिवहन विभाग की ओर से एक अगस्त को नए व पुराने वाहनों की पासिंग के लिए आटो डिपर लगाने का नियम जारी किया गया था। इस दौरान विभाग की ओर से एक या दो दिन में लगभग 200 कॉमर्शियल वाहनों की पासिंग की गई थी, लेकिन बाद में इसका विरोध होने लगा तो इस नियम पर सरकार की ओर से रोक लगा दी थी। जिले में कॉमर्शियल वाहनों की संख्या 12 हजार के लगभग है।
वाहन चालकों को अपने नए व पुराने कॉमर्शियल वाहनों पर ऑटो डिपर लगाना आवश्यक है। मुख्यालय की ओर आए आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अगर कोई भी वाहन चालक अपने वाहन को पंजीकृत नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सुशील कुमार, सचिव, सड़क परिवहन प्राधिकरण
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परिवहन विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जो भी नया या पुराना कॉमर्शियल वाहन पासिंग के लिए विभाग के कार्यालय में आएगा, उसमें ऑटो डिपर लगा होना अनिवार्य है। इस वाहन में ऑटो डिपर नहीं होगा, उसे किसी भी सूरत में पास नहीं किया जाएगा। इससे पूर्व जुलाई में केवल नए वाहनों पर यह ऑटो डिपर अनिवार्य था, लेकिन बाद में एक अगस्त से यह पुराने निजी या कॉमर्शियल वाहन पासिंग के लिए अनिवार्य हो गया था। उस समय ऑटो डिपर को लेकर कॉमर्शियल वाहन चालक यूनियन विरोध किया गया और वाहन चालकों की ओर से ऑटो डिपर नियम में खामियां बताकर सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। इसके बाद आटो डिपर नियम पर रोक लग गई थी।
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यह है ऑटो डिपर
पुराने और नए वाहनों में ऑटो डिपर लगा होना सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। बता दें कि अक्सर रात के समय सड़क हादसे होने की मुख्य वजह डिपर को माना जाता है, क्योंकि वाहन चालक डिपर का इस्तेमाल नहीं करते। दरअसल डिपर वह तकनीक है, जिसमें वाहन की हेडलाइट नीचे हो जाती है। ऑटो डिपर लगने से सामने आ रहे वाहन की हेडलाइट अपने आप नीचे हो जाएगी। ऑटो डिपर लगने के बाद होने वाले सड़क हादसों से बचा जा सकता है।
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ये है नियम
राज्य की रजिस्ट्रिंग अथॉरिटियों या प्राधिकृत मोटर वाहन डीलर, जो पंजीकरण के लिए प्राधिकृत हैं द्वारा कोई वाहन तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा, जब तक केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियमों के तहत ऑटो डिपर नहीं लगवाए जाते। इसी के तहत सभी चौपहिया कॉमर्शियल वाहन जो पहले से पंजीकृत है को केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत ऑटो डिपर लगवाना अनिवार्य होगा।
अगस्त में आया था नियम
अधिकारियों के मुताबिक परिवहन विभाग की ओर से एक अगस्त को नए व पुराने वाहनों की पासिंग के लिए आटो डिपर लगाने का नियम जारी किया गया था। इस दौरान विभाग की ओर से एक या दो दिन में लगभग 200 कॉमर्शियल वाहनों की पासिंग की गई थी, लेकिन बाद में इसका विरोध होने लगा तो इस नियम पर सरकार की ओर से रोक लगा दी थी। जिले में कॉमर्शियल वाहनों की संख्या 12 हजार के लगभग है।
वाहन चालकों को अपने नए व पुराने कॉमर्शियल वाहनों पर ऑटो डिपर लगाना आवश्यक है। मुख्यालय की ओर आए आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अगर कोई भी वाहन चालक अपने वाहन को पंजीकृत नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सुशील कुमार, सचिव, सड़क परिवहन प्राधिकरण