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एक वजह नहीं थी एएसआई के इस दुनिया से जाने की
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Thu, 04 May 2017 12:19 AM IST
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एएसअाई के परिजन
- फोटो : bureau
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मुरथल थाना में फंदा लगाकर व गोली मारकर आत्महत्या करने वाले एएसआई ने सोशल मीडिया पर खुद को बेकसूर बताया है। फेसबुक पर संदेश लिखा कि झूठी शिकायत व इस्तगासा से वह परेशान हो गया था। इसी के चलते वह अब जिंदा नहीं रहना चाहता। उसने खुद को लाइन हाजिर करने की घटना को गरिमा के लिए ठेस पहुंचाने वाला बताया। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व पार्षद ने भी सोशल मीडिया पर संदेश लिखकर दुख जताया है और आत्महत्या के मामले में साजिश किए जाने का आरोप लगाया है। उधर, एएसआई के परिजनों ने मामले की न्यायिक जांच की मांग उठाई है।
फेसबुक पर यह छोड़ा संदेश
मैं पुलिस अधीक्षक सोनीपत के निर्णय पर कुछ कहना नहीं चाहता, लेकिन मुझे वार्ड-7 के एमसी द्वारा प्रताड़ित किया गया। मैंने सभी तथ्य 15 अप्रैल, 2017 की रात्रि को एसपी सोनीपत को बताए थे। मेरी और मुख्य सिपाही जितेंद्र की विभागीय जांच शुरू कर दी गई और हमारा तबादला पुलिस लाइन में कर दिया गया। इससे पुलिस व पब्लिक के सामने मेरी गरिमा कम हुई। मेरे खिलाफ झूठी शिकायत दी गई। एक झूठा इस्तगासा भी खरखौदा में न्यायाधीश कविता कंबोज की अदालत में चंदनमल की तरफ से लंबित है। कृपया वार्ड-7 के एमसी विमल किशोर, राहुल आदि के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
क्या था पूर्व पार्षद का मामला
पूर्व पार्षद ने 25 मई को अन्य लोगों व सामाजिक संगठनों को साथ लेकर शहर में पैदल मार्च निकाला था और लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने छात्र अभिभावक संघ के सदस्य राहुल, ओमप्रकाश, मनोज व सुमित का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस पर घटिया कार्रवाई का आरोप लगाया था। उन्होंने मामले में एएसआई विरेंद्र व मुख्य सिपाही जितेंद्र को लाइन हाजिर करने, उनके खिलाफ कार्रवाई व विभागीय जांच की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। उनकी विभागीय जांच भी शुरू करा दी थी।
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चंदनमल का यह है मामला
एएसआई ने फेसबुक पर लिखे संदेश में चंदनमल का भी जिक्र किया है और झूठा इस्तगासा दायर करने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि करीब छह साल पहले चंदनमल ने एसआई राजेंद्र व उनके साथ रहे एएसआई वीरेंद्र व मुख्य सिपाही मनोज पर घर से आभूषण व नकदी ले जाने का आरोप लगाया था। उसने जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का भी आरोप लगाया था, जिसमें मामला कई बार कोर्ट में जा चुका है। इसी मामले को लेकर उसने न्यायाधीश कविता कंबोज की अदालत ने इस्तगासा भी दायर कर रखा है, जिसकी जांच की जा रही है। चंदनमल पर वीरेंद्र ने झूठा इस्तगासा दायर करने का आरोप लगाया है।
पार्षद ने नकारे आरोप
पूर्व पार्षद विमल किशोर ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर आत्महत्या की घटना को दुखदायी बताया है। उसने कहा कि सुसाइड नोट से साजिश की बू आ रही है। आत्महत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने हत्या की भी आशंका जताई है। उसने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
फेसबुक पर यह छोड़ा संदेश
मैं पुलिस अधीक्षक सोनीपत के निर्णय पर कुछ कहना नहीं चाहता, लेकिन मुझे वार्ड-7 के एमसी द्वारा प्रताड़ित किया गया। मैंने सभी तथ्य 15 अप्रैल, 2017 की रात्रि को एसपी सोनीपत को बताए थे। मेरी और मुख्य सिपाही जितेंद्र की विभागीय जांच शुरू कर दी गई और हमारा तबादला पुलिस लाइन में कर दिया गया। इससे पुलिस व पब्लिक के सामने मेरी गरिमा कम हुई। मेरे खिलाफ झूठी शिकायत दी गई। एक झूठा इस्तगासा भी खरखौदा में न्यायाधीश कविता कंबोज की अदालत में चंदनमल की तरफ से लंबित है। कृपया वार्ड-7 के एमसी विमल किशोर, राहुल आदि के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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क्या था पूर्व पार्षद का मामला
पूर्व पार्षद ने 25 मई को अन्य लोगों व सामाजिक संगठनों को साथ लेकर शहर में पैदल मार्च निकाला था और लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने छात्र अभिभावक संघ के सदस्य राहुल, ओमप्रकाश, मनोज व सुमित का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस पर घटिया कार्रवाई का आरोप लगाया था। उन्होंने मामले में एएसआई विरेंद्र व मुख्य सिपाही जितेंद्र को लाइन हाजिर करने, उनके खिलाफ कार्रवाई व विभागीय जांच की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। उनकी विभागीय जांच भी शुरू करा दी थी।
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चंदनमल का यह है मामला
एएसआई ने फेसबुक पर लिखे संदेश में चंदनमल का भी जिक्र किया है और झूठा इस्तगासा दायर करने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि करीब छह साल पहले चंदनमल ने एसआई राजेंद्र व उनके साथ रहे एएसआई वीरेंद्र व मुख्य सिपाही मनोज पर घर से आभूषण व नकदी ले जाने का आरोप लगाया था। उसने जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का भी आरोप लगाया था, जिसमें मामला कई बार कोर्ट में जा चुका है। इसी मामले को लेकर उसने न्यायाधीश कविता कंबोज की अदालत ने इस्तगासा भी दायर कर रखा है, जिसकी जांच की जा रही है। चंदनमल पर वीरेंद्र ने झूठा इस्तगासा दायर करने का आरोप लगाया है।
पार्षद ने नकारे आरोप
पूर्व पार्षद विमल किशोर ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर आत्महत्या की घटना को दुखदायी बताया है। उसने कहा कि सुसाइड नोट से साजिश की बू आ रही है। आत्महत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने हत्या की भी आशंका जताई है। उसने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।