सोनीपत: स्क्रैप पिघलाने से निकली दमघोंटू गैस से 35 महिला श्रमिकों की हालत बिगड़ी
पांची गुजरान रोड पर डीआईसीटी के पास स्थित हुडई मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड का स्क्रैप पिघलाने का काम किया जाता है। कंपनी में 100 से अधिक महिलाएं काम करती हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन से कंपनी में स्टील के साथ ब्रांज को पिघलाने का काम शुरू किया गया है।
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सोनीपत के गन्नौर में पांची गुजरान रोड स्थित हुडई मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड में शनिवार सुबह स्क्रैप पिघलाने के दौरान भट्ठी से अचानक निकली दमघोंटू गैस से 35 महिलाओं की हालत बिगड़ गई। फैक्टरी के अधिकारियों ने महिला श्रमिकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। सूचना पर डीएसपी गन्नौर जोगेंद्र राठी व थाना प्रभारी धीरज कुमार टीम सहित फैक्टरी पहुंचे और मौके का जायजा लिया।
एसएमओ डॉ. टीना आनंद ने महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस महिलाओं के बयान के आधार पर कार्रवाई करेगी। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से फैक्टरी में भट्ठी चलाने की अनुमति नहीं ली गई थी, जिसे लेकर बोर्ड की तरफ से नोटिस दिया जाएगा।
हुडई मेटल्स में विदेश से स्टील, तांबा व पीतल का स्क्रैप आता है। जिसका फैक्टरी मालिक ने लाइसेंस लिया हुआ है। तांबा व पीतल को गलाकर उसके ब्लॉक बनाए जाते हैं। करीब एक साल से चल रही फैक्टरी में 100 से अधिक महिलाएं काम करती हैं जो स्क्रैप को अलग-अलग करने का काम करती हैं। शनिवार को जब पीतल को छांटकर भट्ठी में डालकर पिघलाया जा रहा था तो अचानक भट्ठी से दमघोंटू गैस निकलने लगी।
जिससे वहां काम कर रही महिलाओं में से करीब 35 महिलाओं की हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत दो निजी अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गन्नौर ले जाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। इनमें से दो महिलाओं को हालत बिगड़ने के चलते खानपुर रेफर किया गया है।
घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एसएमओ डॉ. टीना आनंद ने चिकित्सकों की टीम के साथ अस्पतालों में पहुंच कर महिलाओं का हालचाल जाना। पुलिस का कहना है कि महिलाओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पता लगाया जाएगा कि किस तरह से अचानक गैस निकली और महिलाओं की हालत बिगड़ गई।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नहीं ली गई थी भट्ठी चलाने की अनुमति
कंपनी में भट्ठी चलाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। बोर्ड के एसडीओ रवींद्र यादव ने बताया कि फैक्टरी में भट्ठी लगाने के लिए अनुमति ली गई थी। उसे चलाने किए अभी तक कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में फैक्टरी को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जानकारी के बाद फैक्टरी का निरीक्षण किया गया है। कर्मचारियों से बात की गई है। जानकारी मिली है कि धातू को रबड़ के साथ पिघलाने के लिए डाल दिया गया था। जिस वजह से भट्टी में धातु के साथ रबड़ जली तो दमघोंटू गैस फैल गई। जिससे वहां कार्यरत 30-35 महिला कर्मियों की हालत बिगड़ गई। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच व महिलाओं के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -जोगेंद्र राठी, डीएसपी गन्नौर