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Sonipat News: रासायनिक खेती से जमीन की उर्वरा शक्ति कमजोर हुई
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सोनीपत। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से बुधवार को गांव झिंझौली में सूर्या फाउंडेशन के सहयोग से किसानों को प्राकृतिक खेती का पाठ पढ़ाया। इस दौरान जीवामृत, घनजीवामृत और कीट नियंत्रक बनाने का किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें प्राकृतिक खेती से होने वाले फायदों और मित्र कीटों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने गुजरात की तर्ज पर बहु फसली (मल्टी क्रॉप) खेती पद्धति के तहत प्राकृतिक खेती करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसके तहत एक समय में एक खेत में किसान दो या दो से अधिक फसलों का उत्पादन कर पाएगा। कुरुक्षेत्र से पहुंचे प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ डॉ. विनोद ने कहा कि रासायनिक खेती पद्धति की वजह से भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो चुकी है। जैविक कार्बन घटकर महज 0.4 रह गया है। जिसके कारण भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है। ऐसे में किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक संख्या में किसान प्राकृतिक खेती से जोड़ना है। जिससे फसलों की गुणवत्ता व उत्पादन में सुधार हो ओर किसान की फसल उत्पादन की लागत घट सके। कृषि विभाग ने राई, सोनीपत, गन्नौर और खरखौदा खंड से 100 किसानों का चयन किया था। इस दौरान सूर्या फाउंडेशन के प्रबंधक गौतम व कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने गुजरात की तर्ज पर बहु फसली (मल्टी क्रॉप) खेती पद्धति के तहत प्राकृतिक खेती करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसके तहत एक समय में एक खेत में किसान दो या दो से अधिक फसलों का उत्पादन कर पाएगा। कुरुक्षेत्र से पहुंचे प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ डॉ. विनोद ने कहा कि रासायनिक खेती पद्धति की वजह से भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो चुकी है। जैविक कार्बन घटकर महज 0.4 रह गया है। जिसके कारण भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है। ऐसे में किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक संख्या में किसान प्राकृतिक खेती से जोड़ना है। जिससे फसलों की गुणवत्ता व उत्पादन में सुधार हो ओर किसान की फसल उत्पादन की लागत घट सके। कृषि विभाग ने राई, सोनीपत, गन्नौर और खरखौदा खंड से 100 किसानों का चयन किया था। इस दौरान सूर्या फाउंडेशन के प्रबंधक गौतम व कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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