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Sonipat News: दिनेश हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद, प्रत्येक पर 55 हजार रुपये जुर्माना
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की अदालत ने गांव बरोणा में वर्ष 2017 में हुए दिनेश उर्फ नान्हू (24) हत्याकांड में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। इनमें घटना के समय नाबालिग रहा आरोपी भी शामिल है। अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 55 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर 33 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
मामला 6 दिसंबर 2017 की रात का है। आरोप के अनुसार स्कॉर्पियो सवार हमलावर दिनेश को उसके घर से जबरन उठा ले गए थे। बेटे को बचाने पहुंची उसकी मां कमला को भी गोली मारकर घायल कर दिया गया। इसके बाद हमलावर दिनेश को गांव के अड्डे पर ले गए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने 7 दिसंबर को कमला के बयान पर थाना खरखौदा में हत्या, हत्या की कोशिश और अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश पर कुख्यात बदमाश रवि उर्फ लांबा के चचेरे भाई पर गोली चलाने का आरोप था। पुलिस ने जेल में बंद रवि उर्फ लांबा से पूछताछ की थी। इसके बाद मामले में गांव मल्हा माजरा निवासी मदन उर्फ टीटू, बड़वासनी निवासी पंकज उर्फ सोनू, मंडोरा निवासी ललित उर्फ लक्की, बरोणा निवासी विकास उर्फ फौजी और विकास उर्फ एक्शन को गिरफ्तार किया गया। घटना के समय नाबालिग रहे एक आरोपी को भी अभिरक्षा में लिया गया था।
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हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और दंगा करने के दोषी
अदालत ने सभी छह को हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और घातक हथियार से दंगा करने के अपराध में दोषी ठहराया। हत्या के लिए उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये, धारा 148 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये, हत्या की कोशिश में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये तथा अपहरण में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने और हिरासत में बिताई अवधि का लाभ नियमानुसार देने का आदेश दिया है।
किशोर की पहचान सार्वजनिक नहीं होगी
घटना के समय नाबालिग रहे आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 19 के तहत वयस्क के रूप में मुकदमा चला। अदालत ने उसे भी संबंधित अपराधों में दोषी ठहराकर सजा सुनाई। आदेश में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मामला 6 दिसंबर 2017 की रात का है। आरोप के अनुसार स्कॉर्पियो सवार हमलावर दिनेश को उसके घर से जबरन उठा ले गए थे। बेटे को बचाने पहुंची उसकी मां कमला को भी गोली मारकर घायल कर दिया गया। इसके बाद हमलावर दिनेश को गांव के अड्डे पर ले गए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने 7 दिसंबर को कमला के बयान पर थाना खरखौदा में हत्या, हत्या की कोशिश और अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
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पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश पर कुख्यात बदमाश रवि उर्फ लांबा के चचेरे भाई पर गोली चलाने का आरोप था। पुलिस ने जेल में बंद रवि उर्फ लांबा से पूछताछ की थी। इसके बाद मामले में गांव मल्हा माजरा निवासी मदन उर्फ टीटू, बड़वासनी निवासी पंकज उर्फ सोनू, मंडोरा निवासी ललित उर्फ लक्की, बरोणा निवासी विकास उर्फ फौजी और विकास उर्फ एक्शन को गिरफ्तार किया गया। घटना के समय नाबालिग रहे एक आरोपी को भी अभिरक्षा में लिया गया था।
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हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और दंगा करने के दोषी
अदालत ने सभी छह को हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और घातक हथियार से दंगा करने के अपराध में दोषी ठहराया। हत्या के लिए उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये, धारा 148 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये, हत्या की कोशिश में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये तथा अपहरण में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने और हिरासत में बिताई अवधि का लाभ नियमानुसार देने का आदेश दिया है।
किशोर की पहचान सार्वजनिक नहीं होगी
घटना के समय नाबालिग रहे आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 19 के तहत वयस्क के रूप में मुकदमा चला। अदालत ने उसे भी संबंधित अपराधों में दोषी ठहराकर सजा सुनाई। आदेश में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।