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Sonipat News: श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में मनाया श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
Thu, 13 Feb 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 13 Feb 2025 01:40 AM IST
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फोटो 12- सोनीपत के कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ में कथा से पहले
सोनीपत। कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ में मंदिर समिति की ओर से 22वें वार्षिक महोत्सव पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का चौथा दिन रहा। बरसाना से कथावाचक आचार्य डॉ. रोहिताश भारद्वाज ने वामन अवतार, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत, प्रह्लाद व गजग्रहा चरित्र के प्रसंग का वर्णन किया। कथा में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया गया।
कथावाचक आचार्य डॉ. रोहिताश भारद्वाज ने श्रीराम जन्म व श्रीकृष्ण जन्म की लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। यजमान के रूप में कृष्णा देवी व रामकुमार जिंदल ने भागवत पूजन कर कथा की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में हरिप्रकाश मंगला, विनोद जैन व मुकेश जैन ने दीप प्रज्वलित किया। कथावाचक ने कहा कि जब धरा पर अत्याचारी कंस के पापों का बोझ बढ़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण को अवतरित होना पड़ा। इसी प्रकार रावण के पापों का नाश करने व अहिल्या-सबरी का उद्धार करने के लिए भगवान श्रीराम ने राजा दशरथ-मां कौशल्या के घर जन्म लिया। जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतरित होते हैं। श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने भजनों पर खूब नृत्य किया। कार्यक्रम में समिति के प्रधान प्रमोद गुप्ता, उप प्रधान देवेंद्र कुच्छल, महासचिव सुनील कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कुच्छल व सचिव पवन जिंदल सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथावाचक आचार्य डॉ. रोहिताश भारद्वाज ने श्रीराम जन्म व श्रीकृष्ण जन्म की लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। यजमान के रूप में कृष्णा देवी व रामकुमार जिंदल ने भागवत पूजन कर कथा की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में हरिप्रकाश मंगला, विनोद जैन व मुकेश जैन ने दीप प्रज्वलित किया। कथावाचक ने कहा कि जब धरा पर अत्याचारी कंस के पापों का बोझ बढ़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण को अवतरित होना पड़ा। इसी प्रकार रावण के पापों का नाश करने व अहिल्या-सबरी का उद्धार करने के लिए भगवान श्रीराम ने राजा दशरथ-मां कौशल्या के घर जन्म लिया। जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतरित होते हैं। श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने भजनों पर खूब नृत्य किया। कार्यक्रम में समिति के प्रधान प्रमोद गुप्ता, उप प्रधान देवेंद्र कुच्छल, महासचिव सुनील कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कुच्छल व सचिव पवन जिंदल सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।
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