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शामली मुठभेड़ : गांव में नहीं बहन के घर सुपुर्द-ए-खाक हुए मंजीत
Thu, 23 Jan 2025 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 23 Jan 2025 02:09 AM IST
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फोटो :26: मंजीत का फाइल फोटो।
गन्नौर। यूपी के शामली में एसटीएफ के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश गांव रोहट निवासी मंजीत का शव उनके बहनोई लेकर गांव खेड़ी बिलंदपुर में पहुंचे और वहीं पर मंजीत को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मंजीत खेड़ी बिलंदपुर में अपने जीजा फारुख के साथ रहता था। बहनोई ने बताया कि उसके शव को लेने रोहट से कोई नहीं गया तो वह उसके शव को लेने गए थे।
गांव रोहट निवासी मंजीत अपने भाई राजेश की हत्या के आरोप में दोषी था। वह फिलहाल उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत पर था। उसकी बहन बबली ने करीब तीन साल पहले फारुख के साथ शादी कर ली थी। ऐसे में दो साल पहले मंजीत अपने जीजा फारुख के घर आ कर रहने लगा था। जमानत पर आकर वह कग्गा गैंग से कैसे जुड़ा इसके बारे में उससे जुड़े लोगों को नहीं पता। भाई की हत्या कर चुका मंजीत परिवार के अन्य लोगों से संपर्क नहीं रख रहा था। शामली में मुठभेड़ के बाद जब ग्रामीण उसका शव लेने नहीं गए तो उसके जीजा फारुख व बहन बबली ही मंजीत के शव को खेड़ी बिलंदपुर लेकर आए। बुधवार को गांव के कब्रिस्तान में मंजीत के शव को मुस्लिम रिवाज से दफनाया गया।
निकाह कर चुका था मंजीत
गांव से मिली जानकारी के अनुसार मंजीत का निकाह भी उसके जीजा फारुख ने करवाया था। निकाह से उसे एक बेटा है।
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गांव में मंजीत का शव नहीं लाया गया। जानकारी मिली है कि शव को लेकर उसका बहनोई अपने गांव चला गया। वहीं पर उनको अंतिम विदाई देने की जानकारी मिली है।
- संदीप, सरपंच, रोहट
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गांव रोहट निवासी मंजीत अपने भाई राजेश की हत्या के आरोप में दोषी था। वह फिलहाल उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत पर था। उसकी बहन बबली ने करीब तीन साल पहले फारुख के साथ शादी कर ली थी। ऐसे में दो साल पहले मंजीत अपने जीजा फारुख के घर आ कर रहने लगा था। जमानत पर आकर वह कग्गा गैंग से कैसे जुड़ा इसके बारे में उससे जुड़े लोगों को नहीं पता। भाई की हत्या कर चुका मंजीत परिवार के अन्य लोगों से संपर्क नहीं रख रहा था। शामली में मुठभेड़ के बाद जब ग्रामीण उसका शव लेने नहीं गए तो उसके जीजा फारुख व बहन बबली ही मंजीत के शव को खेड़ी बिलंदपुर लेकर आए। बुधवार को गांव के कब्रिस्तान में मंजीत के शव को मुस्लिम रिवाज से दफनाया गया।
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निकाह कर चुका था मंजीत
गांव से मिली जानकारी के अनुसार मंजीत का निकाह भी उसके जीजा फारुख ने करवाया था। निकाह से उसे एक बेटा है।
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गांव में मंजीत का शव नहीं लाया गया। जानकारी मिली है कि शव को लेकर उसका बहनोई अपने गांव चला गया। वहीं पर उनको अंतिम विदाई देने की जानकारी मिली है।
- संदीप, सरपंच, रोहट