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नई शिक्षा नीति से स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा : राज्यपाल
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डीसीआरयूएसटी के 7वें दीक्षांत समारोह में दीप प्रज्वलित करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। साथ है
- फोटो : Sonipat
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। जिससे युवा अब रोजगार मांगने के बजाय देने वाले बनेंगे। इससे राष्ट्र समृद्धि की ओर बढ़ेगा। केंद्र सरकार इस नीति को 2030 से लागू करने का मन बना रही है, जबकि हरियाणा सरकार नई शिक्षा नीति को 2025 में ही शुरू करने का सराहनीय कदम उठाने जा रही है। यह बात प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शुक्रवार को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में 7वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि कही।
राज्यपाल ने समारोह में 625 स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। उन्होंने 70 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 89 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा अर्जित कर युवा नौकरी तलाशते हैं। इस सोच को बदलना होगा, जिसके लिए नई शिक्षा नीति कारगर सिद्ध होगी। नई शिक्षा नीति से स्व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बेरोजगारी की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि पहले देश में सीमित स्टार्टअप होते थे, जिनकी संख्या अब करीब 60 हजार पहुंच गई है। युवाओं को उद्यमी बनने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे, जिससे वे स्वयं रोजगारदाता बनेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डिजिटल प्रणाली, नई तकनीक, सोशल मीडिया और शिक्षा के नए साधनों के चलते शिक्षा, सेवा और शासन में एक बदलाव का दौर है। आज प्रौद्योगिकी के युग में मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन, स्मार्ट बोर्ड, हस्त संचालित कंप्यूटिंग उपकरण, साइबर सेवाओं, साइबर सुरक्षा व अन्य क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं का लाभ लेने के लिए केंद्रीय बजट में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए 80 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का भी प्रावधान किया गया है।
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राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि अपनी शिक्षा पूरी कर उद्यमिता के क्षेत्र में उतरें और नए स्टार्टअप शुरू करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को नई तकनीक के साथ रिसर्च वर्क को आगे बढ़ाना होगा। इनके लिए आधुनिक लैब की सुविधा के साथ कौशल व प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने होंगे। अपने द्वारा किए गए अनुसंधान के उत्पादों को पेटेंट करवाएं, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान व लोकल फॉर वोकल अभियान को बल मिलेगा।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत के अलावा सांसद रमेश कौशिक, विधायक निर्मल चौधरी, विधायक मोहन लाल बड़ौली, एसीएस आनंद मोहन शरण, रजिस्ट्रार प्रोफेसर सुरेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एमएस धनखड़, उपायुक्त ललित सिवाच, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने समारोह में 625 स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। उन्होंने 70 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 89 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा अर्जित कर युवा नौकरी तलाशते हैं। इस सोच को बदलना होगा, जिसके लिए नई शिक्षा नीति कारगर सिद्ध होगी। नई शिक्षा नीति से स्व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बेरोजगारी की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि पहले देश में सीमित स्टार्टअप होते थे, जिनकी संख्या अब करीब 60 हजार पहुंच गई है। युवाओं को उद्यमी बनने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे, जिससे वे स्वयं रोजगारदाता बनेंगे।
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राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डिजिटल प्रणाली, नई तकनीक, सोशल मीडिया और शिक्षा के नए साधनों के चलते शिक्षा, सेवा और शासन में एक बदलाव का दौर है। आज प्रौद्योगिकी के युग में मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन, स्मार्ट बोर्ड, हस्त संचालित कंप्यूटिंग उपकरण, साइबर सेवाओं, साइबर सुरक्षा व अन्य क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं का लाभ लेने के लिए केंद्रीय बजट में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए 80 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का भी प्रावधान किया गया है।
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राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि अपनी शिक्षा पूरी कर उद्यमिता के क्षेत्र में उतरें और नए स्टार्टअप शुरू करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को नई तकनीक के साथ रिसर्च वर्क को आगे बढ़ाना होगा। इनके लिए आधुनिक लैब की सुविधा के साथ कौशल व प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने होंगे। अपने द्वारा किए गए अनुसंधान के उत्पादों को पेटेंट करवाएं, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान व लोकल फॉर वोकल अभियान को बल मिलेगा।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत के अलावा सांसद रमेश कौशिक, विधायक निर्मल चौधरी, विधायक मोहन लाल बड़ौली, एसीएस आनंद मोहन शरण, रजिस्ट्रार प्रोफेसर सुरेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एमएस धनखड़, उपायुक्त ललित सिवाच, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग मौजूद रहे।