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आत्महत्या या हत्या में फंसा पेंच, सिर में पीछे से लगी गोली, ट्रिगर के पास फंसा अंगूठा
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गन्नौर (सोनीपत)। जीटी रोड पर बड़ी के पास कार के अंदर संदिग्ध हालात में मिले एसआई के शव को देखकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। बेशक पुलिस इसे प्राथमिक जांच में आत्महत्या बता रही है, लेकिन एसआई का शव कार में मिलने पर हालात देखकर हत्या का शक भी जताया जा रहा है। उनके पिता ने पुलिस को इसे लेकर कोई शिकायत नहीं दी है। उन्होंने मीडिया के सामने जरूर बेटे की मौत पर शक जताया है। गोली एसआई के सिर में पीछे लगी और पिस्टल के ट्रिगर में उनका अंगूठा फंसा हुआ था। जिससे मामला संदेह के घेरे में आता दिखाई दे रहा है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पूरे मामले की सच्चाई से पर्दा उठने की बात कह रही है।
दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर तैनात दीपांशु सोनीपत की शास्त्री कॉलोनी में रहता था। दीपांशु दिल्ली के भजनपुरा थाने में तैनात था। आरोप है कि शुक्रवार रात को दीपांशु ने अपनी सहकर्मी एसआई प्रीति अहलावत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रीति अहलावत दिल्ली के पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में तैनात थी। वह दिल्ली में रोहिणी के सेक्टर 8 में रह रही थी। शुक्रवार देर रात घर जाने के लिए वह दिल्ली के रोहिणी (ईस्ट) मेट्रो स्टेशन पर उतरी थी। करीब 9:30 बजे के आसपास वे मेट्रो स्टेशन से बाहर निकली तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने हमलावर को पकड़ने के लिए मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता लगा था कि दीपांशु राठी ने गोली मारी है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दीपांशु का उसकी लोकेशन के अनुसार पीछा करना शुरू कर दिया था। पुलिस के मुताबिक प्रीति व दीपांशु राठी दिल्ली पुलिस में 2018 बैच के पीएसआई थे।
सिर के पीछे लगी है गोली, ट्रिगर में फंसा मिला अंगूठा
दीपांशु का शव उसकी लॉक सेंट्रो कार में चालक सीट पर मिला है। उसके सिर में पिछली तरफ गोली मारी गई है। यही कारण है कि आत्महत्या के लिए उसके सिर में पिछले हिस्से में गोली मारने की घटना इस मामले में सवाल खड़ा करती है। इतना ही नहीं उनकी सर्विस रिवाल्वर का ट्रिगर उनके अंगूठे में फंसा मिला है। जिससे भी संदेह पैदा होता है। जिस हाथ में उसने पिस्टल पकड़ी थी वह उसके दोनों पैरों के बीच में था। ऐसे में गोली मारने के बाद पिस्टल पकड़ने वाला हाथ दोनों पैरों के बीच में पहुुंचने पर संदेह जताया जा रहा है।
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पिता ने मीडिया के सामने उठाए सवाल
पुलिस के अनुसार एसआई दीपांशु के पिता दयानंद ने किसी तरह की शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि उनके पिता ने सामान्य अस्पताल में मीडिया के सामने बताया कि उन्हें पुलिस ने सूचना दी थी। जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा था कि गाड़ी में मेरे बेटे का शव पड़ा था। उसके हाथ में रिवाल्वर था और सिर में पीछे की तरफ गोली लगी है। जिससे उन्हें हत्या किए जाने पर शक है।
हरियाणा पुलिस में तैनात थे दीपांशु के पिता
डीएसपी संदीप मलिक ने बताया कि मृतक दीपांशु के पिता दयानंद राठी हरियाणा पुलिस में तैनात थे। वह एसआई के पद पर हरियाणा पुलिस से 30 अप्रैल, 2018 को सेवानिवृत हो चुके हैं। फिलहाल दीपांशु के परिजनों के तरफ से इस संबंध में थाना बड़ी पुलिस कोई शिकायत नहीं मिली है।
शादी के लिए लड़की देखने जाने वाले थे परिजन
सामान्य अस्पताल में पहुंचे दीपांशु के परिचित ने बताया कि दीपांशु का परिवार बेटे की शादी करना चाहता था। इसके लिए परिवार के सदस्य शनिवार को ही लड़की देखने जाने वाले थे। हालांकि इससे पहले ही बेटे की जान चली गई।
परिवार का इकलौता बेटा था दीपांशु
कार के अंदर संदिग्ध अवस्था में मिला दीपांशु परिवार का इकलौता बेटा था। उनसे बड़ी उनकी एक बहन है। सामान्य अस्पताल में पहुंचे परिचितों ने बताया कि दीपांशु शुरुआत से ही होशियार था। उसने बीटेक की शिक्षा ग्रहण की थी। बाद मेें उसका चयन दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर हो गया था। परिजनों ने एसआई प्रीति के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर तैनात दीपांशु सोनीपत की शास्त्री कॉलोनी में रहता था। दीपांशु दिल्ली के भजनपुरा थाने में तैनात था। आरोप है कि शुक्रवार रात को दीपांशु ने अपनी सहकर्मी एसआई प्रीति अहलावत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रीति अहलावत दिल्ली के पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में तैनात थी। वह दिल्ली में रोहिणी के सेक्टर 8 में रह रही थी। शुक्रवार देर रात घर जाने के लिए वह दिल्ली के रोहिणी (ईस्ट) मेट्रो स्टेशन पर उतरी थी। करीब 9:30 बजे के आसपास वे मेट्रो स्टेशन से बाहर निकली तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने हमलावर को पकड़ने के लिए मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता लगा था कि दीपांशु राठी ने गोली मारी है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दीपांशु का उसकी लोकेशन के अनुसार पीछा करना शुरू कर दिया था। पुलिस के मुताबिक प्रीति व दीपांशु राठी दिल्ली पुलिस में 2018 बैच के पीएसआई थे।
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सिर के पीछे लगी है गोली, ट्रिगर में फंसा मिला अंगूठा
दीपांशु का शव उसकी लॉक सेंट्रो कार में चालक सीट पर मिला है। उसके सिर में पिछली तरफ गोली मारी गई है। यही कारण है कि आत्महत्या के लिए उसके सिर में पिछले हिस्से में गोली मारने की घटना इस मामले में सवाल खड़ा करती है। इतना ही नहीं उनकी सर्विस रिवाल्वर का ट्रिगर उनके अंगूठे में फंसा मिला है। जिससे भी संदेह पैदा होता है। जिस हाथ में उसने पिस्टल पकड़ी थी वह उसके दोनों पैरों के बीच में था। ऐसे में गोली मारने के बाद पिस्टल पकड़ने वाला हाथ दोनों पैरों के बीच में पहुुंचने पर संदेह जताया जा रहा है।
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पिता ने मीडिया के सामने उठाए सवाल
पुलिस के अनुसार एसआई दीपांशु के पिता दयानंद ने किसी तरह की शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि उनके पिता ने सामान्य अस्पताल में मीडिया के सामने बताया कि उन्हें पुलिस ने सूचना दी थी। जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा था कि गाड़ी में मेरे बेटे का शव पड़ा था। उसके हाथ में रिवाल्वर था और सिर में पीछे की तरफ गोली लगी है। जिससे उन्हें हत्या किए जाने पर शक है।
हरियाणा पुलिस में तैनात थे दीपांशु के पिता
डीएसपी संदीप मलिक ने बताया कि मृतक दीपांशु के पिता दयानंद राठी हरियाणा पुलिस में तैनात थे। वह एसआई के पद पर हरियाणा पुलिस से 30 अप्रैल, 2018 को सेवानिवृत हो चुके हैं। फिलहाल दीपांशु के परिजनों के तरफ से इस संबंध में थाना बड़ी पुलिस कोई शिकायत नहीं मिली है।
शादी के लिए लड़की देखने जाने वाले थे परिजन
सामान्य अस्पताल में पहुंचे दीपांशु के परिचित ने बताया कि दीपांशु का परिवार बेटे की शादी करना चाहता था। इसके लिए परिवार के सदस्य शनिवार को ही लड़की देखने जाने वाले थे। हालांकि इससे पहले ही बेटे की जान चली गई।
परिवार का इकलौता बेटा था दीपांशु
कार के अंदर संदिग्ध अवस्था में मिला दीपांशु परिवार का इकलौता बेटा था। उनसे बड़ी उनकी एक बहन है। सामान्य अस्पताल में पहुंचे परिचितों ने बताया कि दीपांशु शुरुआत से ही होशियार था। उसने बीटेक की शिक्षा ग्रहण की थी। बाद मेें उसका चयन दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर हो गया था। परिजनों ने एसआई प्रीति के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।