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Sonipat News: विज्ञान के विद्यार्थी कर सकेंगे प्रबंधन एवं कंप्यूटर में लघु कोर्स, रोजगार के मिलेंगे अवसर

Fri, 27 Jun 2025 11:40 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:40 PM IST
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Science students will be able to do short courses in management and computers, will get employment opportunities.
फोटो 08- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 में आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए नवागंतुक विद्यार्थी अब बहुआयामी शिक्षा ग्रहण करेंगे। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में इस बार प्रबंधन (मैनेजमेंट), कंप्यूटर में लघु कोर्स का प्रबंध भी किया गया है। इससे विद्यार्थियों को रोजगार के जल्द व बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि डीसीआरयूएसटी के विद्यार्थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर व समृद्ध भारत के सपने को पूर्ण करने में अपना अहम योगदान दें। डीसीआरयूएसटी, मुरथल का नाम राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हो, इसी उद्देश्य के साथ दूरदर्शिता के हिसाब से निर्णय लिए जा रहे हैं।
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कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विज्ञान एकीकृत (साइंस इंटीग्रेटेड) के विषय पर बैठक हुई। कुलपति ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्र वैश्विक स्तर पर श्रेष्ठ व संपन्न देशों की श्रेणी में शामिल हैं। इसमें विज्ञान का अहम योगदान है।
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पहले विज्ञान का विद्यार्थी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित पढ़ पाता था, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी भी कंप्यूटर विज्ञान, जैव चिकित्सा एवं प्रबंधन विषय के लघु कोर्स भी कर सकेगा। इससे विद्यार्थियों के अंदर बहुआयामी प्रतिभा दिखाई देगी।
उद्योग इंटर्नशिप करने का मिलेगा अवसर
कुलपति ने बताया कि विज्ञान एकीकृत में अब अनुसंधान मुख्य घटक रहेगा। इससे विद्यार्थियों के अंदर शोध की भावना पैदा होगी। अनुसंधान के आधार पर ही देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को 6 से 12 सप्ताह तक उद्योग इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। विज्ञान एकीकृत के विद्यार्थियाें में पढ़ाई के दौरान ही कौशल विकास हो चुका होगा। इससे उन्हें प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे।
यह रहे मौजूद
बैठक में विशेषज्ञ के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र से प्रो. अश्वनी कुश व नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली के प्रो. सुजाता सेंगर, विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एमएन मिश्रा, अकादमिक समन्वयक डॉ. सुमित, भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. सतीश खासा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विश्वविद्यालय निदेशक प्रो. एके सिंह, विज्ञान अधिष्ठाता प्रो. सुधीर बत्रा, ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत एवं पर्यावरण के अधिष्ठाता प्रो. अनिल संधू मौजूद रहे।

फोटो 08- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बैठक करते कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह व विशेषज्ञ। स्रोत : विवि
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