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Sonipat News: सैटेलाइट से अब तक छह जगह आग लगाने की लोकेशन मिली, पांच झूठी निकलीं
Tue, 04 Nov 2025 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:22 AM IST
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सोनीपत। सैटेलाइट से गन्नौर ब्लॉक के गांव मुनक माजरा और खरखौदा ब्लॉक के गांव ककरोई में पराली जलाने की लोकेशन मिलने के बाद कृषि विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया मगर दोनोें स्थान पर फसल अवशेष जलाने जैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला।
कृषि विभाग के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन में अब तक सैटेलाइट से छह लोकेशन मिल चुकी हैं। केवल एक स्थान पर ही फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है। किसान पर पांच हजार रुपये जुर्माना, एफआईआर दर्ज करने और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री जैसी कार्रवाई की गई है। अब किसान दो वर्षों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल नहीं बेच सकेगा।
एक साल पहले 42 लोकेशन में नौ पर आग लगाने की हुई थी पुष्टि
गत वर्ष की तुलना में इस बार फसलों के अवशेषों में आग लगाने की घटना अब तक कम हुई है। गत वर्ष 3 नवंबर तक जिले में सैटेलाइट से 42 लोकेशन दर्ज की गई थी। इनमें से नौ स्थानों पर आग लगाने की पुष्टि हुई थी। इनमें से एक लोकेशन गैर कृषि भूमि की मिली थी जबकि आठ किसानों पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज की गई थी।
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किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
सोमवार को गांव पुरखास में कृषि विभाग की तरफ से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने अपील की कि किसान पराली जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करें। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान राशि दी जा रही है।
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क है। अब तक सैटेलाइट से मिली छह लोकेशन में से पांच पर आग लगाने की पुष्टि नहीं हुई है। सभी की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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कृषि विभाग के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन में अब तक सैटेलाइट से छह लोकेशन मिल चुकी हैं। केवल एक स्थान पर ही फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है। किसान पर पांच हजार रुपये जुर्माना, एफआईआर दर्ज करने और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री जैसी कार्रवाई की गई है। अब किसान दो वर्षों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल नहीं बेच सकेगा।
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एक साल पहले 42 लोकेशन में नौ पर आग लगाने की हुई थी पुष्टि
गत वर्ष की तुलना में इस बार फसलों के अवशेषों में आग लगाने की घटना अब तक कम हुई है। गत वर्ष 3 नवंबर तक जिले में सैटेलाइट से 42 लोकेशन दर्ज की गई थी। इनमें से नौ स्थानों पर आग लगाने की पुष्टि हुई थी। इनमें से एक लोकेशन गैर कृषि भूमि की मिली थी जबकि आठ किसानों पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज की गई थी।
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किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
सोमवार को गांव पुरखास में कृषि विभाग की तरफ से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने अपील की कि किसान पराली जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करें। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान राशि दी जा रही है।
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क है। अब तक सैटेलाइट से मिली छह लोकेशन में से पांच पर आग लगाने की पुष्टि नहीं हुई है। सभी की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।