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Sonipat News: 3455 छात्राओं को मिली डिग्रियां, अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का दिया संदेश
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फोटो 18, 19 व 20
- राज्यपाल ने 3455 छात्राओं को बांटी डिग्रियां, 88 को मिला स्वर्ण पदक
- भगत फूल सिंह महिला विवि का दीक्षांत समारोह
- उमड़ी डिग्रियां पाने वाली बेटियों की खुशी, 196 शोधार्थियों को मिली पीएचडी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में सोमवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षांत समारोह की पावन बेला में उच्च शिक्षा पूरी कर चुकीं छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मेधावी छात्राओं को अपने हाथों से डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कुल 3455 छात्राओं को डिग्रियां से नवाजा गया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि ग्रामीण लड़की गरीबी, सामाजिक पूर्वाग्रहों या सहयोग की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज को ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक बेटी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ कौशल विकसित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें। दीक्षांत समारोह में 196 पीएचडी शोधार्थी, 2215 स्नातक (यूजी) छात्राएं व 1044 स्नातकोत्तर (पीजी) छात्राएं शामिल रही। विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 88 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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नई शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव है दीक्षांत समारोह : ढांडा
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और जीवन की नई शुरुआत करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि भगत फूल सिंह द्वारा वर्षों पहले जलाया गया शिक्षा का दीप आज बेटियों ने मशाल में बदल दिया है, जिसकी रोशनी पूरे देश को दिशा दे रही है। यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
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लाइब्रेरी के लिए 11 लाख देने की घोषणा
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज बेटियां सेना, वायुसेना, नौसेना, विमानन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अच्छे संस्कार व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। बेटियों को शिक्षित करना केवल एक परिवार की उन्नति नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
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- राज्यपाल ने 3455 छात्राओं को बांटी डिग्रियां, 88 को मिला स्वर्ण पदक
- भगत फूल सिंह महिला विवि का दीक्षांत समारोह
- उमड़ी डिग्रियां पाने वाली बेटियों की खुशी, 196 शोधार्थियों को मिली पीएचडी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में सोमवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षांत समारोह की पावन बेला में उच्च शिक्षा पूरी कर चुकीं छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मेधावी छात्राओं को अपने हाथों से डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कुल 3455 छात्राओं को डिग्रियां से नवाजा गया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि ग्रामीण लड़की गरीबी, सामाजिक पूर्वाग्रहों या सहयोग की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज को ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक बेटी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ कौशल विकसित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें। दीक्षांत समारोह में 196 पीएचडी शोधार्थी, 2215 स्नातक (यूजी) छात्राएं व 1044 स्नातकोत्तर (पीजी) छात्राएं शामिल रही। विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 88 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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नई शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव है दीक्षांत समारोह : ढांडा
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और जीवन की नई शुरुआत करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि भगत फूल सिंह द्वारा वर्षों पहले जलाया गया शिक्षा का दीप आज बेटियों ने मशाल में बदल दिया है, जिसकी रोशनी पूरे देश को दिशा दे रही है। यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
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लाइब्रेरी के लिए 11 लाख देने की घोषणा
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज बेटियां सेना, वायुसेना, नौसेना, विमानन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अच्छे संस्कार व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। बेटियों को शिक्षित करना केवल एक परिवार की उन्नति नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।