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Sonipat News: खरखौदा में सफाईकर्मी की मौत, ठेकेदार व सुपरवाइजर पर केस की मांग
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फोटो: सोनीपत के खरखौदा स्थित नगर पालिका कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। संवाद
खरखौदा। सफाई कर्मचारियों के धरने में मंगलवार देर रात ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मी सोनू (35) की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। मंगलवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रोहतक रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सोनू की मौत की सूचना मिलने पर बुधवार को धरना स्थल का माहौल गमगीन हो गया। कर्मचारियों ने ठेकेदार, एजेंसी के दोनों सुपरवाइजर और नगरपालिका सचिव की भूमिका की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। वहीं सफाई कर्मियों ने दो 8 मांगे पूरी होने पर हड़ताल दो दिन स्थगित कर दी है।
राजा भाई ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और सुपरवाइजर कर्मचारियों पर काम पर नहीं रखने और हटाए जाने को लेकर दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि सोनू भी इससे परेशान था। उन्होंने ठेकेदार, सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजा भाई और प्रदेश महासचिव मांगेराम बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन का 11 सितंबर को सरकार के साथ सहमति बनने के बाद समापन हो गया था। सहमति के अनुसार ठेकेदार, एजेंसी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को वेतन के साथ ड्यूटी पर वापस लेने की बात हुई थी।
किराये के कमरे में रहता है मृतक का परिवार
मृतक सोनू पत्नी और दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रहता था। सोनू की मौत के बाद अब उसकी पत्नी पर दोनों बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। परिवार पहले से ही हड़ताल के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। सोनू की पत्नी भी ठेके पर शहर में सफाई का काम करती है।
अंतिम संस्कार के बाद नपा कार्यालय में आठ मांगों पर बनी सहमति
मृतक सोनू के परिवार के सदस्य मंगलवार रात ही शव को बिना पोस्टमार्टम घर ले आए थे। परिवार की ओर से पुलिस को भी कोई शिकायत नहीं दी गई है। सोनू के अंतिम संस्कार के बाद सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के साथ करीब पांच घंटे तक कई दौर में बैठक हुई। बातचीत के बाद आठ मांगों पर सहमति बनी।
इन मांगों पर बनी सहमति
इसमें 13 सफाई ठेका कर्मियों को ड्यूटी पर लेने, मृतक सोनू के बेटे को नौकरी देने और एजेंसी के दोनों सुपरवाइजरों को हटाने पर सहमति बनी। इसके अलावा यूनियन की ओर से नया सुपरवाइजर देने, कार्यकारी सफाई दरोगा के रूप में सोनू (अन्य कर्मचारी) को जिम्मेदारी देने, सभी सफाई कर्मियों को ईएसआई कार्ड और पहचान पत्र उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक लोगों की कोठियों पर सफाई कर्मचारियों को नहीं भेजने की मांग भी स्वीकार की गई। सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने दो दिन के लिए हड़ताल टाल दी।
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सफाई कर्मी की मौैत मामले में हमारे पर किसी की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आएगी की उसकी जांच की जाएगी।
अनिल कुमार, थाना प्रभारी, खरखौदा
नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सफाई कर्मियों की बैठक ठेकेदार के साथ भी हुई है। कई मांगों पर सहमति बनी है। इसमें सफाई कर्मियों को काम पर रखना, आई कार्ड और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराना शामिल है।
मनीष रेढू, सचिव, नगर पालिका, खरखौदा
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सोनू की मौत की सूचना मिलने पर बुधवार को धरना स्थल का माहौल गमगीन हो गया। कर्मचारियों ने ठेकेदार, एजेंसी के दोनों सुपरवाइजर और नगरपालिका सचिव की भूमिका की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। वहीं सफाई कर्मियों ने दो 8 मांगे पूरी होने पर हड़ताल दो दिन स्थगित कर दी है।
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राजा भाई ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और सुपरवाइजर कर्मचारियों पर काम पर नहीं रखने और हटाए जाने को लेकर दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि सोनू भी इससे परेशान था। उन्होंने ठेकेदार, सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजा भाई और प्रदेश महासचिव मांगेराम बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन का 11 सितंबर को सरकार के साथ सहमति बनने के बाद समापन हो गया था। सहमति के अनुसार ठेकेदार, एजेंसी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को वेतन के साथ ड्यूटी पर वापस लेने की बात हुई थी।
किराये के कमरे में रहता है मृतक का परिवार
मृतक सोनू पत्नी और दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रहता था। सोनू की मौत के बाद अब उसकी पत्नी पर दोनों बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। परिवार पहले से ही हड़ताल के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। सोनू की पत्नी भी ठेके पर शहर में सफाई का काम करती है।
अंतिम संस्कार के बाद नपा कार्यालय में आठ मांगों पर बनी सहमति
मृतक सोनू के परिवार के सदस्य मंगलवार रात ही शव को बिना पोस्टमार्टम घर ले आए थे। परिवार की ओर से पुलिस को भी कोई शिकायत नहीं दी गई है। सोनू के अंतिम संस्कार के बाद सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के साथ करीब पांच घंटे तक कई दौर में बैठक हुई। बातचीत के बाद आठ मांगों पर सहमति बनी।
इन मांगों पर बनी सहमति
इसमें 13 सफाई ठेका कर्मियों को ड्यूटी पर लेने, मृतक सोनू के बेटे को नौकरी देने और एजेंसी के दोनों सुपरवाइजरों को हटाने पर सहमति बनी। इसके अलावा यूनियन की ओर से नया सुपरवाइजर देने, कार्यकारी सफाई दरोगा के रूप में सोनू (अन्य कर्मचारी) को जिम्मेदारी देने, सभी सफाई कर्मियों को ईएसआई कार्ड और पहचान पत्र उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक लोगों की कोठियों पर सफाई कर्मचारियों को नहीं भेजने की मांग भी स्वीकार की गई। सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने दो दिन के लिए हड़ताल टाल दी।
सफाई कर्मी की मौैत मामले में हमारे पर किसी की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आएगी की उसकी जांच की जाएगी।
अनिल कुमार, थाना प्रभारी, खरखौदा
नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सफाई कर्मियों की बैठक ठेकेदार के साथ भी हुई है। कई मांगों पर सहमति बनी है। इसमें सफाई कर्मियों को काम पर रखना, आई कार्ड और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराना शामिल है।
मनीष रेढू, सचिव, नगर पालिका, खरखौदा

फोटो: सोनीपत के खरखौदा स्थित नगर पालिका कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। संवाद