{"_id":"65a6b91ae8aa53db6d088d94","slug":"sandal-kalans-daughter-in-law-sangeetas-kick-punch-won-gold-sonipat-news-c-197-1-snp1003-12514-2024-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सांदल कलां की बहू संगीता के ‘लात-मुक्के’ ने जीता सोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सांदल कलां की बहू संगीता के ‘लात-मुक्के’ ने जीता सोना
Tue, 16 Jan 2024 10:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 16 Jan 2024 10:42 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत लघु सचिवालय में स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज संगीता को सम्मानित करते उपायुक्त डॉ. मनोज कु
सोनीपत। गांव सांदल कलां की बहू एवं झुंडपुर की बेटी संगीता ने अपने लात-मुक्के के दम पर स्वर्ण पदक जीता है। सोनीपत लघु सचिवालय में पहुंचने पर उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने उनका स्वागत किया। फरीदाबाद में हुई खेलो इंडिया महिला किक बॉक्सिंग लीग प्रतियोगिता में संगीता ने हिस्सा लेते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। शादी के पांच साल बाद पहली बार उन्होंने प्रतियोगिता में हाथ आजमाया है।
मुक्केबाज संगीता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 से 2018 तक गांव चौहान जोशी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के केंद्र में अभ्यास किया था। उस दौरान वर्ष 2015 में हुई दिल्ली ओलंपिक प्रतियोगिता में भाग लेते हुए रजत पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2017 में पंचकूला में हुई हरियाणा राज्य खेल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उनकी शादी गांव सांदल कलां निवासी सतकुंवार के साथ हो गई। शादी के पांच साल तक खेलों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। वह अब दो बच्चों की मां है।
गांव खेवड़ा निवासी सुधीर ने उन्हें फिर से खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। पति सतकुंवार की सहमति से गांव खेवड़ा में चार महीने तक मुक्केबाजी के लिए अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने 13 व 14 जनवरी को फरीदाबाद में खेलो इंडिया महिला किक बॉक्सिंग लीग में भाग किया। प्रतियोगिता में 250 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उन्होंने 70 किलो भार वर्ग में लो किक इवेंट में जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए पहली बार स्वर्ण पदक जीता। गांव में पदक जीतकर लौटने पर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने अपनी इस जीत का श्रेय प्रशिक्षक एवं रेफरी सुधीर खेवड़ा व पति सतकुंवार को दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुक्केबाज संगीता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 से 2018 तक गांव चौहान जोशी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के केंद्र में अभ्यास किया था। उस दौरान वर्ष 2015 में हुई दिल्ली ओलंपिक प्रतियोगिता में भाग लेते हुए रजत पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2017 में पंचकूला में हुई हरियाणा राज्य खेल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उनकी शादी गांव सांदल कलां निवासी सतकुंवार के साथ हो गई। शादी के पांच साल तक खेलों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। वह अब दो बच्चों की मां है।
विज्ञापन
गांव खेवड़ा निवासी सुधीर ने उन्हें फिर से खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। पति सतकुंवार की सहमति से गांव खेवड़ा में चार महीने तक मुक्केबाजी के लिए अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने 13 व 14 जनवरी को फरीदाबाद में खेलो इंडिया महिला किक बॉक्सिंग लीग में भाग किया। प्रतियोगिता में 250 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उन्होंने 70 किलो भार वर्ग में लो किक इवेंट में जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए पहली बार स्वर्ण पदक जीता। गांव में पदक जीतकर लौटने पर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने अपनी इस जीत का श्रेय प्रशिक्षक एवं रेफरी सुधीर खेवड़ा व पति सतकुंवार को दिया है।
विज्ञापन