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मानवीय एकता का शंखनाद करते थे संत कबीर दास : सतपाल ब्रह्मचारी
Sat, 22 Jun 2024 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 22 Jun 2024 11:51 PM IST
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फोटो 39. सोनीपत के मुरथल रोड पर आयोजित समारोह में संत कबीरदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन
सोनीपत। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि संत गुरु कबीरदास 15वीं सदी के रहस्यवादी कवि व संत थे। वह संकीर्ण मानसिकता की दीवार तोड़कर, वैचारिक उदारता के साथ विश्व बंंधुत्व की भावना से ओत-प्रोत होकर मानवीय एकता का शंखनाद करते थे। उनके संदेश वर्ग विशेष और समाज विशेष के लिए नहीं है, बल्कि मानवता की चादर ओढ़ने वाले उन सभी लोगों के लिए है जो भेदभाव विहीन समाज की स्थापना चाहते हैं।
सांसद सतपाल ब्रह्मचारी शनिवार शाम को मुरथल रोड स्थित निजी गार्डन में आयोजित संत कबीरदास जयंती समारोह में क्षेत्रवासियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सुरेंद्र पंवार ने की। उन्होंने संत कबीरदास ने हमेशा इंसानियत को सर्वोपरि समझा। संत कबीरदास जी ने उस समय सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई, जब समाज सैकड़ों कुरीतियों की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। उनका मानना था कि इंसान जाति, धर्म, वर्ण या वर्ग से नहीं बल्कि अपने गुणों से बनता है।
उन्होंने मानव धर्म की रक्षा के लिए कार्य किया, आडम्बर, अंधविश्वास, धर्म परिवर्तन, मूर्ति पूजा का कड़ा विरोध किया। इस दौरान पूर्व विधायक पदम दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, निगम पार्षद सुरेंद्र नैय्यर, मोनिका नागर, नीतू दयिहा, बिजेंद्र मलिक, सूर्या दहिया, नवीन, कुलदीप खासा, अनिल नागर, आरके पोरिया, भलेराम जांगड़ा, पवन गर्ग, राजकुमार कटारिया, दयानंद वाल्मीकि, पूर्व पार्षद संजय भी मौजूद रहे।
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सांसद सतपाल ब्रह्मचारी शनिवार शाम को मुरथल रोड स्थित निजी गार्डन में आयोजित संत कबीरदास जयंती समारोह में क्षेत्रवासियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सुरेंद्र पंवार ने की। उन्होंने संत कबीरदास ने हमेशा इंसानियत को सर्वोपरि समझा। संत कबीरदास जी ने उस समय सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई, जब समाज सैकड़ों कुरीतियों की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। उनका मानना था कि इंसान जाति, धर्म, वर्ण या वर्ग से नहीं बल्कि अपने गुणों से बनता है।
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उन्होंने मानव धर्म की रक्षा के लिए कार्य किया, आडम्बर, अंधविश्वास, धर्म परिवर्तन, मूर्ति पूजा का कड़ा विरोध किया। इस दौरान पूर्व विधायक पदम दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, निगम पार्षद सुरेंद्र नैय्यर, मोनिका नागर, नीतू दयिहा, बिजेंद्र मलिक, सूर्या दहिया, नवीन, कुलदीप खासा, अनिल नागर, आरके पोरिया, भलेराम जांगड़ा, पवन गर्ग, राजकुमार कटारिया, दयानंद वाल्मीकि, पूर्व पार्षद संजय भी मौजूद रहे।
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