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नियम 134ए : दाखिला लेने के लिए नहीं आने वालों का दाखिला निरस्त कर सकते हैं निजी स्कूल
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सोनीपत।
- फोटो : Sonipat
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने वाले निजी स्कूल अब उन विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर सकते हैं, जो अंतिम तिथि तक दाखिले लेने के लिए पहुंचे ही नहीं। निजी स्कूलों के लिए अभी भी पोर्टल खुला है। हालांकि जिन स्कूलों ने इस नियम के तहत किसी भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया है, ऐसे स्कूल किसी भी विद्यार्थी का दाखिला निरस्त नहीं कर सकेंगे। दूसरी तरफ दाखिले से वंचित विद्यार्थी व उनके अभिभावकों में दाखिले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा अधिकारी अभी तक किसी प्रकार के आदेश प्राप्त न होने की बात कह रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र के बीच में नियम 134 ए के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके तहत मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित गया था। इसके साथ ही पहला ड्रा निकालते हुए पात्र विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट कर दिए थे। पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को निजी स्कूल अलॉट किए गए थे। इन विद्यार्थियों को 24 दिसंबर तक अलॉट स्कूलों में उपस्थित दर्ज करवाने का समय दिया गया था। लेकिन निजी स्कूलों ने इस नियम के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग ने इस तिथि को पहले 31 दिसंबर, फिर 7 जनवरी और अंत में 15 जनवरी तक बढ़ाया। तीन बार तिथि बढ़ाने के बावजूद निजी स्कूलों का निर्णय नहीं बदला। जिसका हर्जाना अब विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने अब उन निजी स्कूलों को पेंडिंग विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त करने के लिए कहा है, जिन्होंने इस नियम के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिले दिए हैं। वे स्कूल अब उन विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त कर सकते हैं, जो अंतिम तिथि तक दाखिले लेने पहुंचे ही नहीं।
धरने-प्रदर्शन किए, अधिकारियों को गुहार लगाई, फिर भी नहीं हुए दाखिले
अंतिम तिथि तक भी दाखिला न मिलने से नाराज अभिभावकों ने सरकार की नीति व प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिभावकों का कहना है कि जब दाखिला करवाना ही नहीं था तो क्यों मूल्यांकन परीक्षा ली। नियम 134ए के तहत ली गई परीक्षा में न उनके बच्चे शामिल होते और न ही वे पुराने स्कूल से एसएलसी निकलवाते। एक महीने से धक्के खाने के बाद भी बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने धरने-प्रदर्शन किए। अधिकारियों से गुहार भी लगाई, फिर भी दाखिले नहीं हुए।
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1029 विद्यार्थियों को ही मिला दाखिला
नियम 134ए तहत जिले में अंतिम तिथि तक केवल 1029 विद्यार्थियों का ही निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित हुआ है। जबकि पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। इनमें से 324 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त किए गए हैं। जिले में अभी भी 1191 विद्यार्थी दाखिले के इंतजार में शिक्षा विभाग के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
नियम 134ए के तहत दाखिले की अंतिम तिथि तक 1029 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाया है। जबकि 324 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त किया गया है। जिन निजी स्कूलों ने पात्र विद्यार्थियों को दाखिले दिए हैं, वे अंतिम तिथि तक न पहुंचने वाले विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त कर सकते हैं। निजी स्कूलों के लिए अभी भी पोर्टल खुला है। जिन स्कूलों ने किसी भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया, वे किसी विद्यार्थी का दाखिला निरस्त नहीं कर सकते। मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत।
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शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र के बीच में नियम 134 ए के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके तहत मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित गया था। इसके साथ ही पहला ड्रा निकालते हुए पात्र विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट कर दिए थे। पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को निजी स्कूल अलॉट किए गए थे। इन विद्यार्थियों को 24 दिसंबर तक अलॉट स्कूलों में उपस्थित दर्ज करवाने का समय दिया गया था। लेकिन निजी स्कूलों ने इस नियम के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग ने इस तिथि को पहले 31 दिसंबर, फिर 7 जनवरी और अंत में 15 जनवरी तक बढ़ाया। तीन बार तिथि बढ़ाने के बावजूद निजी स्कूलों का निर्णय नहीं बदला। जिसका हर्जाना अब विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने अब उन निजी स्कूलों को पेंडिंग विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त करने के लिए कहा है, जिन्होंने इस नियम के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिले दिए हैं। वे स्कूल अब उन विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त कर सकते हैं, जो अंतिम तिथि तक दाखिले लेने पहुंचे ही नहीं।
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धरने-प्रदर्शन किए, अधिकारियों को गुहार लगाई, फिर भी नहीं हुए दाखिले
अंतिम तिथि तक भी दाखिला न मिलने से नाराज अभिभावकों ने सरकार की नीति व प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिभावकों का कहना है कि जब दाखिला करवाना ही नहीं था तो क्यों मूल्यांकन परीक्षा ली। नियम 134ए के तहत ली गई परीक्षा में न उनके बच्चे शामिल होते और न ही वे पुराने स्कूल से एसएलसी निकलवाते। एक महीने से धक्के खाने के बाद भी बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने धरने-प्रदर्शन किए। अधिकारियों से गुहार भी लगाई, फिर भी दाखिले नहीं हुए।
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1029 विद्यार्थियों को ही मिला दाखिला
नियम 134ए तहत जिले में अंतिम तिथि तक केवल 1029 विद्यार्थियों का ही निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित हुआ है। जबकि पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। इनमें से 324 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त किए गए हैं। जिले में अभी भी 1191 विद्यार्थी दाखिले के इंतजार में शिक्षा विभाग के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
नियम 134ए के तहत दाखिले की अंतिम तिथि तक 1029 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाया है। जबकि 324 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त किया गया है। जिन निजी स्कूलों ने पात्र विद्यार्थियों को दाखिले दिए हैं, वे अंतिम तिथि तक न पहुंचने वाले विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त कर सकते हैं। निजी स्कूलों के लिए अभी भी पोर्टल खुला है। जिन स्कूलों ने किसी भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया, वे किसी विद्यार्थी का दाखिला निरस्त नहीं कर सकते। मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत।