{"_id":"61cc96ee9017161d574dbac8","slug":"rule-134a-private-school-operators-again-denied-admission-sonipat-news-rtk634246342","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियम 134ए : निजी स्कूल संचालकों ने दाखिले से फिर किया इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियम 134ए : निजी स्कूल संचालकों ने दाखिले से फिर किया इनकार
विज्ञापन
अभिभावक नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की मांग को लेकर एडीसी कार्यालय पर नारेबा?
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के निजी विद्यालयों के संचालकों ने बुधवार को एक बार फिर नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने से इनकार कर दिया। इससे खफा अभिभावक एकत्रित होकर एडीसी कार्यालय पर पहुंचे और जमकर नारे लगाए। गुस्साए अभिभावकों ने एडीसी कार्यालय के सामने सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारे लगाते हुए बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार मांगा। नियम 134ए के तहत दाखिले में आ रहीं परेशानियों को देखते हुए उपायुक्त ललित सिवाच ने एडीसी अशोक बंसल व जिला शिक्षा अधिकारी प्रोमिला भारद्वाज को दाखिले सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों की रिपोर्ट दें, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों ने दो दिन पहले उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई का हवाला देते हुए अभिभावकों को 28 दिसंबर के बाद प्रमाणपत्र जमा करवाने की बात कही थी। बुधवार को अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन कुछ निजी स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए अभिभावकों ने छात्र अभिभावक संघ की सदस्य प्रवेश कुमारी के नेतृत्व में एडीसी कार्यालय पर पहुंचकर पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की मांग की। उपायुक्त ने अभिभावकों को बुलाकर उनकी बात सुनी और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही अभिभावक लौटे।
बीईओ कार्यालय मेें दें लिखित शिकायत
छात्र अभिभावक संघ के संयोजक विमल किशोर ने कहा कि जिन स्कूलों ने प्रमाणपत्र ले लिए हैं व दाखिला नहीं दिया है। ऐसे अभिभावक बीईओ कार्यालय में लिखित शिकायतें दे सकते हैं। वहीं जो स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देते, ऐसे अभिभावक भी प्रमाणपत्र लेकर बीईओ कार्यालय पहुंचेें और शिकायत देते हुए प्रमाणपत्र जमा करवाएं। बीईओ कार्यालय से एक अधिकारी सभी प्रमाणपत्र लेकर संबंधित स्कूल जाकर दाखिले सुनिश्चित करवाएंगे। हालांकि शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि जानकीदास, ऋषिकुल व डीएवी स्कूल को लेकर ही इस प्रकार के आदेश मिले हैं। अन्य स्कूलों में अभिभावकों को जाकर ही प्रमाणपत्र जमा करवाने होंगे।
विज्ञापन
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी आय प्रमाणपत्रों की जांच
निजी स्कूलों ने दाखिला न देने के पीछे हवाला दिया था कि जो बच्चे नियम 134ए के तहत पढ़ना चाहते हैं, उनमें अधिकतर की आर्थिक स्थिति अच्छी है। वह गलत प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला ले रहे हैं। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रदेशों में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निदेश जारी किए हैं। इसमें एडीसी या उनके द्वारा चुना कोई प्रतिनिधि, डीईओ या डीईईओ और डीआरओ शामिल होंगे। निजी स्कूल संचालकों को यदि किसी विद्यार्थी के आय प्रमाणपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो कमेटी को अवगत करा सकते हैं। गठित कमेटी ही आय प्रमाणपत्र की जांच करेगी।
वर्जन
नियम 134ए के तहत सभी पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा। कुछ स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे। उन स्कूलों में कार्यालय से एक अधिकारी को भेजा जाएगा, जो वहां विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र की जांच करने के साथ ही दाखिला सुनिश्चित करवाएगा। विद्यार्थियों को स्कूलों के बार-बार चक्कर न काटने पड़े, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
विज्ञापन
निजी स्कूलों ने दो दिन पहले उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई का हवाला देते हुए अभिभावकों को 28 दिसंबर के बाद प्रमाणपत्र जमा करवाने की बात कही थी। बुधवार को अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन कुछ निजी स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए अभिभावकों ने छात्र अभिभावक संघ की सदस्य प्रवेश कुमारी के नेतृत्व में एडीसी कार्यालय पर पहुंचकर पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की मांग की। उपायुक्त ने अभिभावकों को बुलाकर उनकी बात सुनी और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही अभिभावक लौटे।
विज्ञापन
बीईओ कार्यालय मेें दें लिखित शिकायत
छात्र अभिभावक संघ के संयोजक विमल किशोर ने कहा कि जिन स्कूलों ने प्रमाणपत्र ले लिए हैं व दाखिला नहीं दिया है। ऐसे अभिभावक बीईओ कार्यालय में लिखित शिकायतें दे सकते हैं। वहीं जो स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देते, ऐसे अभिभावक भी प्रमाणपत्र लेकर बीईओ कार्यालय पहुंचेें और शिकायत देते हुए प्रमाणपत्र जमा करवाएं। बीईओ कार्यालय से एक अधिकारी सभी प्रमाणपत्र लेकर संबंधित स्कूल जाकर दाखिले सुनिश्चित करवाएंगे। हालांकि शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि जानकीदास, ऋषिकुल व डीएवी स्कूल को लेकर ही इस प्रकार के आदेश मिले हैं। अन्य स्कूलों में अभिभावकों को जाकर ही प्रमाणपत्र जमा करवाने होंगे।
विज्ञापन
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी आय प्रमाणपत्रों की जांच
निजी स्कूलों ने दाखिला न देने के पीछे हवाला दिया था कि जो बच्चे नियम 134ए के तहत पढ़ना चाहते हैं, उनमें अधिकतर की आर्थिक स्थिति अच्छी है। वह गलत प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला ले रहे हैं। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रदेशों में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निदेश जारी किए हैं। इसमें एडीसी या उनके द्वारा चुना कोई प्रतिनिधि, डीईओ या डीईईओ और डीआरओ शामिल होंगे। निजी स्कूल संचालकों को यदि किसी विद्यार्थी के आय प्रमाणपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो कमेटी को अवगत करा सकते हैं। गठित कमेटी ही आय प्रमाणपत्र की जांच करेगी।
वर्जन
नियम 134ए के तहत सभी पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा। कुछ स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे। उन स्कूलों में कार्यालय से एक अधिकारी को भेजा जाएगा, जो वहां विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र की जांच करने के साथ ही दाखिला सुनिश्चित करवाएगा। विद्यार्थियों को स्कूलों के बार-बार चक्कर न काटने पड़े, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत