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शिक्षिका के खाते से 3.23 लाख रुपये निकाले, दो आरोपी गिरफ्तार
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शहर के प्रगति नगर की रहने वाली शिक्षिका के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 3.23 लाख रुपये झारखंड में निकाले गए थे। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अजरूद्दीन अंसारी बस्तीपुर और संजीव कुमार जमातपुर झारखंड के रहने वाले हैं। साइबर ठगों ने महिला वाली बैंक शाखा में ही उनके नाम से ऑनलाइन एक अन्य खाता खोलकर 22973 रुपये ट्रांसफर कर लिए और तीन लाख रुपये की एफडी पर 2.85 लाख का लोन ले लिया। महिला जब रुपये निकलवाने गई तो ठगी का पता लगा। पुलिस ने ठगी करने वाले दो युवकों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है।
प्रगति नगर की रहने वाली भारती सिंह ने 5 मार्च को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसका बैंक खाता पीएनबी की छोटूराम चौक शाखा में है। उसके खाते में 22973 रुपये थे और तीन लाख की एफडी भी थी। किसी ने उसके खाते से रुपये निकालने के साथ तीन लाख की एफडी पर लोन लेकर 2.85 लाख रुपये निकाल लिए। उसे बैंक से पता लगा कि उसके बैंक खाते के समानांतर एक अन्य बैंक खाता उसके नाम से खोला गया है। इस पर उसके बैंक खाते के रुपये उसमें ट्रांसफर करने के साथ ही उसकी एफडी पर लोन ले लिया गया।
आरोपी बैंकों में ऑनलाइन खाते खोलकर करते थे ठगी
आरोपी विभिन्न बैंकों में ऑनलाइन खाते खुलवाते थे। उसके बाद लोगों के वास्तविक खाते की धनराशि अपने ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। वह लोगों की एफडी पर ही 98 फीसदी तक का लोन ले लेते थे। जब तक खाताधारक को पता चलता था, उसका खाता साफ हो चुका होता था।
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कमीशन पर काम करते थे दोनों
झारखंड के अजरूद्दीन अंसारी और संजीव कुमार ने बताया कि वह ऑनलाइन खाते खुलवाकर धनराशि को ट्रांसफर कराते थे। वह धनराशि को अपने जामताड़ा के साथियों को भेजते थे। उनको एक लाख रुपये ट्रांसफर करने पर एक हजार कमीशन मिलता था। अब पुलिस आरोपियों से ठगी गैंग तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
वर्जन
झारखंड के दो आरोपियों को पकड़कर लाए हैं। उन पर सोनीपत में शिक्षिका के खाते से रुपये ट्रांसफर करने का आरोप है। उनको न्यायालय में पेश कर 11 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उनसे ठगी के अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही ठगी गैंग के सरगना तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
- इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, एसएचओ, साइबर थाना, रोहतक
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प्रगति नगर की रहने वाली भारती सिंह ने 5 मार्च को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसका बैंक खाता पीएनबी की छोटूराम चौक शाखा में है। उसके खाते में 22973 रुपये थे और तीन लाख की एफडी भी थी। किसी ने उसके खाते से रुपये निकालने के साथ तीन लाख की एफडी पर लोन लेकर 2.85 लाख रुपये निकाल लिए। उसे बैंक से पता लगा कि उसके बैंक खाते के समानांतर एक अन्य बैंक खाता उसके नाम से खोला गया है। इस पर उसके बैंक खाते के रुपये उसमें ट्रांसफर करने के साथ ही उसकी एफडी पर लोन ले लिया गया।
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आरोपी बैंकों में ऑनलाइन खाते खोलकर करते थे ठगी
आरोपी विभिन्न बैंकों में ऑनलाइन खाते खुलवाते थे। उसके बाद लोगों के वास्तविक खाते की धनराशि अपने ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। वह लोगों की एफडी पर ही 98 फीसदी तक का लोन ले लेते थे। जब तक खाताधारक को पता चलता था, उसका खाता साफ हो चुका होता था।
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कमीशन पर काम करते थे दोनों
झारखंड के अजरूद्दीन अंसारी और संजीव कुमार ने बताया कि वह ऑनलाइन खाते खुलवाकर धनराशि को ट्रांसफर कराते थे। वह धनराशि को अपने जामताड़ा के साथियों को भेजते थे। उनको एक लाख रुपये ट्रांसफर करने पर एक हजार कमीशन मिलता था। अब पुलिस आरोपियों से ठगी गैंग तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
वर्जन
झारखंड के दो आरोपियों को पकड़कर लाए हैं। उन पर सोनीपत में शिक्षिका के खाते से रुपये ट्रांसफर करने का आरोप है। उनको न्यायालय में पेश कर 11 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उनसे ठगी के अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही ठगी गैंग के सरगना तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
- इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, एसएचओ, साइबर थाना, रोहतक