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80 एमएम बारिश से सड़कें बनीं दरिया, गलियां तालाब
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शनि मंदिर के पास पुराने अंडरब्रिज भरे पानी से रिक्शा को धकेलकर ले जाता व्यक्ति। संवाद
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। जिले में शनिवार को सितंबर माह में हुई रिकॉर्ड 80 एमएम बारिश से हालात बिगड़ गए। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया, जिससे निकासी व्यवस्था ठप हो गई। शहर की सड़कों व गलियों में तीन फुट तक पानी भर गया। शनि मंदिर अंडरब्रिज में 13 फुट पानी भरने से शहर दो भागों में बंट गया। निचले इलाकों में घरों के अंदर भी पानी भर गया। जिसे निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह मौसम में हुए परिवर्तन के बाद दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। झमाझम बारिश से शहरी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया और सड़कों व कॉलोनियों में घंटों तक पानी भरा रहा। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से नगर निगम की निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। गीता भवन चौक, ककरोई चौक, बहालगढ़ रोड, कामी रोड, गोहाना रोड, वैक्सन कालोनी, औद्योगिक क्षेत्र, मॉडल टाउन, पुरखास रोड, सेक्टर-14 व 15, अग्रसेन चौक सहित अधिकतर स्थानों पर पानी भर गया। खरखौदा व गन्नौर में भी बारिश से जलभराव हो गया। गन्नौर की धींगड़ा मार्केट में एक दुकान का छज्जा टूट गया।
रिकॉर्ड औसतन 80 एमएम बारिश
शनिवार को जिले में औसतन 80 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह रिकॉर्ड बारिश है। सितंबर, 2020 में जहां पूरे महीने में 11.60 एमएम बारिश हुई थी वहीं अब सितंबर माह के 11 दिन में 161.50 एमएम हो चुकी है। शनिवार को 12 घंटे में गोहाना ब्लॉक में सबसे अधिक 120 एमएम बारिश हुई। खरखौदा ब्लॉक में 85 एमएम, सोनीपत में 80 एमएम, गन्नौर में 36 एमएम, खानुपर ब्लॉक में 49 एमएम व राई ब्लॉक में 113 एमएम बारिश हुई।
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शनि मंदिर अंडरिब्रज भरा, सड़कों पर बदतर दिखे हालात
बारिश से शहरी क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई। सोनीपत शहर में भी हुई बारिश के कारण वाहन चालकों के लिए रेलवे लाइन पार करना मुश्किल हो गया। सारंग रोड अंडरब्रिज के साथ-साथ शनि मंदिर रोड अंडरब्रिज के नीचे घंटों तक पानी जमा रहा। अंडरब्रिज में करीब 13 फुट तक पानी भरा था। यही नहीं शहर की अधिकतर सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई वाहन पानी में बंद हो गए। उन्हें निकालने के लिए चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। सड़कों के अतिरिक्त बाजारों में दुकानों के अंदर और कई कालोनियों में घरों के अंदर पानी घुस गया। सरकारी कार्यालय भी जलभराव से बच नहीं पाए।
धान उत्पादक किसानों को खुशी, कपास व सब्जी में नुकसान
बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के कारण धान उत्पादकों को फायदा हुआ है। कपास व सब्जी की फसल में नुकसान की आशंका गहरा गई है। कृषि विभाग ने कपास उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि वह अपने खेतों में पानी जमा न होने दे। साथ ही सब्जी की फसल में बारिश से नुकसान होगा।
वर्जन
पानी निकासी की व्यवस्था के लिए अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निचले क्षेत्रों में मोटर लगाई गई है। साथ के साथ निकासी करवाई जा रही है।
- सुभाष चंद्र, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
मानसून के सक्रिय होने से जिले के अधिकतर क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। किसानों को कपास व सब्जी के खेत में से पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह मौसम में हुए परिवर्तन के बाद दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। झमाझम बारिश से शहरी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया और सड़कों व कॉलोनियों में घंटों तक पानी भरा रहा। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से नगर निगम की निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। गीता भवन चौक, ककरोई चौक, बहालगढ़ रोड, कामी रोड, गोहाना रोड, वैक्सन कालोनी, औद्योगिक क्षेत्र, मॉडल टाउन, पुरखास रोड, सेक्टर-14 व 15, अग्रसेन चौक सहित अधिकतर स्थानों पर पानी भर गया। खरखौदा व गन्नौर में भी बारिश से जलभराव हो गया। गन्नौर की धींगड़ा मार्केट में एक दुकान का छज्जा टूट गया।
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रिकॉर्ड औसतन 80 एमएम बारिश
शनिवार को जिले में औसतन 80 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह रिकॉर्ड बारिश है। सितंबर, 2020 में जहां पूरे महीने में 11.60 एमएम बारिश हुई थी वहीं अब सितंबर माह के 11 दिन में 161.50 एमएम हो चुकी है। शनिवार को 12 घंटे में गोहाना ब्लॉक में सबसे अधिक 120 एमएम बारिश हुई। खरखौदा ब्लॉक में 85 एमएम, सोनीपत में 80 एमएम, गन्नौर में 36 एमएम, खानुपर ब्लॉक में 49 एमएम व राई ब्लॉक में 113 एमएम बारिश हुई।
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शनि मंदिर अंडरिब्रज भरा, सड़कों पर बदतर दिखे हालात
बारिश से शहरी क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई। सोनीपत शहर में भी हुई बारिश के कारण वाहन चालकों के लिए रेलवे लाइन पार करना मुश्किल हो गया। सारंग रोड अंडरब्रिज के साथ-साथ शनि मंदिर रोड अंडरब्रिज के नीचे घंटों तक पानी जमा रहा। अंडरब्रिज में करीब 13 फुट तक पानी भरा था। यही नहीं शहर की अधिकतर सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई वाहन पानी में बंद हो गए। उन्हें निकालने के लिए चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। सड़कों के अतिरिक्त बाजारों में दुकानों के अंदर और कई कालोनियों में घरों के अंदर पानी घुस गया। सरकारी कार्यालय भी जलभराव से बच नहीं पाए।
धान उत्पादक किसानों को खुशी, कपास व सब्जी में नुकसान
बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के कारण धान उत्पादकों को फायदा हुआ है। कपास व सब्जी की फसल में नुकसान की आशंका गहरा गई है। कृषि विभाग ने कपास उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि वह अपने खेतों में पानी जमा न होने दे। साथ ही सब्जी की फसल में बारिश से नुकसान होगा।
वर्जन
पानी निकासी की व्यवस्था के लिए अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निचले क्षेत्रों में मोटर लगाई गई है। साथ के साथ निकासी करवाई जा रही है।
- सुभाष चंद्र, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
मानसून के सक्रिय होने से जिले के अधिकतर क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। किसानों को कपास व सब्जी के खेत में से पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।

शहर के गीता भवन चौक पर भरे पानी से गुजरता कार सवार। संवाद- फोटो : Sonipat