फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Roads became parking lots, traffic jams were common

Sonipat News: सड़कें बनीं पार्किंग, जाम हुआ आम

Fri, 21 Mar 2025 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
Roads became parking lots, traffic jams were common
फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार
सोनीपत। सुभाष चाैक के पास पार्किंग स्थल छोटा पड़ रहा है, जिसके चलते लोग अपने वाहन सड़कों पर खड़े कर रहे हैं। यहां शहर का सबसे बड़ा बाजार कच्चे क्वार्टर है। जिसमें रोजाना 10 हजार से अधिक लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं।
विज्ञापन

सुभाष चौक के पास पार्किंग स्थल पर 70-80 वाहन ही खड़े हो सकते हैं, जबकि बाजार में 150 से अधिक दुकाने हैं। पूरे दुकानदार भी अपने वाहन इस पार्किंग स्थल पर अपने वाहन नहीं खड़ कर पाते हैं। इसके चलते खरीदारी करने आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़कों पर खड़े कर देते हैं, इससे जाम की स्थिति बनी रहती है। दुकानदार लगातार पार्किंग की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद प्रशासन व सरकार कोई समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।
विज्ञापन

करीब तीन दशक पहले जब शहर में नगरपालिका थी तो पार्किंग और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित स्थान पर दुकानों का निर्माण कर उन्हें किराये पर दे दिया था। जब इस गलती पर संज्ञान लिया तो इसे हटाने के लिए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। वर्ष 2009 में उच्च न्यायालय ने अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके तहत 27 अक्तूबर 2009 को एक तरफ की 11 दुकानें तोड़ दी गई थीं, लेकिन एटलस रोड की ओर बनी दुकानों के संचालकों ने उच्च न्यायालय से स्टे ले लिया था। स्टे निरस्त होने के बाद 16 अगस्त 2023 को प्रशासन ने 17 दुकानदारों को दुकान खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। उसके बाद 22 अगस्त को दुकानदारों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर यहां पर स्टेटस को (यथास्थिति) बनाए रखने का आदेश प्राप्त कर लिया था। ऐसे में कार्रवाई फिर रुक गई थी।
ढाई माह पहले अवैध दुकानों के संचालकों को अदालत से मिला स्टे सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। अब दुकानदार इस जमीन पर पार्किंग की मांग उठा रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ईएसआई की जमीन पर पार्किंग बनाने की उठ चुकी मांग
मेयर बनने से पहले राजीव जैन व उनकी पत्नी पूर्व मंत्री कविता जैन ने जून, 2024 में व्यस्ततम मार्केट कच्चे क्वार्टर बाजार के सामने से ईएसआई डिस्पेंसरी को शिफ्ट कर यहां पार्किंग बनाने की मांग मुख्यमंत्री नायब सैनी से की थी। उसके बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पार्किंग के अभाव में लोग जाम के झाम में उलझे हुए हैं। उससे पहले नवंबर 2023 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल से भी ईएसआई डिस्पेंसरी शिफ्ट कर पार्किंग बनाने, क्लॉथ मार्केट के पास स्कूल की जमीन पर पार्किंग बनाने की घोषणा की थी।
---------------



प्रशासन व नेताओं को कई बार पार्किंग के निर्माण के लिए मांग भेजे जा चुके हैं। इसमें प्रशासन से पार्किंग के लिए स्थान भी निर्धारित करने की मांग की थी। पार्किंग के अभाव में हर वर्ग परेशान है। -राकेश चोपड़ा, प्रधान, कच्चे क्वार्टर बाजार।
------------

शहर में आबादी के साथ वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जाम लगा रहता है। इसके चलते व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। -सुनील जैन, स्वर्णकार।
----------
सरकार को पार्किंग का जल्द समाधान करना चाहिए। दिल्ली की तर्ज पर पार्किंग की व्यवस्था करने से जाम की स्थिति दूर हो जाएगी। -संदीप आंतिल, दुकानदार।
------------

शहर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर की जानी चाहिए। पार्किंग के अभाव में सड़कों पर जाम लग रहा है। लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। -जयंत कुमार, दुकानदार।

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

फोटो 10: जयंत कुमार, दुकानदार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed