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Sonipat News: खाद सब्सिडी पर अंकुश सोनीपत में 88 करोड़ की बचत
Thu, 22 Jan 2026 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:41 AM IST
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सोनीपत। खाद वितरण प्रणाली को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से जोड़ने का निर्णय कृषि विभाग के लिए प्रभावी कदम साबित हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रबी सीजन के दौरान अकेले सोनीपत जिले में सरकार को खाद सब्सिडी पर करीब 88 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वहीं, पूरे प्रदेश में यह बचत 656 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
रबी सीजन में खाद वितरण को फसल पंजीकरण से जोड़ने के बाद अब केवल वही किसान खाद प्राप्त कर रहे हैं जिन्होंने पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराया है। इस व्यवस्था से खाद की अनावश्यक खरीद में कमी आई है।
आंकड़ों के अनुसार 8 अक्तूबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक जिले में 48,760 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई। वहीं, पिछले रबी सीजन में इसी अवधि में 67,170 मीट्रिक टन यूरिया बिकी थी। इसी तरह डीएपी, एनकेपी, एसएसपी और टीएसपी की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है।
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सब्सिडी बचत में सबसे बड़ा योगदान यूरिया का रहा। इस पर 75.86 करोड़ रुपये की बचत हुई। डीएपी पर 7.55 करोड़, एनकेपी पर 2.22 करोड़, एसएसपी पर 72 लाख और टीएसपी पर 1.63 करोड़ रुपये की सब्सिडी खर्च में कमी आई है।
वर्जन
खाद वितरण प्रणाली को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से जोड़ने का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है। अब वही किसान खाद ले रहा है जिसने फसल उगाई है और पंजीकरण कराया है। जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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रबी सीजन में खाद वितरण को फसल पंजीकरण से जोड़ने के बाद अब केवल वही किसान खाद प्राप्त कर रहे हैं जिन्होंने पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराया है। इस व्यवस्था से खाद की अनावश्यक खरीद में कमी आई है।
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आंकड़ों के अनुसार 8 अक्तूबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक जिले में 48,760 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई। वहीं, पिछले रबी सीजन में इसी अवधि में 67,170 मीट्रिक टन यूरिया बिकी थी। इसी तरह डीएपी, एनकेपी, एसएसपी और टीएसपी की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है।
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सब्सिडी बचत में सबसे बड़ा योगदान यूरिया का रहा। इस पर 75.86 करोड़ रुपये की बचत हुई। डीएपी पर 7.55 करोड़, एनकेपी पर 2.22 करोड़, एसएसपी पर 72 लाख और टीएसपी पर 1.63 करोड़ रुपये की सब्सिडी खर्च में कमी आई है।
वर्जन
खाद वितरण प्रणाली को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से जोड़ने का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है। अब वही किसान खाद ले रहा है जिसने फसल उगाई है और पंजीकरण कराया है। जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।