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Sonipat News: अपेक्स सोसाइटी में आग लगने के बाद 48 फ्लैट खाली कर गए रेजिडेंट
Tue, 14 Nov 2023 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 14 Nov 2023 12:32 AM IST
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सोनीपत के कुमासपुर स्थित एपेक्स ग्रीन सोसायटी में आग लगने से क्षतिग्रस्त इमारत। संवाद
सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 पर गांव कमासपुर के पास एपेक्स ग्रीन सोसाइटी के आवासीय टावर की सातवीं मंजिल पर लगी आग से गगनचुंबी इमारत में सुरक्षा प्रबंधों पर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है। इमारत में लगा अग्निशमन सिस्टम तक दुरुस्त नहीं मिला। बेशक हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इस घटना के बाद से टावरों में रहने वाले लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। पूरे ब्लॉक में रहने वाले रेजिडेंट अपने-अपने फ्लैट खाली कर दूसरे स्थान पर चले गए हैं। आग से अग्निशमन विभाग व निजी बिल्डरों के सुरक्षा प्रबंधों की पोल खुल गई है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे सोनीपत को महानगर बनाया जा चुका है। सोनीपत के कुंडली, राई, मुरथल के बाद अब खरखौदा में भी बहुमंजिला रिहायशी टावरों का निर्माण तेजी से हो रहा है। 17 मंजिल तक के टावर हैं, लेकिन आग पर काबू पाने के प्रबंध नाकाफी है। सोनीपत में बहुमंजिला टावर में करीब साढ़े 10 हजार फ्लैट है। अग्निशमन विभाग के हाइड्रोलिक प्लेटफार्म व टर्न टेबल सीढ़ी तक उपलब्ध नहीं हैं। वह भी दिल्ली से मंगवाना पड़ता है। टावर बनाते समय सुरक्षा इंतजामों के सभी दस्तावेज पूरे कर सरकार से हरी झंडी लेने वाले निजी बिल्डर धरातल पर केवल खानापूर्ति करते हैं, इसका भी खुलासा हो गया है। एपेक्स ग्रीन में अग्निशमन सिस्टम तक दुरुस्त नहीं मिला। आग पर काबू पाने के लिए 17 गाड़ी व दिल्ली से बुलवाए हाईड्रोलिक सिस्टम की मदद ली गई थी। तब जाकर तड़के पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका था।
बेडशीट और साड़ी बनी सहारा
आग लगने की घटना के बाद रात को राहत बचाव के कार्यों के अलावा स्थानीय निवासियों के प्रयास सराहनीय रहे। साड़ी और बेडशीट को ग्रिल से बांधकर फंसे हुए लोगों को नीचे के फ्लैट पर उतारा गया।
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मुख्य दरवाजे पर आग लगने से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं
रेजिडेंट जितेंद्र व रमेश ने बताया कि बिल्डरों ने सुरक्षा इंतजामों के नाम पर खानापूर्ति की है। अगर फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर आग लग जाए तो एग्जिट करने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि यूं तो मरम्मत के नाम एक परिवार से करीब 3 हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं, लेकिन मरम्मत नहीं हो पाती। जितेंद्र ने बताया कि हाइड्रोलिक सिस्टम न तो अग्निशमन विभाग के पास है और न ही बिल्डर के पास है।
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में न तो आग बुझाने के यंत्र हैं और न ही सीवर, पानी, और बिजली की व्यवस्था ठीक है। रेजिडेंट लगातार इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई पहल नहीं हो रही है। इसे लेकर वह 12 अक्तूबर को उपायुक्त शिकायत भी दे चुके हैं। पूरे मामले की जांच कराकर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। -नीलम कादियान, उप प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, एपेक्स ग्रीन सोसाइटी।
उपायुक्त ने दिए कमेटी बनाकर जांच के आदेश
घटना की रात ही मौके पर पहुंचे डीसी डॉ. मनोज कुमार ने राहत कार्य तेज करवाया था। इस दौरान कई महिलाओं ने डीसी से गुहार लगाई कि उनकी जान बचाई जाए और बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीसी ने जांच का आश्वासन दिया और उसी समय एक जांच कमेटी भी गठित कर दी। जिसकी कमान एसडीएम अमित को सौंपी है। उनके साथ जिला अग्निशमन अधिकारी भी कमेटी में रहेंगे। रिपोर्ट सप्ताह भर में देनी है। एसडीएम अमित ने रविवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया व कहा कि कई पहलुओं पर अनदेखी हुई है। वह पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट उपायुक्त महोदय को सौपेंगे।
मेयर ने भी राहत कार्यों में करवाई थी मदद
एपेक्स ग्रीन की सातवीं मंजिल में आग की सूचना पर देर रात ही मेयर निखिल मदान भी मौके पर पहुंच कर राहत कार्यों में मदद करवाई। दमकल कर्मियों और स्थानीय युवाओं के सहयोग से सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। मेयर ने बताया कि नगर निगम सोनीपत की दमकल गाड़ियों के अलावा दिल्ली से हाइड्रोलिक सिस्टम मंगवाया गया। हाउस की आगामी बैठक में सोनीपत के लिए हाइड्रोलिक बेस व अत्याधुनिक दमकल गाड़ियां मंगवाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में आग लगने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। बिल्डर की तरफ से लगाया गया अग्निशमन यंत्र खराब मिला। जिससे दिक्कत हुई। विभाग ने मशक्कत से आग पर काबू पाया। मामले की जांच को कमेटी बनाई गई है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा। -यासीन खान, जिला अग्निशमन अधिकारी
इनको भी जानें
सोनीपत में बहुमंजिला इमारतों में 10500 फ्लैट
अग्निशमन विभाग के पास 19 फायर टेंडर, चार बाइक।
सोनीपत में दस दमकल केंद्र
टर्न टेबल सीढ़ी व हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में अग्निशमन को लगाया गया यंत्र मिला खराब
उपायुक्त ने कमेटी बनाकर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा
14 मंजिल के टावर में आग लगने वाले ब्लाक के 48 रेजिडेंट फ्लैट खाली कर गए
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे सोनीपत को महानगर बनाया जा चुका है। सोनीपत के कुंडली, राई, मुरथल के बाद अब खरखौदा में भी बहुमंजिला रिहायशी टावरों का निर्माण तेजी से हो रहा है। 17 मंजिल तक के टावर हैं, लेकिन आग पर काबू पाने के प्रबंध नाकाफी है। सोनीपत में बहुमंजिला टावर में करीब साढ़े 10 हजार फ्लैट है। अग्निशमन विभाग के हाइड्रोलिक प्लेटफार्म व टर्न टेबल सीढ़ी तक उपलब्ध नहीं हैं। वह भी दिल्ली से मंगवाना पड़ता है। टावर बनाते समय सुरक्षा इंतजामों के सभी दस्तावेज पूरे कर सरकार से हरी झंडी लेने वाले निजी बिल्डर धरातल पर केवल खानापूर्ति करते हैं, इसका भी खुलासा हो गया है। एपेक्स ग्रीन में अग्निशमन सिस्टम तक दुरुस्त नहीं मिला। आग पर काबू पाने के लिए 17 गाड़ी व दिल्ली से बुलवाए हाईड्रोलिक सिस्टम की मदद ली गई थी। तब जाकर तड़के पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका था।
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बेडशीट और साड़ी बनी सहारा
आग लगने की घटना के बाद रात को राहत बचाव के कार्यों के अलावा स्थानीय निवासियों के प्रयास सराहनीय रहे। साड़ी और बेडशीट को ग्रिल से बांधकर फंसे हुए लोगों को नीचे के फ्लैट पर उतारा गया।
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मुख्य दरवाजे पर आग लगने से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं
रेजिडेंट जितेंद्र व रमेश ने बताया कि बिल्डरों ने सुरक्षा इंतजामों के नाम पर खानापूर्ति की है। अगर फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर आग लग जाए तो एग्जिट करने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि यूं तो मरम्मत के नाम एक परिवार से करीब 3 हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं, लेकिन मरम्मत नहीं हो पाती। जितेंद्र ने बताया कि हाइड्रोलिक सिस्टम न तो अग्निशमन विभाग के पास है और न ही बिल्डर के पास है।
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में न तो आग बुझाने के यंत्र हैं और न ही सीवर, पानी, और बिजली की व्यवस्था ठीक है। रेजिडेंट लगातार इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई पहल नहीं हो रही है। इसे लेकर वह 12 अक्तूबर को उपायुक्त शिकायत भी दे चुके हैं। पूरे मामले की जांच कराकर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। -नीलम कादियान, उप प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, एपेक्स ग्रीन सोसाइटी।
उपायुक्त ने दिए कमेटी बनाकर जांच के आदेश
घटना की रात ही मौके पर पहुंचे डीसी डॉ. मनोज कुमार ने राहत कार्य तेज करवाया था। इस दौरान कई महिलाओं ने डीसी से गुहार लगाई कि उनकी जान बचाई जाए और बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीसी ने जांच का आश्वासन दिया और उसी समय एक जांच कमेटी भी गठित कर दी। जिसकी कमान एसडीएम अमित को सौंपी है। उनके साथ जिला अग्निशमन अधिकारी भी कमेटी में रहेंगे। रिपोर्ट सप्ताह भर में देनी है। एसडीएम अमित ने रविवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया व कहा कि कई पहलुओं पर अनदेखी हुई है। वह पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट उपायुक्त महोदय को सौपेंगे।
मेयर ने भी राहत कार्यों में करवाई थी मदद
एपेक्स ग्रीन की सातवीं मंजिल में आग की सूचना पर देर रात ही मेयर निखिल मदान भी मौके पर पहुंच कर राहत कार्यों में मदद करवाई। दमकल कर्मियों और स्थानीय युवाओं के सहयोग से सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। मेयर ने बताया कि नगर निगम सोनीपत की दमकल गाड़ियों के अलावा दिल्ली से हाइड्रोलिक सिस्टम मंगवाया गया। हाउस की आगामी बैठक में सोनीपत के लिए हाइड्रोलिक बेस व अत्याधुनिक दमकल गाड़ियां मंगवाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में आग लगने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। बिल्डर की तरफ से लगाया गया अग्निशमन यंत्र खराब मिला। जिससे दिक्कत हुई। विभाग ने मशक्कत से आग पर काबू पाया। मामले की जांच को कमेटी बनाई गई है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा। -यासीन खान, जिला अग्निशमन अधिकारी
इनको भी जानें
सोनीपत में बहुमंजिला इमारतों में 10500 फ्लैट
अग्निशमन विभाग के पास 19 फायर टेंडर, चार बाइक।
सोनीपत में दस दमकल केंद्र
टर्न टेबल सीढ़ी व हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं
एपेक्स ग्रीन सोसाइटी में अग्निशमन को लगाया गया यंत्र मिला खराब
उपायुक्त ने कमेटी बनाकर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा
14 मंजिल के टावर में आग लगने वाले ब्लाक के 48 रेजिडेंट फ्लैट खाली कर गए

सोनीपत के कुमासपुर स्थित एपेक्स ग्रीन सोसायटी में आग लगने से क्षतिग्रस्त इमारत। संवाद