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Sonipat News: पार्ट टाइम में बीटेक करने वालों को राहत
Fri, 16 May 2025 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 16 May 2025 01:33 AM IST
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सोनीपत। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल की तरफ से वर्ष 2011 से शुरू किए गए वीकेंड या पार्ट टाइम बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) कोर्स को वैध करार दिया है।
न्यायालय ने उसे नियमित डिग्री के समकक्ष माना है। कोर्ट ने इस डिग्री के आधार पर सरकारी विभागों में पदोन्नति के अधिकार को भी मान्यता दी है।
यह फैसला 11 मामलों के एक साथ निपटारे में दिया गया है, जिसमें 2011 में शुरू हुए इस कोर्स की वैधता और इसके तहत प्राप्त डिग्रियों के आधार पर सब डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) पद के लिए पात्रता को लेकर विवाद था।
यह कोर्स वर्ष 2011 में वीकेंड प्रोग्राम के रूप में शुरू किया गया था, जिसे 2013 में पार्ट टाइम कोर्स के रूप में परिवर्तित किया गया। एआईसीटीई ने वर्ष 2018 में ऐसे पार्ट टाइम कोर्स को मान्यता प्रदान की थी, जो कार्यरत पेशेवरों के लिए विश्वविद्यालय परिसर में नियमित मोड में चलाए जाते हैं। संवाद
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न्यायालय ने उसे नियमित डिग्री के समकक्ष माना है। कोर्ट ने इस डिग्री के आधार पर सरकारी विभागों में पदोन्नति के अधिकार को भी मान्यता दी है।
यह फैसला 11 मामलों के एक साथ निपटारे में दिया गया है, जिसमें 2011 में शुरू हुए इस कोर्स की वैधता और इसके तहत प्राप्त डिग्रियों के आधार पर सब डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) पद के लिए पात्रता को लेकर विवाद था।
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यह कोर्स वर्ष 2011 में वीकेंड प्रोग्राम के रूप में शुरू किया गया था, जिसे 2013 में पार्ट टाइम कोर्स के रूप में परिवर्तित किया गया। एआईसीटीई ने वर्ष 2018 में ऐसे पार्ट टाइम कोर्स को मान्यता प्रदान की थी, जो कार्यरत पेशेवरों के लिए विश्वविद्यालय परिसर में नियमित मोड में चलाए जाते हैं। संवाद
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