{"_id":"65f9d04ca9ba01dd9809d9d3","slug":"record-of-largest-human-national-flag-registered-in-guinness-book-sonipat-news-c-197-1-snp1002-115614-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सबसे बड़ा मानव राष्ट्रीय ध्वज बना गिनीज बुक में दर्ज करवाया रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सबसे बड़ा मानव राष्ट्रीय ध्वज बना गिनीज बुक में दर्ज करवाया रिकॉर्ड
Tue, 19 Mar 2024 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:20 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के साथ मिलकर सबसे बड़े मानव राष्ट्रीय ध्वज बनाने का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इस आयोजन में विवि के विद्यार्थियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अनोखे अवसर को मनाने के लिए सभी प्रतिभागी पूरे उत्साह के साथ भारतीय ध्वज के रंगों में एकत्रित हुए और विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलाधिपति नवीन जिंदल ने कहा कि विवि को बधाई देता हूं, जिन्होंने लहराते हुए राष्ट्रीय ध्वज की सबसे बड़ी मानव छवि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन विवि व फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। जो भारतीय राष्ट्रवाद की भावना को नए सिरे से जगाने की दिशा में काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 23 जनवरी, 2004 को अपने फैसले में कहा कि भारतीय संविधान सभी भारतीय नागरिक को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। इसके तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराना देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अपने देश के गौरव और एकता को प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवनों के साथ अपने घरों पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराना काफी मायने रखता है। जब हम झंडा प्रदर्शित करते हैं तो हम धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र की सोच से ऊपर उठते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि हम सबसे पहले एक भारतीय हैं। साथ ही यह भारत के सभी धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों को दर्शाता है। इस प्रकार यह हमारी विविधता में एकता की सबसे बड़ी निशानी है।
विवि के संस्थापक उपकुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा कि सबसे बड़े मानव राष्ट्रीय ध्वज लहराने का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पुराना रिकॉर्ड 6280 लोगों ने मानव राष्ट्रीय ध्वज बनाकर कायम किया था। विवि में मंगलवार को 7368 विद्यार्थियों व कर्मचारियों ने मानव राष्ट्रीय ध्वज बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
विज्ञापन
इस अवसर पर ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. दबीरू श्रीधर पटनायक, फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अशीम कोहली सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलाधिपति नवीन जिंदल ने कहा कि विवि को बधाई देता हूं, जिन्होंने लहराते हुए राष्ट्रीय ध्वज की सबसे बड़ी मानव छवि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन विवि व फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। जो भारतीय राष्ट्रवाद की भावना को नए सिरे से जगाने की दिशा में काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 23 जनवरी, 2004 को अपने फैसले में कहा कि भारतीय संविधान सभी भारतीय नागरिक को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। इसके तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराना देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अपने देश के गौरव और एकता को प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवनों के साथ अपने घरों पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराना काफी मायने रखता है। जब हम झंडा प्रदर्शित करते हैं तो हम धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र की सोच से ऊपर उठते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि हम सबसे पहले एक भारतीय हैं। साथ ही यह भारत के सभी धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों को दर्शाता है। इस प्रकार यह हमारी विविधता में एकता की सबसे बड़ी निशानी है।
विज्ञापन
विवि के संस्थापक उपकुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा कि सबसे बड़े मानव राष्ट्रीय ध्वज लहराने का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पुराना रिकॉर्ड 6280 लोगों ने मानव राष्ट्रीय ध्वज बनाकर कायम किया था। विवि में मंगलवार को 7368 विद्यार्थियों व कर्मचारियों ने मानव राष्ट्रीय ध्वज बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
विज्ञापन
इस अवसर पर ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. दबीरू श्रीधर पटनायक, फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अशीम कोहली सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे।