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Sonipat News: मिल के गोदाम में 972 बैग का नहीं मिला रिकार्ड, जांच जारी
Fri, 16 Feb 2024 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 16 Feb 2024 11:24 PM IST
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सोनीपत। दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गोदाम में चीनी के 972 बैग ऐसे मिले हैं जिनका रिकार्ड मिल प्रबंधन के पास नहीं मिला है। चीनी की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। चीनी के बैग गोदाम में पहुंचने की जांच को लेकर मिल प्रबंधन ने कमेटी गठित कर दी है।
मिल के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कुछ समय पहले कर्मचारियों की सीट बदली थी। नए कर्मचारी ने चार्ज लिया और स्टाॅक का मिलान करने पर चीनी से 972 बैग अधिक मिले। इसके बाद एमडी ने कमेटी की जांच कराई, लेकिन वह जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद मामले की जांच चौधरी देवीलाल सहकारी चीनी मिल, आहुलाना के अधिकारियों से कराई तो उन्होंने भी गोदाम में अधिक बैग होने की बात कही। ऐसे में गोदाम में अतिरिक्त बैग मिलने पर सवाल खड़ा हो गया है। इसकी जांच को कमेटी का गठन किया गया और उपायुक्त व उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
गोदाम में वर्ष 2022-23 पेराई सत्र के दौरान तैयार की गई चीनी को भी रखा हुआ है। इससे पहले वर्ष 2013-14 के पेराई सत्र के दौरान भी 478 चीनी के बैग की गड़बड़ी मिली है। इसकी एंटी करप्शन ब्यूराे की तरफ से जांच की गई थी। वर्ष 2020 में करीब 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
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कमेटी की जांच में नहीं मिला चीनी के बैगों का रिकार्ड
प्रबंध निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि चीनी से संबंधित कार्य बिक्री शाखा की ओर से किया जाता है। चीनी उत्पादन के बाद गोदाम के रजिस्टर से बिक्री शाखा को बेचने के लिए स्थानांतरण कर दी जाती है। इसके बाद उसका लेजर बुक तैयार करना और रिकार्ड दुरुस्त करने सहित तमाम जिम्मेदारी विभाग की होती है। बेची गई चीनी का पैसा मिल के खाते में ट्रांसफर करना और ऑनलाइन बोली से मिलने वाला पैसा डायरेक्ट ही खाता में ट्रांसफर कर दी जाती है। लेकिन इस चीनी का कोई रिकार्ड मिल में नहीं पाया गया।
वर्जन
मिल के गोदाम में बिना रिकार्ड के चीनी से भरे बैग मिलने का मामला संज्ञान में आया है। बैग गोदाम में कैसे पहुंचे और लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसकी जांच करने के आदेश दे दिए हैं। जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. मनोज कुमार, उपायुक्त, सोनीपत
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मिल के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कुछ समय पहले कर्मचारियों की सीट बदली थी। नए कर्मचारी ने चार्ज लिया और स्टाॅक का मिलान करने पर चीनी से 972 बैग अधिक मिले। इसके बाद एमडी ने कमेटी की जांच कराई, लेकिन वह जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद मामले की जांच चौधरी देवीलाल सहकारी चीनी मिल, आहुलाना के अधिकारियों से कराई तो उन्होंने भी गोदाम में अधिक बैग होने की बात कही। ऐसे में गोदाम में अतिरिक्त बैग मिलने पर सवाल खड़ा हो गया है। इसकी जांच को कमेटी का गठन किया गया और उपायुक्त व उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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गोदाम में वर्ष 2022-23 पेराई सत्र के दौरान तैयार की गई चीनी को भी रखा हुआ है। इससे पहले वर्ष 2013-14 के पेराई सत्र के दौरान भी 478 चीनी के बैग की गड़बड़ी मिली है। इसकी एंटी करप्शन ब्यूराे की तरफ से जांच की गई थी। वर्ष 2020 में करीब 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
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कमेटी की जांच में नहीं मिला चीनी के बैगों का रिकार्ड
प्रबंध निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि चीनी से संबंधित कार्य बिक्री शाखा की ओर से किया जाता है। चीनी उत्पादन के बाद गोदाम के रजिस्टर से बिक्री शाखा को बेचने के लिए स्थानांतरण कर दी जाती है। इसके बाद उसका लेजर बुक तैयार करना और रिकार्ड दुरुस्त करने सहित तमाम जिम्मेदारी विभाग की होती है। बेची गई चीनी का पैसा मिल के खाते में ट्रांसफर करना और ऑनलाइन बोली से मिलने वाला पैसा डायरेक्ट ही खाता में ट्रांसफर कर दी जाती है। लेकिन इस चीनी का कोई रिकार्ड मिल में नहीं पाया गया।
वर्जन
मिल के गोदाम में बिना रिकार्ड के चीनी से भरे बैग मिलने का मामला संज्ञान में आया है। बैग गोदाम में कैसे पहुंचे और लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसकी जांच करने के आदेश दे दिए हैं। जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. मनोज कुमार, उपायुक्त, सोनीपत