हरियाणा: सोनीपत शहर में 220, बहादुरगढ़ में 150 एमएम बारिश, अंबाला में 59 साल का रिकॉर्ड टूटा
- सीजन में पहली बार हरियाणा में सर्वाधिक 23.5 एमएम औसत बारिश
- दक्षिणी हिस्से को छोड़कर प्रदेश में दो दिन तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान
- सोनीपत में दो मकान गिरने से 12 लोग घायल, तीन की हालत गंभीर
विस्तार
हरियाणा में मानसून सीजन में पहली बार झमाझम बारिश हुई। बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक भादो में सावन की तरह झड़ी लग गई। सोनीपत शहर में 220 एमएम, जिले में 170, बहादुरगढ़ में 150 और गुरुग्राम 97 एमए भारी बारिश होने से जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। रात भर बिजली गुल रहने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा।
सोनीपत शहर में जगह-जगह चार फीट तक जल भराव हो गया। प्राय: सभी मकानों में बारिश का पानी घुस गया। दो मकान गिरने से 12 लोग घायल हो गए, वहीं तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। हजारों वाहन फंस गए। सड़कों पर लंबा जाम लगा रहा। गुरुग्राम में लगातार 15 घंटे बारिश का दौर चला। निगम ने दर्जनों जगहों पर ट्रैक्टर, पंप, सुपर सकर और इंजन पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी हिस्से को छोड़कर आगामी दो दिन तक प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। इस सीजन में पहली बार प्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक 23.5 एमएम औसत बारिश हुई, जो सामान्य से 353 फीसदी अधिक है।
सोनीपत में बुधवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश से शहर व गांवों में जलभराव से लोग परेशान हो गए। औसतन 170 एमएम बारिश से सड़कें तालाब बन गईं और घरों व दुकानों में पानी घुस गया। इतना ही नहीं घंटों तक शहर की बिजली आपूर्ति ठप रही। निकासी को लेकर किए गए प्रशासनिक दावों की हवा निकल गई।
बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हाईवे सहित अन्य मार्गों पर बारिश का पानी भरने से जाम की स्थिति बन गई। सामान्य अस्पताल से लेकर मंडी तक पानी भर गया। विधायक के घर के बाहर सहित अन्य सड़कों पर चार फीट तक पानी भरा था।
बारिश के दुपहिया के साथ कार व अन्य वाहन भी फंस गए और लोग उन्हें धकेलकर ले जाते दिखाई दिए। वहीं 59 साल पहले 2 अगस्त 1961 को अंबाला में 184 एमएम बारिश एक दिन में होने का रिकॉर्ड आज सोनीपत में हुई 220 एमएम बारिश ने तोड़ दिया।
जिले में बुधवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश से सड़कों पर चार फीट तक पानी भर गया। जिससे सड़क तालाब बनी नजर आई। लोगों के घरों व दुकानों में पानी भरने से लोग रातभर पानी निकालने में लगे रहे। सामान्य अस्पताल, सब्जी मंडी, अनाज मंडी और राई तहसील में भी पानी भर गया। बस स्टैंड में पानी भरने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई।
हाईवे के साथ ही अन्य सड़कों पर जाम के हालात बने रहे। पानी भरने से वाहन उसमें फंस गए। लोगों को अपने वाहनों को धकेलते हुए लेकर जाना पड़ा। दुपहिया के साथ ही कार भी पानी भरने से बंद हो गई। बारिश से कई सालों का रिकार्ड टूट गया। बड़े बुजुर्गों ने भी माना कि उन्होंने इतनी बारिश कभी नहीं देखी। शहर की सड़कों के साथ ही गलियों व पार्कों में भी पानी ही नजर आ रहा था।
सलीमसरा माजरा में घर की छत गिरने से परिवार के 12 सदस्य घायल हो गए। जिसमें तीन को गंभीर हालत के चलते पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। इसके साथ ही गांव खांडा में भी मकान की छत गिर गई। वहीं गांव रोहट में पशुवाड़े की छत गिरने से पशु भी घायल हो गए। गनीमत रही कि महिला व उसका बेटा समय रहते बाहर चले गए थे।
शहर के पॉश इलाके सेक्टर-14, 15 व 12 में भी हालात बदतर रहे। विधायक सुरेंद्र पंवार का आवास के बाहर भी सडक़ पर पानी भरा था। बिजली गुल रहने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई। सामान्य अस्पताल में बिजली गुल होने से मरीजों को परेशानी हुई। शनि मंदिर अंडरब्रजि पूरी तरह पानी से भर गया। शनि मंदिर के सामने भी पानी भरा रहा। जिससे शहर दो भागों में बंटा रहा।
ककरोई चौक र पानी भरने से मुसीबत बढ़ गई। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर पानी भरने से श्रमिकों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बारिश से धान उत्पादक किसानों को काफी फायदा हुआ है। हालांकि हरे चारे की फसल इससे प्रभावित हुई है। कपास, बाजरा व सब्जी की फसल में पानी नहीं निकाला गया तो उसमें भारी नुकसान हो सकता है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को भी बारिश के आसार बने रहेंगे।
सोनीपत में हुई बारिश
- ब्लॉक बारिश
- सोनीपत 220 एमएम
- गन्नौर 184 एमएम
- खरखौदा 162 एमएम
- राई 155 एमएम
- गोहाना 65 एमएम
- खानपुर 48 एमएम
मूसलाधार बारिश से धान की फसल में काफी फायदा होगा। हालांकि कपास, बाजरा और सब्जी की फसल में पानी जमा नहीं रहने दें। इससे फसलों को नुकसान हो सकता है। डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उप निदेशक सोनीपत।