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पुनर्मूल्यांकन : अब 20 तक आवेदन कर सकेंगे विद्यार्थी
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सोनीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने टर्म-1 के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों को राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन का मौका दिया है। इसके लिए सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। सीबीएसई की अधिसूचना के अनुसार विद्यार्थी अब 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं।
सीबीएसई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्कूलों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि वे नियत तारीख के भीतर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए उन्हें अवसर देते हुए अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए। स्कूलों की मांग को देखते हुए सीबीएसई ने अंतिम तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इससे निजी स्कूल संचालकों और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि टर्म-1 परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों को अपने स्कूलों में जाना होगा। वहां विद्यार्थियों को अपनी समस्या या प्रश्न संबंधी आपत्ति को लिखित रूप में स्कूल प्रभारी के सामने प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद यह स्कूलों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सीबीएसई को अपने ऑनलाइन स्कूल रिक्वेस्ट सबमिशन (एसआरएसआर) पोर्टल के माध्यम से शिकायत भेजें।
इंसेट
स्कूल की तरफ से भेजा जाएगा सामूहिक अनुरोध
स्कूल प्रबंधन की ओर से हर अनुरोध सीबीएसई को नहीं भेजा जाएगा। जहां कक्षा 10वीं के लिए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन या आपत्ति को स्कूल के स्तर पर हल किया जा सकता है, तो उसके बारे में स्कूल लिखित रूप में संबंधित विद्यार्थी को सूचित करेंगे। यदि विवाद का समाधान सीबीएसई द्वारा किया जाना है, तो स्कूलों द्वारा प्राप्त सभी विवादों को मिलाकर एक रिपोर्ट एसआरएस पोर्टल पर एक बार में अपलोड की जा सकती है। विद्यार्थी अपनी शिकायत पर की जाने वाली कार्रवाई को आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।
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वर्जन-
सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा के परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों को राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। इच्छुक विद्यार्थी अब 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्कूल में संपर्क करना होगा। विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी शिकायत का अपडेट भी देख सकेंगे।
वीके मित्तल, सहोदय अध्यक्ष एवं प्राचार्य, डीएवी स्कूल, सेक्टर- 15, सोनीपत
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सीबीएसई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्कूलों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि वे नियत तारीख के भीतर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए उन्हें अवसर देते हुए अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए। स्कूलों की मांग को देखते हुए सीबीएसई ने अंतिम तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इससे निजी स्कूल संचालकों और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि टर्म-1 परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों को अपने स्कूलों में जाना होगा। वहां विद्यार्थियों को अपनी समस्या या प्रश्न संबंधी आपत्ति को लिखित रूप में स्कूल प्रभारी के सामने प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद यह स्कूलों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सीबीएसई को अपने ऑनलाइन स्कूल रिक्वेस्ट सबमिशन (एसआरएसआर) पोर्टल के माध्यम से शिकायत भेजें।
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स्कूल की तरफ से भेजा जाएगा सामूहिक अनुरोध
स्कूल प्रबंधन की ओर से हर अनुरोध सीबीएसई को नहीं भेजा जाएगा। जहां कक्षा 10वीं के लिए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन या आपत्ति को स्कूल के स्तर पर हल किया जा सकता है, तो उसके बारे में स्कूल लिखित रूप में संबंधित विद्यार्थी को सूचित करेंगे। यदि विवाद का समाधान सीबीएसई द्वारा किया जाना है, तो स्कूलों द्वारा प्राप्त सभी विवादों को मिलाकर एक रिपोर्ट एसआरएस पोर्टल पर एक बार में अपलोड की जा सकती है। विद्यार्थी अपनी शिकायत पर की जाने वाली कार्रवाई को आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।
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सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा के परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों को राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। इच्छुक विद्यार्थी अब 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्कूल में संपर्क करना होगा। विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी शिकायत का अपडेट भी देख सकेंगे।
वीके मित्तल, सहोदय अध्यक्ष एवं प्राचार्य, डीएवी स्कूल, सेक्टर- 15, सोनीपत