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राजस्थानी गर्म हवाएं झुलसा रहीं तन, 44.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा पारा
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गर्मी से बचने के लिए मुंह पर चुन्नी बांधकर स्कूटी पर जातीं युवतियां। संवाद
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। गर्मी का सितम झेल रहे जिलेवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं ने जिले में दस्तक दे दी है। दिन भर चली तेज पश्चिमी हवाओं के कारण वातावरण से नमी गायब हो गई है। इसके चलते पारा एक बार फिर से 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन दिन तक गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। इसके बाद प्री मानसून दस्तक दे सकता है। 12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश की संभावना बनी हुई है।
इस वर्ष अप्रैल से ही गर्मी अपने प्रचंड तेवर दिखा रही है। जून की शुरुआत से ही पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। गर्मी की वजह से दोपहर के समय में घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। मंगलवार को सुबह आसमान में हल्के बादल छाने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हवाओं का रुख बदला और राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं ने वातावरण से नमी सुखा दी, जिससे लोगों को गर्मी का सितम झेलना पड़ा। हालांकि मौसम विभाग पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर चुका है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन भर 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाएं लोगों को झुलसाती रही।
बिजाई में जुटे किसान
लगातार बढ़ती जा रही गर्मी से जहां जनमानस झुलस रहा है, वहीं ज्वार व कपास की फसलों में भी सिंचाई की आवश्यकता महसूस होने लगी है। गर्मी का असर खरीफ सीजन की बिजाई प्रक्रिया पर भी दिखाई दे रहा है। गर्मी में खेत से बिजाई के लिए आवश्यक नमी भी जल्द ही गायब हो जाती है। हालांकि कृषि विभाग ने सभी किसानों के लिए 15 जून से पहले धान की रोपाई शुरू न करने की एडवाइजरी जारी की हुई है। जिले में इस बार करीब 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपाई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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चिकित्सक दे रहे लू से बचने की सलाह
भीषण गर्मी से बचने के लिए चिकित्सक लोगों को सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें, जहां तक संभव हो धूप में निकलने का प्रयास न करें। बाहर निकलना भी पड़े तो सिर ढक कर रखें। गर्मी से बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
वर्जन
राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाओं ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दी। जिससे वातावरण से नमी गायब हो गई। लोगों को भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। 12 जून को प्री मानसून जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्र में दस्तक दे सकता है। जिसके बाद ही लोगों को गर्मी से राहत मिल सकेगी। इस बार मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है।
प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
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इस वर्ष अप्रैल से ही गर्मी अपने प्रचंड तेवर दिखा रही है। जून की शुरुआत से ही पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। गर्मी की वजह से दोपहर के समय में घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। मंगलवार को सुबह आसमान में हल्के बादल छाने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हवाओं का रुख बदला और राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं ने वातावरण से नमी सुखा दी, जिससे लोगों को गर्मी का सितम झेलना पड़ा। हालांकि मौसम विभाग पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर चुका है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन भर 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाएं लोगों को झुलसाती रही।
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बिजाई में जुटे किसान
लगातार बढ़ती जा रही गर्मी से जहां जनमानस झुलस रहा है, वहीं ज्वार व कपास की फसलों में भी सिंचाई की आवश्यकता महसूस होने लगी है। गर्मी का असर खरीफ सीजन की बिजाई प्रक्रिया पर भी दिखाई दे रहा है। गर्मी में खेत से बिजाई के लिए आवश्यक नमी भी जल्द ही गायब हो जाती है। हालांकि कृषि विभाग ने सभी किसानों के लिए 15 जून से पहले धान की रोपाई शुरू न करने की एडवाइजरी जारी की हुई है। जिले में इस बार करीब 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपाई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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चिकित्सक दे रहे लू से बचने की सलाह
भीषण गर्मी से बचने के लिए चिकित्सक लोगों को सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें, जहां तक संभव हो धूप में निकलने का प्रयास न करें। बाहर निकलना भी पड़े तो सिर ढक कर रखें। गर्मी से बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
वर्जन
राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाओं ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दी। जिससे वातावरण से नमी गायब हो गई। लोगों को भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। 12 जून को प्री मानसून जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्र में दस्तक दे सकता है। जिसके बाद ही लोगों को गर्मी से राहत मिल सकेगी। इस बार मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है।
प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ