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40 मिनट में गोहाना, दो घंटे में पहुंचेंगे जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:38 PM IST
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जींद और सोनीपत जिले के सपनों के ट्रैक सोनीपत-गोहाना-जींद को रेलवे के सेफ्टी विभाग के कमिश्नर ने हरी झंडी दे दी है। जल्द सोनीपत से गोहाना का सफर महज 40 मिनट और जींद का दो घंटे में पूरा होगा। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसके गौड़ ने बताया कि अब गेंद ऑपरेशन और मेंटीनेंस विभाग के पाले में हैं। दोनों विभाग चाहे तो एक सप्ताह में ट्रेन चला सकते हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की 30 सदस्यीय टीम के साथ रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शैलेश कुमार पाठक के नेतृत्व में सोनीपत से गोहाना तक ट्रैक की जांच की। गुरुवार को गोहाना से जींद के लिए सेफ्टी टीम रवाना हुई। सीआरएस ने निरीक्षण के बाद कहा कि ट्रैक पूरी तरह तैयार है। हालांकि इसको अभी फिनिशिंग टच देना बाकी है।
110 की स्पीड से गाड़ी पहुंची सोनीपत
जींद तक रेलवे ट्रैक के निरीक्षण के बाद 2 बजकर 49 मिनट पर गाड़ी सोनीपत के लिए रवाना हुई, जो रास्ते में जांच पड़ताल के बाद 3 बजकर 55 मिनट पर सोनीपत पहुंची। यहां पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक पूरी तरह तैयार है। कभी भी गाड़ी चला सकते हैं।
10 रुपये में गोहाना, 20 रुपये में जींद
सीआरएस के निरीक्षण के बाद रेलवे ट्रैक को हरी झंडी मिल गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब रेलवे का परिचालन (यातायात) इस ट्रैक पर शुरू होगा। साथ ही किराया और स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव तय किया जाएगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार सोनीपत से गोहाना का किराया करीब 10 रुपये और जींद तक का किराया 20 रुपये तय हुआ है। जबकि रोडवेज बस से सफर करने पर गोहाना तक का किराया 15 रुपये और जींद तक का किराया 45 रुपये लगता है।
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सीआरएस ने सोनीपत पहुंचने के बाद सेफ्टी ट्रेन द्वारा दर्ज किए गए आंकड़ों की जांच की। वे पूरी तरह संतुष्ट नजर आए। ऐसे में ट्रैक को हरी झंडी दे दी गई है। अब कभी भी ट्रैक पर रेलगाड़ी चलाई जा सकती है, जिसकी अधिकतम स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
-सुरेंद्र कुमार गौड़, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
जिद कर बच्चा बना ड्राइवर, बोले मैं भी चलाऊंगा ट्रेन
दोपहर बाद जब सेफ्टी ट्रेन सोनीपत पहुंची तो स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और यात्रियों के बीच खुशी का माहौल रहा। तभी पानीपत जाने के लिए ट्रेन का इंतजार रहे बुजुर्ग के पौत्र ने ट्रेन चलाने की जिद की। बुजुर्ग ने उसे समझाया भी, लेकिन वह रोने लगा। ड्राइवर ने उसे थोड़ी देर ड्राइविंग सीट पर बैठाया। अगले ही पल उसे नीचे उतार दिया। इसके बाद सेफ्टी ट्रेन वाया गोहाना के लिए रवाना हो गई, जहां से वाया रोहतक दिल्ली जाएगी।
दोनों जिलों को होगा फायदा
गोहाना-जींद रेलवे ट्रैक बनने से दोनों जिले के लोगों को फायदा होगा। खासकर गोहाना और आसपास के 150 के करीब गांवों के लोग अब दिल्ली और सोनीपत जाने के लिए रोडवेज के भरोसे नहीं रहेंगे। खासकर दिल्ली नौकरी करने जाने वाले लोगों को बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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110 की स्पीड से गाड़ी पहुंची सोनीपत
जींद तक रेलवे ट्रैक के निरीक्षण के बाद 2 बजकर 49 मिनट पर गाड़ी सोनीपत के लिए रवाना हुई, जो रास्ते में जांच पड़ताल के बाद 3 बजकर 55 मिनट पर सोनीपत पहुंची। यहां पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक पूरी तरह तैयार है। कभी भी गाड़ी चला सकते हैं।
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10 रुपये में गोहाना, 20 रुपये में जींद
सीआरएस के निरीक्षण के बाद रेलवे ट्रैक को हरी झंडी मिल गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब रेलवे का परिचालन (यातायात) इस ट्रैक पर शुरू होगा। साथ ही किराया और स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव तय किया जाएगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार सोनीपत से गोहाना का किराया करीब 10 रुपये और जींद तक का किराया 20 रुपये तय हुआ है। जबकि रोडवेज बस से सफर करने पर गोहाना तक का किराया 15 रुपये और जींद तक का किराया 45 रुपये लगता है।
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सीआरएस ने सोनीपत पहुंचने के बाद सेफ्टी ट्रेन द्वारा दर्ज किए गए आंकड़ों की जांच की। वे पूरी तरह संतुष्ट नजर आए। ऐसे में ट्रैक को हरी झंडी दे दी गई है। अब कभी भी ट्रैक पर रेलगाड़ी चलाई जा सकती है, जिसकी अधिकतम स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
-सुरेंद्र कुमार गौड़, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
जिद कर बच्चा बना ड्राइवर, बोले मैं भी चलाऊंगा ट्रेन
दोपहर बाद जब सेफ्टी ट्रेन सोनीपत पहुंची तो स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और यात्रियों के बीच खुशी का माहौल रहा। तभी पानीपत जाने के लिए ट्रेन का इंतजार रहे बुजुर्ग के पौत्र ने ट्रेन चलाने की जिद की। बुजुर्ग ने उसे समझाया भी, लेकिन वह रोने लगा। ड्राइवर ने उसे थोड़ी देर ड्राइविंग सीट पर बैठाया। अगले ही पल उसे नीचे उतार दिया। इसके बाद सेफ्टी ट्रेन वाया गोहाना के लिए रवाना हो गई, जहां से वाया रोहतक दिल्ली जाएगी।
दोनों जिलों को होगा फायदा
गोहाना-जींद रेलवे ट्रैक बनने से दोनों जिले के लोगों को फायदा होगा। खासकर गोहाना और आसपास के 150 के करीब गांवों के लोग अब दिल्ली और सोनीपत जाने के लिए रोडवेज के भरोसे नहीं रहेंगे। खासकर दिल्ली नौकरी करने जाने वाले लोगों को बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।