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लोहे के उपकरणों पर पालिश के लिए बिना अनुमति चलाई जा रही थी फैक्टरी, कैमिकल व पानी के सैंपल लिए
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खरखौदा। गांव सैदपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिना अनुमति चल रही फैक्टरी पर सोमवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अन्य विभागों के साथ मिलकर छापा मारा। फैक्टरी में लोहे की एंगल व अन्य उपकरणों पर पॉलिश करने का काम किया जा रहा था। जिस पर टीम ने मौके से पानी और बरामद केमिकल के सैंपल लिए है। साथ ही फैक्टरी संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि सैदपुर में गोशाला के पीछे औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी बगैर संबंधित विभागों की मंजूरी के चलाई जा रही है। फैक्टरी में लोहे की एंगल व अन्य उपकरणों पर पालिश की जाती है। जिससे प्रदूषण फैलता है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सुलतान सिंह की अगुवाई में टीम का गठन कर सोमवार को फैक्टरी में जांच करने के लिए भेजा गया। टीम ने जब मौके पर जाकर जांच की तो पाया कि फैक्टरी में एंगल पर पालिश की जा रही थी। फैक्टरी में पालिश करके तैयार की गई एंगल मिलने के साथ ही बिना पॉलिश किए एंगल भी टीम को मिले। इस दौरान टीम ने एंगल पालिश करने में प्रयोग होने वाले केमिकल व पानी के सैंपल लेकर उन्हें सील किया है। उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसके साथ ही मौके पर पहुंचे विभिन्न विभागों की तरफ से नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ईटीओ राकेश कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अभिजीत सिंह, सेल टैक्स इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, लेबर इंस्पेक्टर धर्मसिंह व सैदपुर पुलिस चौकी की टीम मौजूद रही।
फैक्टरी चलाने की नहीं ली अनुमति
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जांच की तो सामने आया कि फैक्टरी को संचालित करने के लिए जिन विभागों से अनुमति ली जानी चाहिए थी वह नहीं ली गई है। इसके साथ ही यह फैक्टरी छह माह पहले तक जटौला में संचालित की जा रही थी। लेकिन दस्तावेज नहीं होने के चलते मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने छापा मारकर इसे सील किया था। अब जगह बदलकर सैदपुर में संचालित किया जा रहा था।
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वर्जन
फैक्टरी संचालित करने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है। यह भूमि व वायु प्रदूषण का मामला है। ऐसे में पहले संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब से बोर्ड संतुष्ट नहीं होगा तो फैक्टरी को सील किया जाएगा।
- अभिजीत, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि सैदपुर में गोशाला के पीछे औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी बगैर संबंधित विभागों की मंजूरी के चलाई जा रही है। फैक्टरी में लोहे की एंगल व अन्य उपकरणों पर पालिश की जाती है। जिससे प्रदूषण फैलता है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सुलतान सिंह की अगुवाई में टीम का गठन कर सोमवार को फैक्टरी में जांच करने के लिए भेजा गया। टीम ने जब मौके पर जाकर जांच की तो पाया कि फैक्टरी में एंगल पर पालिश की जा रही थी। फैक्टरी में पालिश करके तैयार की गई एंगल मिलने के साथ ही बिना पॉलिश किए एंगल भी टीम को मिले। इस दौरान टीम ने एंगल पालिश करने में प्रयोग होने वाले केमिकल व पानी के सैंपल लेकर उन्हें सील किया है। उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसके साथ ही मौके पर पहुंचे विभिन्न विभागों की तरफ से नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ईटीओ राकेश कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अभिजीत सिंह, सेल टैक्स इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, लेबर इंस्पेक्टर धर्मसिंह व सैदपुर पुलिस चौकी की टीम मौजूद रही।
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फैक्टरी चलाने की नहीं ली अनुमति
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जांच की तो सामने आया कि फैक्टरी को संचालित करने के लिए जिन विभागों से अनुमति ली जानी चाहिए थी वह नहीं ली गई है। इसके साथ ही यह फैक्टरी छह माह पहले तक जटौला में संचालित की जा रही थी। लेकिन दस्तावेज नहीं होने के चलते मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने छापा मारकर इसे सील किया था। अब जगह बदलकर सैदपुर में संचालित किया जा रहा था।
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फैक्टरी संचालित करने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है। यह भूमि व वायु प्रदूषण का मामला है। ऐसे में पहले संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब से बोर्ड संतुष्ट नहीं होगा तो फैक्टरी को सील किया जाएगा।
- अभिजीत, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।