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Sonipat News: गोहाना मंडी में 17 हजार क्विंटल पीआर धान रिजेक्ट, किसानों की बढ़ी चिंता
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- मंडी में धान का अंबार, धीमी खरीद से किसान परेशान, 17 हजार क्विंटल फसल रिजेक्ट
- किसानों का आरोप नमी और खरपतवार का हवाला देकर खरीद से इनकार करने से इंकार कर रही एजेंसियां
- 6.28 लाख क्विंटल की आवक, हैफेड ने खरीदा सिर्फ 68,525 क्विंटल धान
- अनाज मंडी रोजाना 35 से 40 हजार क्विंटल धान लेकर पहुंच रहे किसान
फोटो :: 14
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। नई अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ गई, लेकिन खरीद में सुस्ती है। नमी और खरपतवार का हवाला देकर खरीद एजेंसियों ने 17 हजार क्विंटल फसल रिजेक्ट कर दिया। मंडी में अब तक 6.28 लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है, लेकिन पीआर धान को रिजेक्ट किए जाने से अन्नदाता अपनी ही उपज के बिकने का इंतजार करने और मंडी में रात-दिन रखवाली करने को मजबूर हैं। पीआर किस्म के 85,726 क्विंटल धान में से हैफेड ने 68,525 क्विंटल ही खरीद की। किसान रोजाना मंडी में 35 से 40 हजार क्विंटल धान लेकर पहुंच रहें हैं।
पीआर धान रिजेक्ट होने से किसान लगा रहे चक्कर
पीआर धान की खरीद को लेकर किसान संतुष्ट नहीं हैं। किसानों के अनुसार, नमी और खरपतवार का हवाला देकर एजेंसी कई बार फसल खरीदने से इनकार कर देती है। इससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। खरीद में देरी के कारण मंडी में फसल की रखवाली की जिम्मेदारी भी किसानों पर बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर खरीद नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
नमी और खरपतवार के कारण खरीद में आ रही अड़चन
किसान सत्यवान, प्रमोद, विकास, रामनिवास और हरिभगवान ने बताया कि वे अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन नमी और अन्य खरपतवार का हवाला देकर खरीद नहीं की जाती। इससे उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी उपज की खरीद जल्द होगी, ताकि वे मंडी से फसल बेचकर अगली तैयारियों में जुट सकें।
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मानकों पर खरी फसल ही खरीदी जा रही : हैफेड
निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली फसल की खरीद की जा रही है। कई बार धान में नमी और खरपतवार होने के कारण खरीद नहीं हो पाती। किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके मंडी में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
ज्योति आर्य, प्रबंधक हैफेड गोहाना।
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- किसानों का आरोप नमी और खरपतवार का हवाला देकर खरीद से इनकार करने से इंकार कर रही एजेंसियां
- 6.28 लाख क्विंटल की आवक, हैफेड ने खरीदा सिर्फ 68,525 क्विंटल धान
- अनाज मंडी रोजाना 35 से 40 हजार क्विंटल धान लेकर पहुंच रहे किसान
फोटो :: 14
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। नई अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ गई, लेकिन खरीद में सुस्ती है। नमी और खरपतवार का हवाला देकर खरीद एजेंसियों ने 17 हजार क्विंटल फसल रिजेक्ट कर दिया। मंडी में अब तक 6.28 लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है, लेकिन पीआर धान को रिजेक्ट किए जाने से अन्नदाता अपनी ही उपज के बिकने का इंतजार करने और मंडी में रात-दिन रखवाली करने को मजबूर हैं। पीआर किस्म के 85,726 क्विंटल धान में से हैफेड ने 68,525 क्विंटल ही खरीद की। किसान रोजाना मंडी में 35 से 40 हजार क्विंटल धान लेकर पहुंच रहें हैं।
पीआर धान रिजेक्ट होने से किसान लगा रहे चक्कर
पीआर धान की खरीद को लेकर किसान संतुष्ट नहीं हैं। किसानों के अनुसार, नमी और खरपतवार का हवाला देकर एजेंसी कई बार फसल खरीदने से इनकार कर देती है। इससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। खरीद में देरी के कारण मंडी में फसल की रखवाली की जिम्मेदारी भी किसानों पर बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर खरीद नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
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नमी और खरपतवार के कारण खरीद में आ रही अड़चन
किसान सत्यवान, प्रमोद, विकास, रामनिवास और हरिभगवान ने बताया कि वे अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन नमी और अन्य खरपतवार का हवाला देकर खरीद नहीं की जाती। इससे उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी उपज की खरीद जल्द होगी, ताकि वे मंडी से फसल बेचकर अगली तैयारियों में जुट सकें।
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मानकों पर खरी फसल ही खरीदी जा रही : हैफेड
निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली फसल की खरीद की जा रही है। कई बार धान में नमी और खरपतवार होने के कारण खरीद नहीं हो पाती। किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके मंडी में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
ज्योति आर्य, प्रबंधक हैफेड गोहाना।