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एंबुलेंस खरीदी 67, इंश्योरेंस एक का भी नहीं
sonipat
Updated Mon, 08 Aug 2016 01:00 AM IST
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केजीएमयू के बाहर खड़ी एंबुलेंस
- फोटो : amar ujala
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दूसरों को नियमों को पाठ पढ़ाने वाले सरकारी अधिकारी खुद ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा खरीदी गई नई एंबुलेंस के साथ जुड़ा है। 2 करोड़ से ज्यादा पैसे खर्च कर पूरे प्रदेश के लिए खरीदी गई एंबुलेंस का विभाग इंश्योरेंस ही करवाना भूल गया है। जिसके कारण जिला अस्पतालों में सभी एंबुलेंस सफेद हाथी बनकर खड़ी हैं। जिसका असर सीधा मरीजों पर पड़ रहा है, जोकि परेशानी झेल रहे हैं। प्रदेश भर में अपनी समय सीमा से ज्यादा चलने और खराब एंबुलेंस के बाद आई कमी को पूरा करने के लिए 67 एंबुलेंस खरीदकर कमी को पूरा करने की कोशिश की थी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण खरीदी गई सभी नई एंबुलेंस का इंश्योरेंस करवाना भूल गए हैं। प्रदेश के लिए खरीदी गई एंबुलेंस में से जिले के लिए 4 भेजी गई हैं। नई एंबुलेंस के आने के बाद एक बार तो 102 के सभी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली थी। एंबुलेंस की कमी के कारण मरीजों को लाने और ले जाने में भारी परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा और समय पर मरीज को इलाज मिल सकेगा, लेकिन कागजात पूरे नहीं होने के कारण परेशानी कम नहीं हुई है। इसी कारण ये पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से सिविल सर्जन के दफ्तर के बाहर खड़ी हुई है। अधिकारी जल्द ही कागजात पूरे कर चलाने की बात कह रहे हैं।
क्या कहता है नियम
वाहन चलाने के लिए बनाए गए नियम के अनुसार सबसे पहले खरीदे गये वाहन का इंश्योरेंस वाहन खरीदने के बाद सबसे पहले करवाया जाता है। इंश्योरेंस के बाद ही आरसी के लिए फाइल आगे भेजी जाती है। जिसके बाद एक अस्थायी नंबर देकर वाहन भेज दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा खरीदी गई एंबुलेंस पर बनाए गए सबसे पहले नियम की पालना नहीं कि गई है और सभी जिलों में बिना इंश्योरेंस के ही एंबुलेंस भेज दी गई है।
किस जिले को कितनी मिली है एंबुलेंस
जिला एंबुलेंस
अंबाला 3
फरीदाबाद 2
फतेहाबाद 3
हिसार 2
झज्जर 4
जींद 7
कैथल 2
करनाल 8
कुरू क्षेत्र 1
मेवात 2
नारनौल 2
पलवल 4
पचंकुला 5
पानीपत 2
रेवाड़ी 3
रोहतक 3
सिरसा 7
सोनीपत 4
यमुनानगर 3
कुल 67
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 4 नई एंबुलेंस भेजी गई है। लेकिन एंबुलेंस के इंश्यारेंस न होने के कारण इन्हें चलाया नहीं जा सकता है। इंश्योरेंस के लिए शुक्रवार को एक कर्मचारी को चंडीगढ़ भेजा गया था। अब दोबारा सोमवार को इंश्योरेंस के लिए जाएगा और उसके बाद ही एंबुलेंस को चलाया जाएगा।
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- जेएस पुनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
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क्या कहता है नियम
वाहन चलाने के लिए बनाए गए नियम के अनुसार सबसे पहले खरीदे गये वाहन का इंश्योरेंस वाहन खरीदने के बाद सबसे पहले करवाया जाता है। इंश्योरेंस के बाद ही आरसी के लिए फाइल आगे भेजी जाती है। जिसके बाद एक अस्थायी नंबर देकर वाहन भेज दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा खरीदी गई एंबुलेंस पर बनाए गए सबसे पहले नियम की पालना नहीं कि गई है और सभी जिलों में बिना इंश्योरेंस के ही एंबुलेंस भेज दी गई है।
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किस जिले को कितनी मिली है एंबुलेंस
जिला एंबुलेंस
अंबाला 3
फरीदाबाद 2
फतेहाबाद 3
हिसार 2
झज्जर 4
जींद 7
कैथल 2
करनाल 8
कुरू क्षेत्र 1
मेवात 2
नारनौल 2
पलवल 4
पचंकुला 5
पानीपत 2
रेवाड़ी 3
रोहतक 3
सिरसा 7
सोनीपत 4
यमुनानगर 3
कुल 67
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 4 नई एंबुलेंस भेजी गई है। लेकिन एंबुलेंस के इंश्यारेंस न होने के कारण इन्हें चलाया नहीं जा सकता है। इंश्योरेंस के लिए शुक्रवार को एक कर्मचारी को चंडीगढ़ भेजा गया था। अब दोबारा सोमवार को इंश्योरेंस के लिए जाएगा और उसके बाद ही एंबुलेंस को चलाया जाएगा।
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- जेएस पुनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत