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Sonipat News: लुप्त होती कलाओं के संरक्षण करने वाले गुरु की 11 मई तक दें जानकारी
Thu, 07 May 2026 05:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 May 2026 05:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज की ओर से गुरु-शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत लुप्त होती लोक कलाओं एवं परंपरागत विधाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष पहल की गई है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना व नई पीढ़ी को पारंपरिक कला विधाओं से जोड़ना है।
उन्होंंने बताया कि योजना के तहत ऐसे गुरु जो दुर्लभ एवं पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण दे रहे हैं उनसे तथा उनके शिष्यों से संबंधित नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक विवरण जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में 11 मई दोपहर 3 बजे तक जमा करवाए।
योजना के तहत चयनित गुरु, संगतकार एवं शिष्यों को मासिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार गुरु को 7,500 रुपये प्रतिमाह, प्रति संगतकार को 3,750 रुपये प्रतिमाह तथा प्रत्येक शिष्य को 1,500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी।
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डीआईपीआरओ ने जिले के कलाकारों, लोक विधाओं से जुड़े गुरुओं एवं संबंधित संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र में लुप्त होती कलाओं का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं एवं उनके शिष्यों की जानकारी शीघ्र कार्यालय में जमा करवाए ताकि पात्र कलाकारों को इस योजना का लाभ दिलाया जा सके।
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सोनीपत। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज की ओर से गुरु-शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत लुप्त होती लोक कलाओं एवं परंपरागत विधाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष पहल की गई है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना व नई पीढ़ी को पारंपरिक कला विधाओं से जोड़ना है।
उन्होंंने बताया कि योजना के तहत ऐसे गुरु जो दुर्लभ एवं पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण दे रहे हैं उनसे तथा उनके शिष्यों से संबंधित नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक विवरण जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में 11 मई दोपहर 3 बजे तक जमा करवाए।
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योजना के तहत चयनित गुरु, संगतकार एवं शिष्यों को मासिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार गुरु को 7,500 रुपये प्रतिमाह, प्रति संगतकार को 3,750 रुपये प्रतिमाह तथा प्रत्येक शिष्य को 1,500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी।
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डीआईपीआरओ ने जिले के कलाकारों, लोक विधाओं से जुड़े गुरुओं एवं संबंधित संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र में लुप्त होती कलाओं का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं एवं उनके शिष्यों की जानकारी शीघ्र कार्यालय में जमा करवाए ताकि पात्र कलाकारों को इस योजना का लाभ दिलाया जा सके।