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Sonipat News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में किया प्रदर्शन
Tue, 05 Mar 2024 01:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्रामीण सफाईकर्मियों, ग्रामीण चौकीदारों एवं पंप ऑपरेटरों ने सोमवार को पंचायत भवन से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। यहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व संजय, राजेश, देशराज नैन, आनंद हुड्डा, सोना देवी, राजेश, आनंद शर्मा ने किया। कर्मचारी नेताओंं ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण चौकीदारों, ग्रामीण सफाईकर्मियों और पंप ऑपरेटरों को मोबाइल एप पर हाजिरी लगाने का फरमान जारी किया है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एप में दर्शाया गया है कि तीन दिन तक ऑनलाइन हाजिरी का सत्यापन ग्राम सचिव करेगा, उसके बाद गांव का सरपंच उस एप के माध्यम से मानदेय भुगतान की ऑनलाइन सिफारिश करेगा। सरपंच की सिफारिश के बाद सरकार ने जिस निजी बैंक के साथ करार किया है वह बैंक उपरोक्त कर्मियों एवं चौकीदारों का ऑनलाइन मानदेय भुगतान करेगा। यानी उपरोक्त कर्मियों के मानदेय का बिल बनाने का प्रावधान अब तक जो बीडीपीओ कार्यालय करता था, वह काम अब सरपंचों के माध्यम से करवाया जाएगा। इसका कर्मचारियों ने कड़ा विरोध जताया है।
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सोनीपत। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्रामीण सफाईकर्मियों, ग्रामीण चौकीदारों एवं पंप ऑपरेटरों ने सोमवार को पंचायत भवन से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। यहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व संजय, राजेश, देशराज नैन, आनंद हुड्डा, सोना देवी, राजेश, आनंद शर्मा ने किया। कर्मचारी नेताओंं ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण चौकीदारों, ग्रामीण सफाईकर्मियों और पंप ऑपरेटरों को मोबाइल एप पर हाजिरी लगाने का फरमान जारी किया है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एप में दर्शाया गया है कि तीन दिन तक ऑनलाइन हाजिरी का सत्यापन ग्राम सचिव करेगा, उसके बाद गांव का सरपंच उस एप के माध्यम से मानदेय भुगतान की ऑनलाइन सिफारिश करेगा। सरपंच की सिफारिश के बाद सरकार ने जिस निजी बैंक के साथ करार किया है वह बैंक उपरोक्त कर्मियों एवं चौकीदारों का ऑनलाइन मानदेय भुगतान करेगा। यानी उपरोक्त कर्मियों के मानदेय का बिल बनाने का प्रावधान अब तक जो बीडीपीओ कार्यालय करता था, वह काम अब सरपंचों के माध्यम से करवाया जाएगा। इसका कर्मचारियों ने कड़ा विरोध जताया है।
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