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एनएच 352ए के लिए अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे अफसर, किसानों ने भगाया
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राई। एनएच-352ए के लिए अधिग्रहित जमीन का कम मुआवजा मिलने के विरोध में बुधवार को किसान-भूमि बचाओ संघर्ष समिति मुरथल के बैनर तले धरना जारी रहा। इस दौरान मुरथल, देवडू , कुराड़ व जाहरी के किसान शामिल हुए व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने के लिए जब अधिकारी जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो किसान भड़क गए। उन्होंने अफसरों से जमीन का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की और वहां से टीम को लौटा दिया।
प्रधान जिले सिंह ने कहा कि सरकार उन्हें मुरथल की जमीन के लिए 1.24 करोड़ रुपये मुआवजा दे रही है। वहीं पट्टी जाटान (जटवाड़ा) की भूमि का मुआवजा तीन करोड़ 46 लाख रुपये दिया जा रहा है। इस भेदभाव को सहन किया जाएगा। भाकियू नेता प्रवीन कौशिक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 पूरे देश में लागू है। इससे पहले धरने पर समर्थन देने के लिए किसान सभा से श्रद्धानंद सोलंकी, भाकियू के जिला प्रधान रोहताश बैनीवाल, आप के प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर, खेड़ी दमकन से जगबीर देशवाल पहुंचे। इस दौरान सिविल सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राज सिंह दलाल, सतीश, राजेंद्र, प्रदीप, सुनील जोगेंद्र, प्रकाश आदि किसान मौजूद रहे।
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प्रधान जिले सिंह ने कहा कि सरकार उन्हें मुरथल की जमीन के लिए 1.24 करोड़ रुपये मुआवजा दे रही है। वहीं पट्टी जाटान (जटवाड़ा) की भूमि का मुआवजा तीन करोड़ 46 लाख रुपये दिया जा रहा है। इस भेदभाव को सहन किया जाएगा। भाकियू नेता प्रवीन कौशिक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 पूरे देश में लागू है। इससे पहले धरने पर समर्थन देने के लिए किसान सभा से श्रद्धानंद सोलंकी, भाकियू के जिला प्रधान रोहताश बैनीवाल, आप के प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर, खेड़ी दमकन से जगबीर देशवाल पहुंचे। इस दौरान सिविल सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राज सिंह दलाल, सतीश, राजेंद्र, प्रदीप, सुनील जोगेंद्र, प्रकाश आदि किसान मौजूद रहे।
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