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प्रोजेक्ट विद्याफल : झुग्गी बस्ती वासी और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले बच्चों के हाथ में थमा रहे किताब

Wed, 06 Apr 2022 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 12:51 AM IST
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Project Vidyaphal: Handing over books to slum dwellers and daily wage laborers
नए शैक्षणिक सत्र में दाखिले के लिए राजकीय स्कूल पहुंचे बच्चे। संवाद - फोटो : Sonipat
स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन के सदस्यों ने प्रोजेक्ट विद्याफल के तहत शिक्षा से वंचित झुग्गियों में रहने वाले, दिहाड़ी मजदूर व स्कूल छोड़ चुके बच्चों का नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में दाखिला दिलवाने का अभियान शुरू कर दिए हैं।
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फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर चल रहीं नि:शुल्क पाठशालाओं में करीब 450 विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र में इनमें से करीब 100 विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फाउंडेशन के संस्थापक नितिन जैन ने बताया कि 3 साल से जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाया जा रहा है। रोजाना शाम को पार्क की पाठशाला के माध्यम से शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास सिखाया जाता है। उन्होंने बताया कि 2 वर्षों से कोरोना वायरस के चलते बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ा है। संस्था ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को पार्क की पाठशाला के माध्यम से पढ़ाने का प्रयास किया। अब परिस्थितियां ठीक होने पर पाठशाला में पढ़ने वाले जो बच्चे स्कूल नहीं जाते, उनका दाखिला करवाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। इसमें विनोद जैन, रमेश जैन, प्रवीण जैन, बिट्टू जैन, मीनू अग्रवाल, प्रियंका, प्रेम, अभिषेक कामरा, हिमांशु, मोक्ष ग्रोवर, तान्या, युक्ति, आरती अपना योगदान दे रहे हैं।
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आधार कार्ड बनवाकर खुलवाए जा रहे खाते
नितिन जैन ने बताया कि राजकीय स्कूलों में दाखिला दिलवाने के लिए बच्चों के आधार कार्ड व बैंक खाते होने जरूरी हैं। संस्था के सदस्यों द्वारा रोजाना बच्चों को विभिन्न सरकारी स्कूलों में लेकर जाया जा रहा है। बच्चों के आधार कार्ड बनवाने से लेकर, बैंक खाते खुलवाने तक के लिए संस्था के सदस्य प्रयास कर रहे हैं। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही इन बच्चों का दाखिला करवाया जाएगा। नितिन जैन ने बताया कि जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं, उनके परिजनों से मिलकर उन्हें समझाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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