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Sonipat News: निजी बैंक पर लटका ताला, करोड़ों रुपये फंसने की आशंका में उपभोक्ता पहुंचे थाने

Sun, 26 Oct 2025 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 26 Oct 2025 01:32 AM IST
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Private bank locked, consumers rush to police station fearing loss of crores of rupees
फोटो :54: सोनीपत के गोहाना में बैंक पर ताला लगा होने के बाद एकत्रित शहरवासी। स्रोत पाठक
गोहाना । क्षेत्र के लोगों में उस समय हड़कंप मच गया जब शनिवार को एक निजी बैंक के दफ्तर पर ताला लटका मिला। लोगों का कहना था कि इस बैंक में उन्होंने एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये एफडी और आरडी में लगाए हैं। अब अचानक बैंक बंद होने से करोड़ों रुपये डूबने की आशंका सता रही है। घबराए लोग थाने पहुंचे और रुपये वापस दिलाने की मांग की।
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शहर में कुछ वर्ष पहले एक निजी बैंक खोला गया था। शुरुआत में बैंक ने अच्छी योजनाओं का प्रचार कर लोगों को लुभाया और एजेंटों के माध्यम से एफडी, आरडी और लोन जैसी सुविधाएं दीं। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी इसी बैंक में लगा दी। पिछले कई दिन से बैंक का दरवाजा अक्सर बंद मिलने लगा था।
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शनिवार को जब लोग अपनी किस्त या एफडी की रकम लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बैंक पर ताला लटका हुआ है। इस पर क्षेत्र के दर्जनों लोग एकत्र होकर शहर थाना पहुंचे और बैंक संचालक व एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी मेहनत की कमाई डूब सकती है।
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गांव गढ़ी उजाले खां निवासी बलजीत ने बताया कि उन्होंने 11 लाख रुपये एजेंट को दिए थे जिसने निजी बैंक में जमा कराने की बात कही थी। अब बैंक बंद है और कोई दस्तावेज भी उनके पास नहीं है। एपी माजरा के लोकेश ने बताया कि उन्होंने खुद और अन्य लोगों के करीब 32 लाख रुपये जमा कराए थे। 29 अक्तूबर को पैसे मिलने थे मगर अब बैंक बंद है।

एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए एफडी कराई थी लेकिन अब बैंक बंद होने से उनके सपनों पर पानी फिर गया है। पालाराम ने कहा कि वह तीन साल से हर महीने 10 हजार रुपये जमा कर रहे थे। अब सिर्फ तीन महीने बाकी थे, मगर बैंक के ताले ने नुकसान की आशंका बढ़ा दी है।

वर्जन

लोगों ने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि बैंक के मालिकों और एजेंटों से उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले गोहाना में इसी तरह का एक निजी बैंक भी अचानक बंद हुआ था, जिसमें भी करोड़ों रुपये फंस गए थे।
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