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हरियाणा: अंतरराष्ट्रीय फल, फूल और बागवानी मंडी का टेंडर रद्द करने की तैयारी, दोबारा तैयार होगा एस्टीमेट
Tue, 14 Jun 2022 08:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 14 Jun 2022 08:43 PM IST
सार
टेंडर रद्द हुआ तो मंडी को विकसित करने में एक से डेढ़ साल का समय लगेगा। हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड ने 2000 करोड़ का टेंडर लगाया था। हरियाणा की एक कंपनी ने 2450 करोड़ का टेंडर भरा जो आवंटित नहीं किया गया। सीएम के पास फाइल पहुंची तो दोबारा टेंडर लगाने के लिए कहा गया। अब दोबारा एस्टीमेट तैयार होगा। फिर टेंडर लगाया जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी, गन्नौर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के सोनीपत जिले में अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी के विकसित होने में क्षेत्र के लोगों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। मंडी के लिए लगाया गया टेंडर ज्यादा राशि का होने के कारण रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे मंडी को विकसित करने के लिए एक से डेढ़ साल का ज्यादा समय और लगेगा।
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हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से 2 हजार करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था। जिसमें महज एक ही कंपनी ने टेंडर भरा है। तय राशि से 450 करोड़ रुपये ज्यादा राशि होने के कारण टेंडर आवंटित नहीं किया जा सका। टेंडर के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास फाइल पहुंची तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोबारा टेंडर लगाने के लिए कहा है।
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गन्नौर में जीटी रोड के साथ 537 एकड़ में एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट को विकसित होने में अभी समय लगेगा। मार्केट परिसर में जलनिकासी के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कूड़ा प्रबंधन के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्ल्यूएमपी) व पेयजल की सुविधा के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाए जाने हैं। साथ ही मार्केट परिसर में 17 शेड बनाए जाएंगे, वाहनों के लिए पार्किंग व वर्कशॉप बनाई जानी है।
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इसके लिए हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से 2000 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था। हरियाणा की एक कंपनी टेंडर भर सकी, टेंडर की राशि ज्यादा होने के कारण काम आवंटित नहीं किया जा सका। बागवानी मार्केट में 17 बड़े शेड बनाए जाने हैं। इनमें पूरी तरह वातानुकूलित फूल मार्केट व मत्स्य मार्केट बनाई जाएगी।
इसके अलावा सेब का शेड, प्याज का शेड, टमाटर, आलू समेत डेयरी उत्पाद, फूल, फल व सब्जियों की मार्केट, किसान बाजार के लिए अलग शेड की व्यवस्था होगी। यहां पर विभिन्न राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी होनी है। साथ ही वाहनों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप भी बनाई जानी है।
वहीं बागवानी मार्केट के परिसर में सीवर लाइन व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। सीवर लाइन से जलनिकासी के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। साथ ही मार्केट व आवासीय कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए जलशोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) बनाए जाएंगे। साथ ही मार्केट से निकलने के कूड़े के प्रबंधन को लेकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्ल्यूएमपी) का निर्माण किया जाएगा।
10 एकड़ में बसाई जानी है सरकारी कॉलोनी
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट में काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग से 10 एकड़ में सरकारी कॉलोनी बसाई जानी है। अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें अधिकारियों के लिए बड़े क्वार्टर व कर्मचारियों के लिए अलग से क्वार्टरों का निर्माण किया जाना है।
किसान रेल चलने से 14 राज्यों से आएगा माल
अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी तक किसान रेल चलाने की योजना है। मंडी शुरू होने के बाद 14 राज्यों से माल मंगाया जाएगा। इसमें महाराष्ट्र से प्याज, अंगूर, अनार, केला, गुजरात से चीकू व केला, कर्नाटक से अदरक, अंगूर, आलू, अनार, मध्य प्रदेश से बेर, राजस्थान से किन्नू, संतरा व सब्जियां, छत्तीसगढ़ से सब्जियां, असम से अनानास, नींबू व अदरक, आंध्र प्रदेश से मौसमी, उत्तर प्रदेश से आम, अमरूद, लीची व सब्जियां, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से सेब, अनासपत्ती, आलूबुखारा, बिहार से लीची, अंगूर, मखाना, उत्तराखंड से आम, लीची, पंजाब के अलावा दिल्ली से भी सब्जियां आएंगी।
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट को विकसित करने के लिए अभी समय लगेगा। हरियाणा की एक कंपनी ने 2450 करोड़ रुपये का टेंडर भरा है। टेंडर राशि ज्यादा होने के कारण काम उस कंपनी को आवंटित नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने भी दोबारा टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। अब दोबारा एस्टीमेट तैयार किया जाएगा, फिर टेंडर लगा दिया जाएगा। - जेएस यादव, सलाहकार, हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड