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Sonipat News: जियो फेंसिंग के विरोध में 28 को 24 घंटे भूख हड़ताल की तैयारी
Sun, 17 Aug 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 17 Aug 2025 11:53 PM IST
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फोटो 03: सोनीपत के सेक्टर-14 में विधायक निखिल मदान को मांगपत्र सौंपते हरियाणा स्वास्थ्य विभाग अ
- फोटो : credit
सोनीपत। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग अधिकारी एवं कर्मचारी तालमेल कमेटी के पदाधिकारियों ने रविवार को जियो फेंसिंग एप के विरोध में सोनीपत विधायक निखिल मदान व राई विधायक कृष्णा गहलावत को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने विधायकों से मांग की कि विधानसभा सत्र में जियो फेंसिंग एप के विरोध में आवाज उठाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो 28 अगस्त को प्रदेशभर के सभी सिविल सर्जन कार्यालय में 24 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी।
कमेटी के जिला संयोजक डॉ. नितिन फलस्वाल ने बताया कि सरकार बिना किसी संसाधन या पूर्व सहमति के जबरन जियो फेंसिंग जैसी निजता भंग करने वाली प्रणाली को लागू कर रही है। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है बल्कि सुप्रीम कोर्ट की निजता संबंधी टिप्पणियों का भी उल्लंघन है।
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सह संयोजक टेकराम दहिया ने बताया कि सांकेतिक भूख हड़ताल के दौरान होने वाली किसी भी क्षति व परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की होगी। जब स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी पहले ही बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं तो जियो फेंसिंग एप से हाजिरी लगवाने की क्या जरूरत है।
यह एप कर्मचारियों की निजता का हनन करता है। यह एप केवल स्वास्थ्य विभाग में ही क्यों लागू किया जा रहा है।
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उन्होंने विधायकों से मांग की कि विधानसभा सत्र में जियो फेंसिंग एप के विरोध में आवाज उठाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो 28 अगस्त को प्रदेशभर के सभी सिविल सर्जन कार्यालय में 24 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी।
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कमेटी के जिला संयोजक डॉ. नितिन फलस्वाल ने बताया कि सरकार बिना किसी संसाधन या पूर्व सहमति के जबरन जियो फेंसिंग जैसी निजता भंग करने वाली प्रणाली को लागू कर रही है। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है बल्कि सुप्रीम कोर्ट की निजता संबंधी टिप्पणियों का भी उल्लंघन है।
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सह संयोजक टेकराम दहिया ने बताया कि सांकेतिक भूख हड़ताल के दौरान होने वाली किसी भी क्षति व परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की होगी। जब स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी पहले ही बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं तो जियो फेंसिंग एप से हाजिरी लगवाने की क्या जरूरत है।
यह एप कर्मचारियों की निजता का हनन करता है। यह एप केवल स्वास्थ्य विभाग में ही क्यों लागू किया जा रहा है।