हरियाणा: प्रदेश में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां पूर्ण, मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया- मंगवाई जा चुकी हैं ईवीएम
हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि न्यायालय से याचिका पर फैसला आते ही चुनाव की तिथियां घोषित कर दी जाएंगी। चुनाव करवाने के लिए गुजरात, राजस्थान व अन्य राज्यों से ईवीएम मंगवाई जा चुकी हैं।
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हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। यहां तक कि संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान भी कर ली है। अब कुछ पार्टियों द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका की तिथि 18 जनवरी निर्धारित की गई है।
उम्मीद है कि इस तिथि को न्यायालय का फैसला आ जाएगा। न्यायालय का फैसला आते ही जल्द चुनाव की तिथियां भी घोषित कर दी जाएंगी। वह गुरुवार को गोहाना के सोनीपत रोड स्थित सिंचाई विश्राम गृह में जिला प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से जिले की पंचायत व शहरों की वोटों और बूथों की जानकारी ली। साथ ही चुनाव को लेकर की गईं तैयारियों के बारे में भी पूछा। उन्हें संबंधित अधिकारियों ने उन्हें चुनाव की सभी जानकारी दी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को बूथों पर बिजली, पानी, शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने के आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रयोग की जाने वाली ईवीएमम गुजरात, राजस्थान व अन्य राज्यों से मंगवा ली हैं। चुनाव के दौरान सरकार द्वारा जारी कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करते हुए चुनाव करवाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चुनाव में खड़े होने वाले हर उम्मीदवार से शपथ पत्र लिया जाएगा, ताकि उनके आपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके।
चुनाव में भाग लेने वाली पार्टियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि आपराधिक रिकॉर्ड को वेबसाइट पर अपलोड करवाया जाए, ताकि मतदाताओं को भी पता हो कि जिसे वह वोट दे रहे हैं, उसका कैसा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव की घोषणा होगी, उसके साथ ही चुनाव संबंधी, प्रशिक्षण आदि प्रक्रिया जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने आवश्यकता अनुसार बैलेट पेपर की भी डिमांड करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ललित सिवाच, एसडीएम शशि वसुंधरा, आशीष वशिष्ठ, सहायक पुलिस अधीक्षक उपासना, नप के ईओ राजेश वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अपराध रोकने के लिए उठाएं विशेष कदम
मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि चुनाव के समय अपराध अधिक बढ़ जाता है। सबसे अधिक तनाव सरपंच पद के लिए होता है। ऐसे में उन्होंने एएसपी निकिता खट्टर को निर्देश दिए कि वह क्षेत्र में क्राइम को रोकने के लिए विशेष कदम उठाएं। शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए संवेदनशील बूथों पर नजर रखी जाए। संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष व्यवस्था करवाएं।
बूथों पर होगी हर व्यवस्था, गोहाना में छह बूथ हैं अतिसंवेदनशील घोषित
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि स्थानीय निकायों से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। प्रत्येक बूथ पर शौचालय, रैंप व पीने के पानी की संपूर्ण व्यवस्था रहेगी। उनके अनुसार गोहाना में 23 वार्डों के 46 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें छह बूथों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 14 बूथों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसी प्रकार गन्नौर के 17 वार्डों के लिए 35 बूथ बनाए गए हैं। इनमें 10 बूथों को अतिसंवेदनशील व 18 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। कुंडली में 15 वार्डों के लिए 16 बूथ बनाए गए है, जिनमें दो बूथों को अतिसंवेदनशील व 14 को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इसके अलावा जिले में 318 पंचायतों के चुनाव करवाए जाने हैं। इनमें करीब 3500 पंचों के चुनाव होंगे। वहीं जिले में 193 पंचायत समिति सदस्य और 24 जिला परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसके लिए 2500 बैलेट बॉक्स का प्रबंध किया गया है। करीब एक हजार बैलेट बॉक्स भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को आश्वस्त किया कि जिले में होने वाले चुनाव के संपूर्ण खर्च का अनुमान तैयार किया जा रहा है। संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की ही वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। प्रशासन ने एनआईसी पोर्टल पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी अपलोड कर दी हैं।