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गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की गिरफ्तारी के विरोध में किया हंगामा
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:49 AM IST
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सोनीपत में मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते गांव दातौली के ग्रामीण।
- फोटो : amarujala beuro
सांसद के गोद लिए आदर्श गांव दातौली में शराब ठेके का विरोध करने के चलते गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों पर मामला दर्ज करने व उन्हें गिरफ्तार करने के खिलाफ ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। इस मामले को लेकर बुधवार को मिनी सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने ठेकेदार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जेल में बंद महिलाओं की रिहाई की मांग की। एसपी ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बुधवार को मिनी सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांव के अड्डे पर शराब का ठेका खोला गया है। ठेका गांव के मुख्य मार्ग पर होने से महिलाओं व स्कूली छात्राओं को यहीं से निकलना पड़ता है। ठेके पर दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। वह आने जाने वाली महिलाओं व छात्राओं पर फब्तियां कसने से भी बाज नहीं आते। इसी को लेकर 22 अप्रैल को गांव की महिलाओं ने ठेके के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। उसके बाद ठेकेदार की पुलिस से मिलीभगत कर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को ही गिरफ्तार करा दिया। उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यहां तक की लूट तक आरोप लगाया गया है। गिरफ्तार की गई महिलाओं में गर्भवती महिलाएं के साथ कई वृद्धा भी शामिल हैं। ग्रामीणों ने एसपी को शिकायत देकर सभी महिलाओं को तुरंत रिहा करने की मांग की।
आबकारी विभाग को ठेका हटाने के लिए लिखा था पत्र
दातौली गांव में शराब के ठेके को हटवाने के लिए गांव की पंचायत लंबे समय से प्रयासरत है। ग्राम पंचायत ने 15 सितंबर, 2016 को गांव से शराब का ठेका हटवाने को लेकर प्रस्ताव पास कर बीडीपीओ गन्नौर के माध्यम से आबकारी विभाग को भेजा था। उसके बाद भी ठेका नहीं हटाया गया।
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आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
शराब का ठेका हटवाने का विरोध करने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है, लेकिन आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों को गिरफ्तार कहीं भी जायज नहीं है। यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
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बुधवार को मिनी सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांव के अड्डे पर शराब का ठेका खोला गया है। ठेका गांव के मुख्य मार्ग पर होने से महिलाओं व स्कूली छात्राओं को यहीं से निकलना पड़ता है। ठेके पर दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। वह आने जाने वाली महिलाओं व छात्राओं पर फब्तियां कसने से भी बाज नहीं आते। इसी को लेकर 22 अप्रैल को गांव की महिलाओं ने ठेके के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। उसके बाद ठेकेदार की पुलिस से मिलीभगत कर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को ही गिरफ्तार करा दिया। उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यहां तक की लूट तक आरोप लगाया गया है। गिरफ्तार की गई महिलाओं में गर्भवती महिलाएं के साथ कई वृद्धा भी शामिल हैं। ग्रामीणों ने एसपी को शिकायत देकर सभी महिलाओं को तुरंत रिहा करने की मांग की।
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आबकारी विभाग को ठेका हटाने के लिए लिखा था पत्र
दातौली गांव में शराब के ठेके को हटवाने के लिए गांव की पंचायत लंबे समय से प्रयासरत है। ग्राम पंचायत ने 15 सितंबर, 2016 को गांव से शराब का ठेका हटवाने को लेकर प्रस्ताव पास कर बीडीपीओ गन्नौर के माध्यम से आबकारी विभाग को भेजा था। उसके बाद भी ठेका नहीं हटाया गया।
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आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
शराब का ठेका हटवाने का विरोध करने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है, लेकिन आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों को गिरफ्तार कहीं भी जायज नहीं है। यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।