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Sonipat News: जिला बार एसोसिएशन में फिर बदला सत्ता समीकरण
Fri, 29 May 2026 10:04 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 29 May 2026 10:04 PM IST
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फोटो :: सोनीपत में बार प्रधान कमल हुड्डा के साथ अधिवक्ता। स्रोत बार एसोसिएशन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन में चल रहा कानूनी और सियासी संघर्ष एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के नए आदेश के बाद कमल हुड्डा ने पुन: अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। लगातार बदलते घटनाक्रमों ने बार की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है, जबकि शनिवार को प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
जिला बार एसोसिएशन का यह विवाद फरवरी 2025 में हुए चुनावों के बाद शुरू हुआ था। चुनाव में अनिल ढुल अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी कमल हुड्डा और तत्कालीन वरिष्ठ चुनाव अधिकारी अनूप दहिया ने चुनाव सामग्री से संबंधित बॉक्स चोरी होने के आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में चला गया और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष लगातार गहराता गया।
मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव न्यायाधिकरण ने कमल हुड्डा के पक्ष में निर्णय सुनाया था। इसके आधार पर 11 अप्रैल को कमल हुड्डा ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बार के आधुनिकीकरण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई फैसले लागू किए। इनमें ई-फाइलिंग मशीन की शुरुआत जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल थे, जिन्हें अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने सकारात्मक पहल बताया था।
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हालांकि 27 मई को घटनाक्रम अचानक पलट गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अनिल ढुल की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव न्यायाधिकरण के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद बार उपप्रधान सोनू भारद्वाज ने कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभाल लिया। इस दौरान कमल हुड्डा कार्यकाल में लिए गए कई फैसलों को वापस ले लिया गया। ई-फाइलिंग मशीन को बंद करने सहित अन्य प्रशासनिक निर्णयों में भी बदलाव किया गया था।
इंसेट
बीसीआई की कार्यकारी समिति ने स्थगित किया पूर्व आदेश
अब पूरे मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की कार्यकारी समिति ने 26 मई 2026 को जारी उस आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसके तहत उपप्रधान को अध्यक्षीय कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 28 मई को जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया कि 26 मई का आदेश बार काउंसिल ऑफ इंडिया की सामान्य परिषद से अनुमोदित नहीं था। ऐसे में उसे अगले आदेश तक प्रभावहीन माना जाएगा। साथ ही पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव न्यायाधिकरण के 11 अप्रैल को पारित आदेश को पुन: प्रभावी माना गया है। इस फैसले के बाद कमल हुड्डा ने दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।
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सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन में चल रहा कानूनी और सियासी संघर्ष एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के नए आदेश के बाद कमल हुड्डा ने पुन: अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। लगातार बदलते घटनाक्रमों ने बार की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है, जबकि शनिवार को प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
जिला बार एसोसिएशन का यह विवाद फरवरी 2025 में हुए चुनावों के बाद शुरू हुआ था। चुनाव में अनिल ढुल अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी कमल हुड्डा और तत्कालीन वरिष्ठ चुनाव अधिकारी अनूप दहिया ने चुनाव सामग्री से संबंधित बॉक्स चोरी होने के आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में चला गया और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष लगातार गहराता गया।
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मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव न्यायाधिकरण ने कमल हुड्डा के पक्ष में निर्णय सुनाया था। इसके आधार पर 11 अप्रैल को कमल हुड्डा ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बार के आधुनिकीकरण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई फैसले लागू किए। इनमें ई-फाइलिंग मशीन की शुरुआत जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल थे, जिन्हें अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने सकारात्मक पहल बताया था।
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हालांकि 27 मई को घटनाक्रम अचानक पलट गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अनिल ढुल की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव न्यायाधिकरण के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद बार उपप्रधान सोनू भारद्वाज ने कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभाल लिया। इस दौरान कमल हुड्डा कार्यकाल में लिए गए कई फैसलों को वापस ले लिया गया। ई-फाइलिंग मशीन को बंद करने सहित अन्य प्रशासनिक निर्णयों में भी बदलाव किया गया था।
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बीसीआई की कार्यकारी समिति ने स्थगित किया पूर्व आदेश
अब पूरे मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की कार्यकारी समिति ने 26 मई 2026 को जारी उस आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसके तहत उपप्रधान को अध्यक्षीय कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 28 मई को जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया कि 26 मई का आदेश बार काउंसिल ऑफ इंडिया की सामान्य परिषद से अनुमोदित नहीं था। ऐसे में उसे अगले आदेश तक प्रभावहीन माना जाएगा। साथ ही पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव न्यायाधिकरण के 11 अप्रैल को पारित आदेश को पुन: प्रभावी माना गया है। इस फैसले के बाद कमल हुड्डा ने दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।